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संचार क्रान्ति और झमेले …, क्या लेडिस मोबाइल रखने पर पाबंदी है?- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Tuesday, August 31, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 आज कृष्ण जन्माष्टमी है, इस शुभ अवसर पर पहले तो सभी ब्लागरों मित्रों को बधाई   ... अब चलते हैं आज की चौपाल की तरह और देखते हैं कि किसने अपने ब्लाग की बगिया में कौन का फूल खिलाया है।
कुछ दिनों से ब्लॉग परिवार से दूर सा रहा, व्यस्तता ने ऐसा घेरा है कि कतई समय नहीं दे पा रहा हूँ। सुबह-शाम लोगों का हुजूम देखता हूँ यहाँ न्यूयार्क में, लोग जो हर समय कुछ न कुछ पढ़ रहे हैं, कितनी भी भीड़ में...
हमने दो पहले माइक्रोमैक्स का एक मोबाइल क्यू 55 खरीदा। इस मोबाइल को देखकर हमारे एक मित्र ने कहा अबे यह तो लेडिस मोबाइल है। हमने कहा कि हमें मालूम है कि यह लेडिस मोबाइल है, लेकिन क्या इसको पुरुषों को रखने ...
मैं हूं शेरा*कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स का थीम सांग क्‍यों है रांग* आज यह समाचार सभी अखबारों में प्रकाशित हुआ है कि नहीं भाया रहमान का थीम सांग । आयोजकों को मान लेना चाहिए और सात दिन का एक खुला अभियान चलाना चाहिए। ...
नमस्कार...........आज हिंदी ब्लॉग जगत में ब्लॉग-वार्ता एक जानामाना नाम बन चुका हैं!! मैं ब्लॉग-वार्ता के साथ इसकी शुरुआत से जुड़ा हुआ हूँ परन्तु पिछले कई महीनो से मैंने वार्ता नही करी!! आज बहुत दिनों बाद वा...
तब माधव बोला ,"सर , मैं आपका आभारी हूँ कि आपने मुझ जैसे भिखारी का शहर के इतने बड़े अस्पताल में इलाज करवाया. मेरे जैसे इंसान तो ऐसा कभी सपने में भी नहीं सोच सकते. अब आप अपने बारे में कुछ बताइए ताकि मैं आपका...
खटीमा गोलीकाण्ड की 17वीं बरसी पर!” *प्राण देकर किया था जिन्होंने हवन। * *उन शहीदों को मेरा नमन है नमन।। * *दूर दुर्गम पहाड़ों के जो प्राण थे, * *देश की सरहदों के निगहेबान थे, * *सारी दुनिया से प्यारा जिनको...
सभी दर्शकों को ताऊ टीवी के चीफ़ रिपोर्टर रामप्यारे की सादर सलाम नमस्ते..आदाब और जो भी सम्मान सूचक शब्द आपने अपने लिये जो सोच रखें हों वो भी.... ताऊ टीवी की आज की ताजा खबर वो है जो परसों थी. और उससे भी बडी ...
सड़ता अनाज मंहगा पड़ा पवार को* भारत सरकार के गोदामों में सड़ते हुए अनाज को ग़रीबों में बांटने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सुझाव का नाम देना केंद्री...
कभी-कभी बेहद मामूली बातों के कारण बड़ी गलतियाँ हो जाती हैं। ऐसा ही कुछ इस बार हुया। गूगल कैलेण्डर में Repeat Annualy का विकल्प लागू न कर पाने की भूल के चलते 5 अगस्त को छींटे और बौछारें तथा रचनाकार वाले ...
मीनू खरे कहती हैं- खाली है इन्बॉक्स
पूरे ६९ मेसेज थे भरने में तीन महीने लगे थे खाली होने में ३ मिनट अब मोबाइल खाली है मेरे मन की तरह. 
कल जन्माष्टमी है. बंशीबजैया भगवान् कृष्ण का जन्मोत्सव. * *मेरे एक प्रख्यात गायक मित्र है. भारती बन्धु. कुछ महीने पहले वे मेरे घर आये और कहा कि 'आपको एक भक्ति-गीत लिखना है'. मैं भक्ति-गीत नहीं लिखता. भक्ति ...
(ये वो कहानी नहीं, जिसका जिक्र मैने अपनी पिछली पोस्ट में किया था....वो तो किस्तों वाली होगी...कुछ दिन चलेगी....यह भी थोड़ी लम्बी तो है..पर एक पोस्ट में ही समेट* दिया है ) .दोनों बच्चे शोर कर रहें हैं....
10.1 जहाँ तक सम्भव होगा- बड़े पैमाने पर कृषि योग्य जमीन का किसी भी और काम के लिये इस्तेमाल नहीं होने दिया जायेगा. (रिहायशी या औद्योगिक नगर बसाने के लिये चम्बल के बीहड़-जैसे बंजर भूखण्डों को विकसि...
पीपली लाइव देख ड़ाली। ना ही देखी जाती तो ठीक था। पर गल्तियां तो सभी से होती हैं। हो गयी हमसे भी। पर दाद देनी पड़ेगी अनुष्का की हिम्मत की । पहले तो आमिर को वश में किया फिर जैसे-तैसे जुगाड़ लगा बहुत सारे मंत्रि...
सोनिया गाँधी के निर्देश पर आंध्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस आर रेड्डी के गम में आत्महत्या करने वालों के परिजनों को एक लाख रुपये देने की घोषणा की है.ठीक ऐसी ही घोषणा आमिर खान की फिल्म पिपली लाइव में...
  अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

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बीवी बोली-खोल आँखें देख हिन्दुस्तान बेचा जा रहा है...-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, August 30, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
बस अब ज्यादा समय नहीं है हमारे पत्रिका खेलगढ़ का काम अंतिम चरण में है, इसके बाद हम ज्यादा समय दे पाएंगे अपने ब्लागर मित्रों के लिए... चलिए देखें कौन सा ब्लागर क्या कहता है---
 
 
बीवी बोली- मैं मर गई तो दूसरी शादी कर लोगे ?* ** ** *मैँ बोला-जो तुम मर गई तो मैँ पागल हो जाऊँगा* ** *और पागल का क्या है भरोसा,वो कुछ भी कर सकता है .* ** *-अमीर मुमकिन सहारनपुरी* ** *(यह त्रिपदी हिन्दी

मिल रही शिक्षा उदर पोषण का बस इक माध्यम है... कर्म से भी पूर्व फल की राह अब तकते नयन हैं... "स्व" का ही पर्याय बन जीवन बिताया जा रहा है... क्या प्रयोजन मातृभूमि के सजल चाहे नयन हैं... गर्व है किस बात का प...
 
कुछ पाडकास्ट रफ़्तार की मदद से सबसे पहले पेशे खिदमत है आहें ना भरी शिकवे ना किए और ना ही ज़ुबाँ से काम लिया....इफ्तार • रविवार सुबह की कॉफी और एक और क्लास्सिक अंदाज़ के दो • ओल्ड इस गोल्ड ई मेल के बहाने या...
 
मेरे छाता की यात्रा कथा, और ... सौ जोड़ी घूरती आंखें!!! मनोज कुमार लिंक – भाग-१ (बरसात का एक दिन) , भाग-२ (बदनसीब) , भाग-३ (नकारा) ४. नज़रिया आज सुबह की सैर से वापस आते समय पहले तो धीरे...
 
नमस्कार , हाज़िर हूँ एक ब्रेक के बाद ….सज गया है काव्य मंच और मंच पर सारी कविताएँ अपनी पात्रता निभा रही हैं …देखना यह है कि आपके मन के अनुरूप कौन सी रचना आपको भाती है …आज विशेष चर्चा में आपको मिलवा रही हू...
 
आज शाम को अपने शहर की सड़कों को नापने के नियमित क्रम में हमारी मुलाकात हमारे एक मित्र से हो गई जो मानदेय प्रवक्ता के रूप में पास के जिले के महाविद्यालय में कार्यरत हैं। (मानदेय प्रवक्ता के बारे में
 
एक हजार से अधिक स्कूली बच्चों ने लिया पर्यावरण बचाने का संकल्प* पर्यावरण को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में जनजागरण का एक विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत राजधानी
 
कविता बनाने बैठा था, मगर वक्त और आत्मउत्साह की कमी के कारण सिर्फ चार ही लाईने बन पाई ; किसने कब यह सोचा था, वक्त का ऐसा एक तकाजा होगा, अन्धेर लिये सारी नगरी होगी, अन्धों मे काना राजा होगा । महंगाई से त्रस्...
मैं कई दिनों से प्रतीक्षा कर रहा हूँ कि ; फिर कोई प्रस्ताव पटल पर रखा जायेगा, पर कोई प्रस्ताव नहीं आ रहा। इसलिए ऐसा लग रहा है कि मानो भारत में कोई समस्या ही ना हो । हालाँकि सामाजिक,राजनीतिक और आर्थिक समस्य... 
फिल्मी पर्दे को छोड़ दें, वह तो बहुत बड़ी बात है, टीवी के छोटे पर्दे पर भी अपना चेहरा दिखाने और खुद अवतरित होने के लिए आज की कन्याएं कुछ भी करने को आतुर और लालायित रहती हैं। पर क्या इसकी कल्पना भी की जा सकती...
 
उत्तमा की कामायनी की एक पेंटिंग
 
वन्दना द्वारा ज़ख्म…जो फूलों ने दिये 
अंतर्मन के सागर की अथाह गहराइयों में उपजी पीड़ा का दर्द छटपटाहट, बेबसी की जंजीरों में जकड़ी रिश्ते की डोर ना जाने कितनी बार टूटी और टूटकर बार- बार जोड़नी पड़ी इस आस पर शायद मोहब्बत को मुकाम मिल जाये और...
 
  आज 31 अगस्त को - यादों का इंद्रजाल वाले सुलभ जायसवाल - पंजाबी कविताएँ तथा ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੁਸ਼ਬੂ वालीं हरकीरत 'हीर' का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएँ *आने वाले **जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्रा...
 
 
 
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 

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तुम्हारी चैट, ये हल्दी लगा खत मेरा मुंह स्याह कर गया होता ...?-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Sunday, August 29, 2010

बिजली की आंख-मिचौली चल रही है, इसलिए सीधे चौपाल सजाते हैं....
सभी को नमस्कार करता है आपका राज
जी करता है तुम्हारी चैट का प्रिंट आउट निकाल कर सिरहाने रख लूँ, और पुराने खतों की तरह पढ़ूँ रोज सोते समय 
साँझ भयी फिर जल गयी बाती !* करण समस्तीपुरी *बहुराष्ट्रीय कंपनी के वातानुकूलित कार्यालयों में ऋतुओं की आर्द्र-उष्णता की अनुभूति कहाँ ? महानगरीय चकाचौंध बिजली की रंगोलियाँ सजती हैं.... लेकिन पल भर को...
ग्रीन पुलिस रोकेगी प्रदूषण* भारत सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए ग्रीन पुलिस बनाने जा रही है. इसका काम प्रदूषण को मापना और पानी में खतरनाक रासायनिकों को बहाए जाने से रोकना है. औद्योगिक विकास ...
9.1 देश के नागरिकों को तीन आयवर्गों में बाँटा जायेगा:- क) निम्न आयवर्ग- साठ हजार रूपये से कम वार्षिक आय/छ्ह एकड़ से कम कृषि भूमि (मैदानी भाग के हिसाब से) ख) मध्यम आय वर्ग- साठ हजार से...
ऐसी एक जवानी लिखना * *हर आँखों में पानी लिखना * *दुहराती हैं जिसको सदियाँ * *ऐसी कोई कहानी लिखना* *इंसां बन कर ही रहना है * *खुद को तू मत ज्ञानी लिखना* *देख ज़ुल्म को चीख जरा तू* *या जीवन बेमानी लिखन...
अपने दिल की उदासी को छुपा लूँ तो कुछ और कहूँ अपने लफ़्ज़ों से जज्बातों को बहला लूँ तो कुछ और कहूँ. अपनी साँसों से कुछ बेचैनियों को हटा लूँ तो कुछ और कहूँ धूप तीखी है, जिंदगी को छाँव की ...
अली कहते हैं- ये हल्दी लगा खत मेरा मुंह स्याह कर गया होता ...?
पता नहीं क्यों आज सुबह से एक खब्त सी तारी थी ! सो पुरानी फाइलें पलटते हुए चंद खत हाथों में अटक गये , बारी बारी से सबको पढते हुए पुराने दिन जेहन की पर्त दर पर्त जमा धूल से बाहर नमूदार होने लगे ! यही कोई प...
संगीता पुरी बता रही हैं- सबकी उम्र जानने के लिए हम आज एक मजेदार ट्रिक लेकर आए हैं !!
वैसे तो उम्र छुपाने के मामलों में सिर्फ महिलाएं ही बदनाम हैं , पर आजकल कई दफे पुरूषों को भी उम्र छुपाते देखा गया है। भले ही किसी मुसीबत में आते ही या अन्‍य ज्‍योतिषीय जिज्ञासा से हम ज्‍योतिषियों के सामने ल...
पूकलम (रंगोली) पिछले कुछ वर्षों से पूरे केरल की तरह हमें भी 'ओणम ' का उसी उत्साह से इंतज़ार रहता है क्यूंकि उस दिन मेरी सहेली 'राजी मेनन ' ओणासद्य' (ओणम का भोज) के लिए हमें, अपने घर बुलाती है. उसके घर के बा...
प्रिय मित्रों जैसा कि मैने आप सब से वादा किया था संस्‍कृत में लिखने का प्रशिक्षण प्रारम्‍भ करने का तो आपके समक्ष प्रस्‍तुत कर रहा हूँ इस कक्ष्‍या का प्रथम संस्‍करण । इस पाठ्यक्रम को पूरी मेहनत से और इ...
नक्सलवाद से बुरी तरह ग्रस्त छत्तीसगढ विकास की दौड़ मे नये-नये रिकार्ड स्थापित कर रहा है।ये हम नही,छत्तीसगढ सरकार नही बल्कि केन्द्र सरकार का सांख्यिकी विभाग कह रहा है।विकास की दौड़ मे उसने गुजरात और महाराष्ट्...
सतनाम धर्मसेना ने इस साल रावण नहीं जलाने का आह्वान करते हुए पर्चे बांटना शुरु किया है और इसके विरोध में कवर्धा के धर्मसेना खड़ी हो गई है। सतनाम धर्म सभा के अध्यक्ष केवल प्रकाश सतनामी के द्वारा वितरित पर्चे ...
रचना दीक्षित का- सूरजमुखी
सूरजमुखी बन के सूरजमुखी, तकती रही ताउम्र जिसे, वो मेरा सूरज नहीं किसी और का चाँद निकला. जब भी देखी तितलियाँ रंग बिरंगी उसने, दिल धड़का, उछला, मचला सौ बार निकला. मुझ पर न पड़ी मुहब्बत भरी नज़र उ...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

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आँसू से भीगा आँचल, गम भूलाने जिगर में होना चाहिए दम-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Saturday, August 28, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
हम आज एक कविता लिखने बैठे थे तब नहीं जानते थे कि आज ब्लाग जगत में कविताओं का अंबार है। जब चौपाल संजाने बैठे तो देखा कि बहुत से ब्लागर मित्रों ने कविता लिखी है, ऐसे में हमने चौपाल का आगाज कविताओं से किया है, इसके आगे भी बहुत कुछ है, हमने आज चर्चा करने वाले सभी चिट्ठों को भी लिया है। हमारी कोशिश सबको एकता के सूत्र में बांधने की है...... 
 
मैं लिये हाथ में बैठी आँसू से भीगा आँचल ! जब संध्या की बेला में उड़ती चिड़ियों की पाँतें, कर याद हाय रो पड़ती बीते युग की वो बातें, जब तुम मुझसे कुछ कहते मैं लज्जा से झुक जाती, मेरी अलकों की लड़ियाँ कानों 
 
सब जानते हैं पीने में है खराबी फिर भी न जाने कैसे बन जाते हैं शराबी क्या सच में गम भूला सकती है शराब कोई तो बताएं हमें भी जनाब हम कहते हैं शराब में नहीं इतना दम जो भूला सके किसी के भी गम गम भूलाने जि...
 
हम तो डूबे हुए अशआर हैं दर्द बिन ग़ज़ल बन नहीं सकते बहर मात्राओं की जुगलबंदी बिन मुकम्मल शेर बन नहीं सकते अब कौन पड़े जुल्फों के पेंचोखम में सनम गिर- गिर के दरिया में अब संभल नहीं सकते उजालों का सदा ही त...
 
ये जिंदगी तेरी याद में गुजरती रही किसी तरह तन्हा कटती रही तेरी जुदाई में थम गया वक्त जैसे मेरी सारी हसरतें सिसकती रही. दुनिया से दूर आशियाँ बनाया है........ जहाँ सिर्फ मै और तेरी यादें हैं तू आये न आये मलाल ...
 
यह दूरियों का सिलसिला कुछ इस तरह चला कभी वो खफा रहे, तो कभी हम खफा रहे रहते थे साथ-साथ मगर आज क्या हुआ कभी वो जुदा रहे, तो कभी हम जुदा रहे वादा जो कर लिया था हमने साथ देने का वो बेवफा रहे, तो हम भी बेव...
 
बारूद तो तुम्हारे सीने मे भी है, मेरे सीने मे भी... बस देखना ये है की चिंगारी पहले किसे छूती है...**------------------------------------------------------- * *रात के घर की रसोई की वो गोल खिड़की खोलो ना.....
 
अपने वक्त पर साथ देते नहीं यह कहते हुए हम थकते कहाँ है ये अपने होते हैं कौन? यह हम समझ पाते कहाँ है! दूसरों को समझाने चले हम अपनों को कितना समझा पाते हैं दूसरों को हम झांकते बहुत पर अपने को...
 
बस नहीं चलता मेरा इन स्साले…ट्रैफिक हवलदारों पर... "मेरा?...मेरा चालान काट मारा?...लाख समझाया कि कुछ ले दे के यहीं मामला निबटा ले लेकिन नहीं…पट्ठे को ईमानदारी के कीड़े ने डंक जो मारा था|...
 
ब्लागर जगत के मित्रों की शिकायत हो सकती है कि कई दिनों से अपने ब्लॉग में कुछ लिख क्यों नहीं रहा हूँ. कुछ व्यक्तिगत कारणों से व्यस्तता के चलते लिख नहीं पाया इसलिए मेरे बुद्धिजीवी मित्रों का ...
 
आप सभी पाठकों को मेरा नमस्‍कार ... बहुत तंग किया आज मुझे इंटरनेट ने , इसके बावजूद इस सप्‍ताह चिट्ठा जगत से जुडे नए चिट्ठों का ब्‍लॉग 4 वार्ता के मंच से स्‍वागत करते हुए मैं संगीता पुरी प्रस्‍तुत हूं , आपक..

नमस्कार , आज रविवार का दिन , यानि कि थोड़ा छुट्टी मनाने का मन …आराम आराम से काम करने का दिन …और मनोज जी तो छुट्टी पर ही चले गए …कोई बात नहीं ..उनकी तरफ से चर्चा ले कर मैं हाज़िर हूँ ..बस आज आप सबकी प्रविष...
 
(सभी से क्षमा याचना - ब्लॉगर की डेट सेटिंग में हुई भूल से यह पोस्ट कल की बजाए आज प्रकाशित हो गई है. इसे कल के लिए रीशेड्यूल तो किया है, पर पुरानी डेट पर प्रकाशित रीशेड्यूल्ड ब्लॉगर पोस्टें हटती नहीं.) ओह!...
 
आगरा ब्‍लॉगर मिलन : एक सचित्र रिपोर्ट
आप खुद ही पहचानें, नहीं पहचान पायें तो पूछ सकते हैं छत की टीन पुरानी उसको तड् तड् नहीं बजाओ................. आगरा में हुआ ब्‍लॉगर्स मिलनब्‍लॉगर्स मिलन 
 
दंतेवाड़ा में नक्सलियों की आड़ में लूट  यह प्रदेश के दमदार माने जाने वाले मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की दमदारी नहीं तो और क्या है कि जिस व्यक्ति का किसी भी सरकारी विभाग में सेवा नहीं है और जिसके संविलियन को हाईक...
 
हैदराबाद के निवासी श्री हरिप्रसाद, जिन्होंने भारतीय इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में हैकिंग कैसे की जा सकती है और वोटिंग मशीनें सुरक्षित नहीं हैं इस बारे में विस्तृत अध्ययन किया है और उसका प्रदर्शन भी किया 
 
जलवायु परिवर्तन की रोकथाम में स्कूली बच्चो की भूमिका पर जागरूकता कार्यक्रम* स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर समस्या के चलते जी...
 
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ई.टी.व्ही. छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी कार्य योजनाओं को विस्तार करने की दिशा में प्रयासरत है सूत्रों का कहना है कि शीघ्र ही वह अपनी मार्केटिंग लाइन तैयार करने की ...
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 

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प्रिय तेरी याद आई, लो कर लो कमाई : खबर खुशी की है आई : आप भी पढ़ लो ब्लॉगर भाई-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Friday, August 27, 2010

 सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
हम हैं अभी कुछ ज्यादा व्यस्त 
आप रहे ब्लाग चौपाल  देखकर मस्त
 
जब मौसम ने ली अंगड़ाई बदरी ने झड़ी लगाई सूरज ने आँखे चुराई तब,प्रिय तेरी याद आई। जब अपनो ने की बेवफ़ाई पवन ने अगन लगाई घनघोर अमावश छाई तब,प्रिय तेरी याद आई जब, निर्धनता बनी ठिठोली कर्कश हुई मीठी बोली सपनो ने ...
 
हिन्‍दी ब्‍लॉग से कमाई का आंकड़ा
 
मेरा मानना है नये नये प्रयोग करते रहने चाहिये इससे जिज्ञासा और कुछ नया पाने की उम्मीद बंधी रहती है और कहने वाले कह गये हैं, उम्मीद में दुनिया कायम है या यूँ कह लीजिये उम्मीद में भारत टिका है और अनुराग के श..

सुबह सुबह मॉर्निंग वाक पर जाता हूँ। सवा से डेढ़ घंटे की हमारी सैर होती है। जिस दिन जैसा स्‍पीड रहा। कभी ब्रिस्‍क वॉक, तो...
 
इसे माया की विडम्बना कहें या विडम्बना की माया, चकाचौंध से भरी फैशन और खूबसूरती की दुनिया के पीछे भी जो माया रची जाती है उसमें बाज़ार का एक बना बनाया फ़ॉर्मूला काम करता है। हमारे लिए इस माया कि विडम्बना यह 
 
भगवाधारियों से सावधान! देश के सर्वोच्च पदधारी मंत्री जी सावधान कर रहे हैं तो सावधान तो होना ही पड़ेगा। एक बार पहले भी चेताया गया था और कोई नहीं माना तो बम धमाके हो गये। देश में किस तरह की स्थिति बनती जा ...
 
जलवायु परिवर्तन की रोकथाम में स्कूली बच्चो की भूमिका पर जागरूकता कार्यक्रम * *आमंत्रण * ** बहनो एवं भाईयों , नमस्कार , जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्य...
 
मौत तू भी बड़ा लंबा सफ़र तय करवाती है खुद तक पहुँचने को... तुझ तक पहुँचने का रास्ता इतना खूबसूरत है तो तू कितनी खूबसूरत होगी... ----------------------------------------------- मेरे इश्क़ के कुछ टुकड़े अब ...
 
जब मन्दिर-मस्जिद जलते हैं, मैं तब-तब पागल होता हूँ।* *जब जूते - चप्पल चलते हैं, मैं तब-तब पागल होता हूँ।।* *त्योहारों की परम्परा में, जो मज़हब को लाये,* *दंगों के शोलों में, जम कर घासलेट छिड़काये,* *जब भाष...
 
देश दिखता मुझे बहुत बीमार है........... (प्रो. सी.बी. श्रीवास्तव ‘विदग्ध‘ ओ.बी. 11 एम.पी.ई.बी. कालोनी, रामपुर, जबलपुर म.प्र. ) है बुरा हाल मंहगाई की मार है, देश दिखता मुझे बहुत बीमार है। गांव की हर गली झो...
 
जलम्यो केवल एक बर, परणी एकज नार | लडियो, मरियो कौल पर, इक भड दो दो बार || उस वीर ने केवल एक ही बार जन्म लिया तथा एक ही भार्या से विवाह किया ,परन्तु अपने वचन का निर्वाह करते हुए वह वीर दो-दो बार लड़ता हुआ ...
 
बेलफास्ट(यू.के.) में पहले हिन्दी कवि सम्मलेन की झलकियाँ और अन्य तस्वीरें-------->>>दीपक मशाल
आज सोच रहा था कि जैसा आपसे कल कहा था कल रात के कवि-सम्मलेन की रिपोर्ट दे दूँ आपको.. लेकिन लगता है कि आज शाम से पहले समय नहीं मिल पायेगा.. तब तक कवि सम्मलेन की झलकियाँ और अन्य तस्वीरें देखिएगा... महेंद्र अज...
 
बात पिछले नवरात्र की है , मेरी छोटी बहन को कंजिका पूजन के लिए कुछ बच्चियों की जरूरत थी। इन दिनों में कंजिका ओं की संख्या कम होने के कारण मांग काफी बढ़ जाती है। मुहल्‍ले के सारे घरों में घूमने से तो अच्‍छा...
 
(१) *प्रदूषण के कितने प्रकार* पूछना न कभी किसी से यार भौतिक, शारीरिक या चारित्रिक हर कोई प्रदूषण झेल रहा है कुछ दूसरे पर ठेल रहा है (२) सरकार बनाती है योजनायें तय करती है एक समय सीमा हम जो ठहरे आलस ...
 
सौ सौ चुहे खा के बिल्ली, हज़ को जा रही है। क्रूरता आकर करूणा के, पाठ पढा रही है। गुड की ढेली पाकर चुहा, बन बैठा पंसारी। पंसारिन नमक पे गुड का, पानी चढा रही है। कपि के हाथ लगा है अबतो, शांत पडा वो पत्थर। शां...
 
 
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 

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गलत हाथों में कैसे अवार्ड जाने देते भाया-इसलिए डोपिंग के दोषी का अवार्ड छिनवाया -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, August 26, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
हमारे लिए कल का दिन खुशी का रहा क्योंकि हमारी एक मुहिम को सफलता मिली और हमने राज्य के एक पुरस्कार को गलत हाथों में जाने से रोक दिया। अब पुरस्कार सही हाथों में जाएगा। बहरहाल चले देखे आज कौन का ब्लागर क्या कहता है....

*हमारी सक्रियता से सही खिलाड़ी को मिला पुरस्कार * प्रदेश के खेल पुरस्कारों में इस बार शहीद कौशल यादव पुरस्कार डोपिंग के एक दोषी खिलाड़ी सिद्धार्थ मिश्रा को दे दिया गया था। लेकिन हमारी सक्रियता के कारण अंत...
8.1 साठ हजार से दो लाख रूपये तक की वार्षिक आय पर क्रमशः 1 से 15 प्रतिशत का व्यक्तिगत आयकर लिया जायेगा (जैसे- साठ हजार पर 1 प्रतिशत, सत्तर हजार पर 2 प्रतिशत, अस्सी हजार पर 3 प्रतिशत....... इसी...
शादी के लिये कुछ दोस्त फ़ार्मेलिटी के लिये कभी-कभार फ़ोर्स करते है मगर कुछ दोस्त हमेशा ही शादी करने की बजाय मुझे खुशनसीब होने की गलतफ़हमी बनाये रखने मे मदद करते आये हैं।ऐसे ही एक दोस्त ने मुझे एसएमएस के जरिय...
 
कॉमस्कोर इंक का सर्वे : अब जीमेल से फोन* * डायचे वेले जर्मनी की रिपोर्ट * डायचे वेले जर्मनी ने एक सर्वे के आधार पर जानकारी दी है कि अब भारत में भी फेसबुक नंबर व...
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दोपहर में बिलासपुर जिला स्तर पर इलेक्ट्रानिक मीडिया के सभी सदस्यों ने मिलकर संघठन को अमली जामा पहनाने के उद्देश्य से बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन में एक मीट...
ठाकुर गंगा सिंह दांता के ज्येष्ठ पुत्र केशरी सिंह के निसंतान निधन हो जाने के बाद ठाकुर गंगासिंहजी की मृत्यु के बाद उनके द्वतीय पुत्र मदनसिंह जी दांता ठिकाने की गद्दी के स्वामी बने | मदन सिंह जी का जन्म चेत...
ऐसे ही सरे राह चलते कुछ पंक्तियाँ मन में आगईं तो उन्हें मन में दबाया ना गया.. हिन्दुस्तान के गरीबों का सा हस्र ना किया गया उनका मुझसे.. लेकिन आखिरी पंक्तियाँ समझ नहीं आयीं कि कौन सी बेहतर रहेंगीं इसलिए जो ...
छवि गूगल से साभार , कार्टून को बड़े आकर में देखने के लिए कृपया उस पर क्लिक करे ! 
जैसा देश वैसा भेष यह कहावत तो आपने जरुर सुनी होगी पर एक बात की और गाठं बांध लें, जहां भी रहते हैं वहां की भाषा जरूर सीख लें और कोशिश करें कि स्थानीय लोगों से उनकी ही भाषा में बात कर सकें। पता नहीं आप की कि...
महेन्द्र मिश्र कहते हैं- इंसान मन से दरिद्र होता है ...
कहा जाता है की *दरिद्र इंसान का मन बहुत छोटा* होता है और उसकी वृत्तियाँ और सोचने की क्षमता बहुत ही छोटी होती है . हम धनहीन को दरिद्र नहीं कह सकते है वरन भावहीन जरुर दरिद्र होते हैं . एक व्यापारी एक महानगर ...
जानने की उत्‍कंठा जाग गई है तो आज चार बजे मेरी चौखट पर आपका स्‍वागत है। चौखट पर आइये और जानिये कि कौन हैं हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग के बाबा रामदेव। तब तक आप कयास लगा सकते हैं। इन कयासों को टिप्‍पणी के तौर पर नीचे...
भाई बहन का प्यार संसार की अमूल्य निधि है ।इस निधि का प्रतिदान सम्भव नहीं ।उस अनुभूत प्रेम के लिए शब्द ढूँढ़े नहीं मिलते । डॉ भावना कुँअर ने अपने भाव इस प्रकार व्यक्त किए*** *सुलझा देता** * *उल...
इन दिनों पूरे देश में यह बहस चल रही है कि सांसदों के वेतन भत्ते बढऩा चाहिए या नहीं बढऩा चाहिए। हमने आम आदमियों के बीच यह सवाल उठाया तो अब तक हमें एक भी व्यक्ति नहीं मिला जिन्होंने सांसदों के वेतन भत्तों में ...
मैं देखती हूँ कि अक्‍सर लोग शहर से बाहर जाने पर या काम की व्‍यस्‍तता के कारण ब्‍लाग पर सूचना देते हैं कि हम इतने दिनों के लिए बाहर हैं या फिर व्‍यस्‍त हैं। ब्‍लागिंग के प्रारम्भिक दिनों में मुझे समझ नहीं आ...
स्वतंत्रता दिवस की ही भांति रक्षा-बंधन के अवसर पर भी मैंने *‘ऑरकुट ’* एवं * ‘फेसबुक’* के अपने साथियों को शुभकामनाएं दी। हालांकि रक्षा-बंधन के अवसर पर मंगल-कामना करते हुए मेरे मन में एक संकोच बना हुआ था। मु...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

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कांग्रेस-भाजपा में सांठ-गांठ, डोपिंग के दोषी को अवार्ड- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Wednesday, August 25, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
कल मन कुछ अच्छा नहीं था, इसलिए चर्चा नहीं कर पाए। ऐसा पहली बार हुआ कि हम एक दिन चर्चा से चूक गए। खैर चलिए देखें आज किस ब्लागर मित्र ने क्या लिखा है.....
 
परमाणु दायित्व विधेयक को लेकर कांग्रेस-भाजपा में सांठगांठ को लेकर लालू-मुलायम और वाम दलों ने खूब हंगामा किया। इस सांठ-गांठ के चलते गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को बचाने का भी आरोप है? क्या सचमुच 
 
डोपिंग में दोषी पाए गए भिलाई के भारोत्तोलक को शहीद कौशल यादव पुरस्कार दिए जाने के बाद अब मामला सामने आने पर इस खिलाड़ी के स्थान पर दूसरे खिलाड़ी को पुरस्कार देने की तैयारी में खेल विभाग जुट गया है। खेल विभाग
 
7.1 चरणबद्ध तरीके से देश के प्रत्येक नागरिक (राष्ट्रपति महोदय से लेकर किसी आश्रम के महन्त तक) से उनकी आय, आय के स्रोत तथा उनकी व्यक्तिगत चल-अचल सम्पत्ति की घोषणा करवाई जायेगी और इस दौरान पायी...
 
ऑंच – 32 : पर संगीता स्वरूप जी की कविता 'चक्रव्यूह' हरीश प्रकाश गुप्त  जीवन के दो पक्ष हैं। एक उज्जवल पक्ष है जो मन की प्रसन्नता, खुशी, सफलता और रंजित अभिव्क्ति को अभिव्य...
 
"एक...दो...तीन....बारह...पंद्रह...सोलह... "ओफ्फो!…कितनी देर से आवाज़े लगा लगा के थक गई हूँ लेकिन जनाब हैँ कि अपनी ही धुन में मग्न पता नहीं क्या गिनती गिने चले जा रहे हैँ”बीवी अपने...
 
पर्यावरण जागरूकता अभियान जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या है इससे निपटने के लिए तरह तरह के उपाय किये जा रहें है ,इसी कड़ी में रायपुर जिले में स्कूली बच्चो को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है . जा...
 
पाँच ही दिन हुए उसे ब्याह कर …… आज जा रही हे पगफेरे के लिए अपने पीहर ……. गहनों से लदी चुनरी में लिपटी .... कितनी खुबसूरत लग रही है इसकी मुस्कुराहट होठों पर …. चली जा रही है सिमटी सी ……. और मैं कर रहा हूं इसक...
 
एक सप्ताह बाद फिर एक नई ग़ज़ल के साथ हाज़िर हूँ. देखें, शायद जमे सुधी पाठकों को.* *और क्या मिलना था मुझको और क्या मिल जाएगा* *तुम चले आओ तो मुझको हौसला मिल जाएगा* *खोजता मैं फिर रहा था एक दिन भगवान् को 
 
अभिनेत्री दिव्या दत्ता केवल एक अच्छी अभिनेत्री ही नही बल्कि वो लेखिका भी अच्छी हैं.इसका पता उस समय चला जब फ़िल्म ''लाइफ एक्सप्रेस'' की शूटिंग चल रही थी, और फ़िल्म का आखिरी शॉट था, बहुत ही भावुक संवाद बोल...
 
ताऊ टीवी के इस विशेष बुलेटिन में मैं कल्लू मदारी आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. इस विशेष बुलेटिन में मेरे साथ साथ ताऊ और ताई भी बधाई देने के लिये विशेष रूप से मौजूद हैं. आप सोच रहे होंगे कि ये ताऊ के साथ आ.
 
आज, 25 अगस्त को उड़न तश्तरी वाले समीर लाल की वैवाहिक वर्षगांठ है। बधाई व शुभकामनाएँ आज पं. डी. के. शर्मा 'वत्स', अशोक सिंघई का जनमदिन भी है। *आने वाले **जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्
 
 
साल के शुरू में तबियत खराब हुई, पुरे शरीर में दर्द और हल्का बुखार था. पहले भी एक-दो-बार हुआ था, तब फैमिली डॉक्टर को दिखाया था, दवाई ली थी और ठीक हो गए थे. लेकिन इस बार दर्द जा ही नहीं रहा था, यूरिक एसिड क...
 
मैथिलीशरण जी गुप्त प्रसिद्द साहित्यकार थे . वे चिरगांव,झांसी के रहने वाले थे . साहित्यजगत के प्रकाश पुंज थे और देश के पंडित जवाहर लाल जी नेहरू जी उनके प्रशंसक थे . मैथिलीशरण जी गुप्त को राज्य सभा के लिए ना...
 
जिगोलो पर पिछले हफ्ते एक टीवी चैनल ने स्टोरी की थी. जिगोलो को सीधे शब्दों में पुरुष वेश्यावृत्ति कह सकते हैं. छम्मकछाल्लो को 4 साल पहले इसी विषय पर लिखी अपनी एक काहनी याद आई- "ला ड्रीम लैंड". यह कहानी 'हंस...
 
 
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  अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 

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आज है रक्षा बंधन का त्यौहार-अमर रहे भाई-बहन का प्यार-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, August 23, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज

आज रक्षाबंधन है, हमें भी अपनी बहनों के घर भाटापारा जाना है, ऐसे में सोचा चलो आज सुबह-सुबह चौपाल सजा लेते हैं। वैसे अपने घर जाने से पहले एक पत्रकारवार्ता में भी जाना है। समय कम है चलिए देखे आज किस ब्लागर ने क्या लिखा है.... 
यूँ कलाइयाँ तो हैं कई, पर मानव मन, ढूंढता है वही, जो खो गया कहीं 
राखी तो बहन भाई की जज़्बात-ए-निशानी है फूलों सी महकती हुई प्यारी सी कहानी है भाई-बहन का प्रेम है कुदरत की एक नज़्म धारा सी अविकल है यह, गीतों सी रवानी है क़यामत तक ताउम्र ही चलता रहे यह प्यार इंसान की ...
आज राखी के पावन पर्व पर अपनी प्यारी छोटी बहिन रानी(गार्गी) और सृष्टि के अलावा सारी बड़ी बहिनों(दीदियों) अदा दी, रश्मि रवीजा दी, लता हया दी और शिखा वार्ष्णेय दी का सादर चरण वंदन.. और आप सबको भी प्रेम के...
यह एक और शनिवार की रात थी, हमेशा की तरह, राहुल देर रात को आया था. अपने दोस्तों उसे उसकी बस्ती के कोने पर छोड़ दिया! उसने मोबाइल में देखा, ३.३० बज रहे थे! राहुल ने दरवाजा खटखटाया. उसके पिता ने दरवाजा खोला!...
सावन में सैयां के लिए और भादों में भैय्या के लिए मेहंदी लगानी चाहिए...इससे प्यार बढ़ता है.  ऑफिस और घर की कवायद के बीच एक बहन कहाँ तक बची रह पाती है मालूम नहीं...वो भी तब जब तबीयत ऐसी ख़राब हो कि गाड़ी चलान...
इस रक्षा बंधन पर विशेष ! प्यारे रहीम, तुम्हारे खत का मजमून पढ़ कर दुःख तो मुझे भी होता है, समाज में अविश्वास और नफरत की जैसी आँधी आई है उसे देख दिल मेरा भी बहुत रोता है ! पर क्या करूँ मेरे दोस्त जब विश्...
छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार ओंकारदास मानिकपुरी ने इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचा दिया है। आमिर खान की हालिया रीलीज फिल्म पीपली लाइव में नत्था की भूमिका निभाने वाला यह कलाकार समूचे देश में ही नत्था के नाम...
कई दिन पूर्व एक खास कार्यक्रम के लिए दूसरे शहर में जाना हुआ , पर जाने के बाद ही कार्यक्रम के रद्द होने की सूचना मिली। वैसे सामान्‍य तौर पर टी वी देखने की मेरी आदत नहीं, कितने दिन पहले मैं टी वी के सामने बै...
अपना पता भूलती नहीं उसका पता मिलता नहीं नगरी नगरी , द्वारे द्वारे खोजती फिरूँ प्यारे को पर उसका ठिकाना मिलता नहीं कमली बन कर डोलूँ मन के वृन्दावन में खोजूँ सांझ सकारे प्रीतम प्यारे दर्शन को तरसे नैना...
इतिहास लेखन शुरू से ही एक अत्यंत ही विवादस्पद मुद्दा रहा है। प्राचीन भारत में भी इतिहास लेखन के अनेक सफल प्रयास हुए हैं और उसी समय से इस बात पर जोर दिया जाता रहा है कि इतिहास लेखन को वैज्ञानिक आधार दिया ज...
सहज साहित्य में शीर्षकहीन
 
हरदीप जीवन एक कला है । साहित्य उसी का सहज मार्ग है । सम्पूर्ण विश्व सुखी हो , यही सच्चे मानव का प्रयास होना चाहिए। रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' 
कोफ्त होती है, झल्लाहट और आक्रोश से मन भर जाता है, जब अपनी बिरादरी के लोगों को बार-बार बचकाना गलती करते देखता हूं। इसलिए नहीं कि ये गलती करते हैं, क्योंकि गलती किसी से हो सकती है। दुख तो इस बात का है कि आज...
  अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

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एक डायरी का दर्द..., तोर बिन सजनी नींदे नई आवय, कईसे गुजारंव रात .-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Sunday, August 22, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज   

सप्ताह का पहला दिन है आज और फिर कल है रक्षाबंधन का त्यौहार, सभी के लिए यह सप्ताह सुशद रहे यही कामना करते हैं और आज की चर्चा का आगाज करते हैं....
पीपली लाईव क हीरो ओंकार दास उर्फ नत्‍था, फिल्‍म के प्रमोशन के बाद भिलाई वापस आने पर अपनी पत्‍नी से फिल्‍मी स्‍टाईल में मिलते हुए. *निवेदन : शीर्षक को पढने के बाद .... रघुवीर यादव का डायलाग याद मत करिए . ...
काफी लम्बी है पर कुछ ऐसा था दिमाग में जो लिखता ही रहा...लम्बाई के लिए माफ़ी चाहूँगा... मुझमें जान नहीं, पर किसी की उम्र का एक टुकड़ा चखती हूँ... कोरे काग़ज़ों, कुछ गीले पन्नों को खुद में सम्हाले रखती हूँ...
आओ बात करें बस हिन्दुस्तान की ज्ञानचन्द ’मर्मज्ञ’ बनारस की रसमयी धरती के सपूत श्री ज्ञानचंद मर्मज्ञ समकालीन कविता में एक अमूल्य हस्ताक्षर के रूप में उभरे हैं। जन्म से भारतीय, शिक्...
आज की सबसे पहली चर्चा हाजिर है …………आज का सबसे बडा सच भी तो यही है जिसने लोगों का जीना दुश्वार किया हुआ है तो क्यों न इसी से शुरुआत की जाये…………… *कॉमनवेल्थ खेल* कभी प्यार का इंटरव्यू देखा औ...
आज, 23 अगस्त को मुझे कुछ कहना है वालीं नीलिमा सुखीजा अरोड़ा का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएं *आने वाले ** जनमदिन आदि की जानकारी अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें अपने मोबाईल फोन पर **SMS ...
संजय सेन सागर कहते हैं- असुविधा के लिए खेद है ,बहुत जल्द नए रूप में मिलते है
हिन्दुस्तान का दर्द को तकनीकी एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कुछ सुधार किये जा रहे है जिस वजह से नियमित लेखन में कुछ व्यवधान पड़ रहा है जिसके लिए हमें खेद है.. अगर आप हिन्दुस्तान का दर्द को तकनीकी एव...
sadhu_with_mobile_phone-afp] "हैलो!…इज़ इट...+91 804325678 ?”... "जी!..कहिये"... "सैटिंगानन्द महराज जी है?"… "हाँ जी!...बोल रहा हूँ..आप कौन?" "जी!…मैँ...
 
कुछ ब्लाँगर साथियोँ ने ईमेल किया और शिकायत कि है कि उनके चिट्ठे को अभी तक चिट्ठा संकलक चिट्ठाप्रहरी मे शामिल क्यो नही किया गया है । हो सकता है कि आपका ब्लाँग चिट्ठाप्रहरी पर हो और उसके सामने NO DETA FOUND ...
आज 22 अगस्त को व्यंग्य सम्राट स्व. हरिशंकर परसाई का 86 वा जन्मदिवस है, आइये उनकी याद में उनकी कुछ रचनाओं से कुछ उद्धरण पढ़ते हैं।* 1.इस देश के बुद्धिजीवी शेर हैं,पर वे सियारों की बरात में बैंड बज...
प्यार में मिली तेरी हर रुसवायी पे जान जाती रही * *जो भी तूने दे दिया, तेरा तोहफा समझ मुस्कुराती रही * * * *हर मोड़ पे तेरी नज़दीकियाँ हाथ मुझसे छुड़ाती रही * *हर फांसले की आहट मेरे अरमानों...
परिणिति हम यानि मैं और तुम कितने खुश थे मैं मदमस्त तुम आश्वस्त तुम सदा ही अपनी बाहें फैलाए मैं उनमें लिपटती, झूलती,फिसलती उनके बीच से निकलती सारा सारा दिन अठखेलियाँ करती कभी दूर जा बैठती...
माह सितम्बर १९८२ की कोई तारीख रही होगी जबकि मैं उससे मिला था , बाज़ार से गुजरते हुए एक मित्र नें उससे परिचय करवाया , तब वो अपने टेंट हाउस व्यवसाई मित्र की दुकान में बैठा हुआ था , बड़ी गर्मजोशी ...
पता नहीं बेटा... बेटा- संगठन चुनाव में मोती लाल वोरा ने बाकी कांग्रेसियों को चारोखाने चित कर दिया। पिताजी- हां बेटा। वोरा जी के सामने बाकी कोई लगते कहां है। सालों से उन्हीं का कब्जा है बेटा- तो क्या छत्तीसग...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 

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अभिमान के मद में डूबे मतवालों की दुर्गति ही होती है , ये पतित पावन है या रावण ...-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Saturday, August 21, 2010

 सभी को नमस्कार करता है आपका राज
इस दुनिया में कुछ लोग महज काड़ीबाज होते हैं। जिनके पास कोई काम नहीं होता है, वे दूसरों के काम में टांगे अड़ाने का काम करते हैं। ब्लाग जगत में ऐसे गंदे लोगों की कमी नहीं है जो बिनावजह ब्लागरों को परेशान करने का काम करते हैं। ऐसे लोगों का इलाज इसलिए नहीं है क्योंकि अपने गूगल बाबा ने फर्जी आईडी बनाने पर खुली छूट दे रखी है। खैर जिसकी जैसी मानसिकता वह वैसा ही काम करेगा, हमारा धर्म है अपना काम करना सो हम अपना काम कर रहे हैं।आज छुट्टी के दिन देखें हमारे किस ब्लागर मित्र ने क्या रचा है अपने ब्लाग में....
एक नारियल के पेड़ में सबसे ऊँचे स्थान पर एक नारियल लगा था . पेड़ के किनारे एक नदी बहती थी और उसके किनारे पर एक पत्थर पड़ा था . उस पत्थर को देखकर नारियल ने कहा - अरे तुम्हारी भी क्या जिंदगी है पड़े पड़े हर कि...
हमारे ब्लाग में कोई बंदा काफी समय से पतित पावन के नाम से फर्जी आईडी बनाकर कुछ भी अनाप-शनाप टिप्पणियां कर रहा है। इनकी टिप्पणियों से ही परेशान होकर हमें मॉडरेशन का सहारा लेना पड़ा। इसके पहले भी कई ऐसे बेशर्...
संजीव शर्मा कहते हैं- यार हद होती है चापलूसी की भी.... 
क्या होता जा रहा है हमारे मीडिया को? खबरें खोजने की बजाये हमारे पत्रकार महिमामंडन या कटु परन्तु सीधी-सपाट भाषा में कहें तो चापलूसी पर उतर आये हैं.क्या राहुल गाँधी का एक पोलीथीन का टुकड़ा उठाकर कचरापेटी में ...
पीप्ली लाईव का हिरो नत्था।द रियल हिरो आफ़ सिल्वर स्क्रीन।नत्था यानी ओम्कार दास माणिकपुरी आज चर्चा का केन्द्र है।उसने अभिनय के झण्डे गाड़ दिये हैं।स्वाभाविक अभिनय क्या होता है दुनिया को बता दिया है नत्था ने।
यह एक संयोग मात्र है कि मैंने और गिरिजेश जी ने आज ही पीपली लाईव फिल्म देख ली बिना एक दूसरे को बताये और प्लान बनाये .वे तो फिल्म की रिव्यू से हाथ खीच लिए हैं और मैं भी यह पुनीत कार्य करने में इसलिए असमर्थ प...
nice वाले सुमन जी ने मुँह खोला। सारे रिकार्ड तोड़ते हुए सुमन जी ने मेरे ब्लॉग पर एक शेर कहा, आप भी गौर फरमाएँ :- गाँधी के सपनो का यह भारत, यही स्वराज्य का मूल मन्त्र है। सौगंध तुम्हे सत्ताधीशों, सच बतलाओ यह...
गिरिजेश राव कहते हैं- शाबास रिज़्वी दम्पति!
अभी अभी पीपली लाइव देख कर लौटा हूँ। फिल्म समीक्षा नहीं आती। इसलिए सिर्फ दर्शक की दृष्टि से बताऊँगा। बहुत पसन्द आई। कहीं कहीं गहराई देनी थी लेकिन फिल्म तेजी से बढ़ गई। की गल नइँ जी। शाबास रिज़्वी दम्पति! श...
विश्वनाथ त्रिपाठी * * * इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि ग्रामीण जन-जीवन और किसानों की समस्या पर आजकल हमारे साहित्यकारों और पत्रकारों का कम ही ध्यान जाता है। बड़ी तेजी से हो रहे शहरीकरण के बावजूद भारत की अधि...
इस महत्वपूर्ण परिचर्चा के सातवें दिन का पटाक्षेप हिंदी के बहुचर्चित व्यंग्यकार श्री प्रेम जनमेजय जी से करने जा रहा हूँ , तो आईये उनसे पूछते हैं क्या है उनके लिए आज़ादी के मायने ?* बहुत गहरे मायने हैं हमार...
जब हम उनसे जुदा हो रहे थे सच पूछो तो फ़ना हो रहे थे खुशियों की बातें तो क्या कीजियेगा आंसू भी हमसे जुदा हो रहे थे लहू के जो कतरे बचे थे बदन में वोह जोशे-जिगर से रवां हो रहे थे कहाँ मिल पाएं है आशिक जहा...
भार्या से प्रेयसी बनने की संपूर्ण चेष्टाओं को धूल- धूसरित करती तुम्हारी हर चेष्टा जैसे आंदोलित कर देती मन को और फिर एक बार नए जोश से मन फिर ढूँढता नए -नए आयाम प्रेयसी के भेदों को टटोलता खोजता हर बार ए...
वाह भाई! सरकार हो तो ऐसी हो! छत्तीसगढ़ की सरकार ने विधानसभा तक में कह दिया कि छत्तीसगढ़ से कोई पलायन नहीं होता। सरकार के इस दावे के पीछे तर्क था कि वह यहां के लोगों को न केवल दो रूपये किलो चावल दे रही है बल्कि...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

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क्यों है मौन, कुछ तो बोल- हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग के आसाराम बापू कौन-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Friday, August 20, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
इन दिनों हम अपनी पत्रिका खेलगढ़ का नया अंक निकालने में व्यस्त हैं, फिर अखबार में काम भी ज्यादा है, ऐसे में हम कुछ ज्यादा नहीं लिख पा रहे हैं, फिर भी कोशिश रहती है कि कम से कम ब्लाग चौपाल को  नियमित रखा जाए, इसमें हम अब तक तो सफल रहे हैं....
बतलाइये जल्‍दी से दौड़ाइये मानस बहुत तेज जिनकी आती हैं खूब सारी पोस्‍टें या उनकी पोस्‍टों पर आती हैं बेशुमार टिप्‍पणियां। वही हो सकते हैं या हो सकते हैं कौन मत रहिये मौन शीघ्र बतलाइये पूछ कर भी आ सकते हैं औ...
Oh! So you are from Lalu's place?" यह एक ऐसा जुमला है जो बिहार से बाहर निकलने पर जाने कितनी ही बार सुना हूँ.. मानो बिहार में लालू के अलावा और रहता ही ना हो.. वह चाहे कोई भी हो, उसे जैसे ही पता चलता है कि...
पिछले पंद्रह दिनों से मीडिया में चिल्‍ल पों चालू आहे, ओंकार .... नत्‍था ....... पीपली लाईव ....... आमीर खान ....... अनुष्‍का रिजवी। यहां छत्‍तीसगढ़ भी इस मीडिया संक्रामित वायरल के प्रकोप में है। रोज समाचार...
देश के सबसे निचले तबके पर काम कर रहे व्यक्तियों के लिए आज राहत की खबर आई। उनके वेतन को बढ़ा दिया गया है। अब देश के इस सबसे कमजोर कड़ी का वेतन 16 हजार रु0 से बढ़ा कर 50 हजार रु0 कर दिया गया है। सांसद कहे ज...
श्रोता दिवस पर रेडियो श्रोताओं का राष्ट्रीय सम्मेलन* रेडियो आज भी सबसे शक्तिशाली माध्यम :* श्री बृजमोहन अग्रवाल* रेडियो की महत्ता और उपयोगिता आज भी कायम : *श्री अशोक बजाज* *श्री मनोहर महाजन* की पुस्तक *'...
ये कहना जरा भी अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह लम्बी कहानी सचमुच पाठकों ने ही लिखवा ली. जैसा कि पहले भी मैने जिक्र किया ,छः पेज की कहानी को ४ पेज में कर के , सिर्फ ९ मिनट में समेटी थी ..... और सोचा ,अब तो अप...
डॉ महेश सिन्हा बता रहे हैं- ब्लॉग अड्डा से कुछ नयी खबरें और पुरस्कार
'Frames of Freedom' Photo Contest Every day our eyes witness many moments of freedom, joy and happiness. Don’t you wish that time should freeze at the very moment? Wouldn’t you love to capture it and shar...
ब्लॉग देर से खुलने या न खुलने वाली *शिकायतों की रफ़्तार बढ़ती जा रही *है। कोई ऐसा दिन नहीं होता जब किसी जाने अनजाने ब्लॉगर साथी द्वारा इस बारे में सम्पर्क नहीं किया जाता। हालांकि थोड़ी हिचकिचाहट तो होती है...
आज इंसान खुद को स्वस्थ्य और दीर्घायु बनाने के लिए कितनी जोड़-तोड़ कर रहा है। तरह-तरह की दवाईयां, तरह-तरह की पैथियां, तरह-तरह के उपकरण लगे हुए हैं आदमी को सौ साला बनाने के लिए। भरी रहती हैं पत्रिकाएं, अखबारें..

दुश्मनी के उत्तराधिकार अंधेरों की बेलों से बाँध थमा दिए गए इंसान को.. जिन्हें बैलगाड़ी के लोहे से बंधे सख्त पहियों की मदद से खींच रहा है नया युग.. रफ़्तार पकड़ते स्वचालित वाहनों की दौड़ में हम मन के कसैले...
आप क्या भूल गए हैं .... आज राष्ट्रिय रेडिओ दिवस है ... जब पंडित जवाहर लाल जी नेहरू जी निधन हुआ था तब मेरी उम्र बहुत कम करीब चार या पांच साल करीब की रही होगी . उस समय हर किसी के पास रेडिओ नहीं हुआ करते थे ....
लाडो पे लाड़ ना आए जहांगीताश्री...एक ठाकुर परिवार में अनेक नवजात कन्याओं की मौत हुई। अब उसकी केवल एक बेटी है। एक बेटी को मां ने ही बेरहमी से मार डाला। नवजात को मुंह में तंबाकू भरकर नाले में फेंक दिया गया। कि...
 एक छोटा मुफ्त औजार जो आपके कंप्यूटर को जरुरी सुरक्षा मानदंडो पर जांचता है और बताता है कि आपका कंप्यूटर कितना सुरक्षित है । ये टूल बस एक क्लिक से ही आपके कंप्यूटर पर # Antivirus # Antispyware # Third-par...
रवीन्द्र प्रभात पूछते हैं- क्या हम इस आजादी से खुश हैं ?
अभी ब्रेक के पहले हम खुशदीप सहगल जी के विचारों से रूबरू हो रहे थे, उनके तेवर कुछ ज्यादा ही कड़े दिखे ! अब मैं जिस चिट्ठाकार के विचारों से आपको रूबरू कराने जा रहा हूँ उनके भी विचार कमोवेश वैसे ही है ! नाम 
पी.सी.गोदियाल कहते हैं- गिद्ध बैठे होंगे, प्रजातंत्र की डाल पर !
शहीदों ने कभी सोचा न होगा शायद इस सवाल पर, इक रोज उनका मादरे वतन होगा अपने ही हाल पर। आम-जन ढोता फिरेगा, अपने ही शव को काँधे लिए, और पंख फैलाए गिद्ध बैठे होंगे,प्रजातंत्र की डाल पर॥ ख़त्म हो ज...
बेल बूँटों सा टाँका था कभी यादों को दिल की उजली मखमली चादर पर बरसों बाद जो तह खोली तो वक्त की गर्द में दबे बेल बूँटे अपना रंग खो चुके थे सिर्फ बेरंग, मुड़ी - तुड़ी कटी- फटी सी यादें अपने घावों को सहलाती...
सेलिब्रेशन आजकल फ़ैशन के साथ-साथ स्टेटस सिंबल बन गया है।खासकर युवा पीढी तो सेलिब्रेशन कि दिवानी हो गई है।सेलिब्रेट करने का कोई मौका हाथ से नही जाने देती।ठीक है अच्छी बात है खूबसूरत पलों को यादगार बनाने के ल...
सात वर्ष पहले आजके दिन यानि 20-08-2003 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी थी। 19 और 20 के बीच की रात कभी सोते-कभी जागते निकली। मुझे झपकी लगती और अन्जू मुझे उठाती - "दर्द हो रहा है"। मैं उसके साथ बैठकर उसे सहलाता रह...
  अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 

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खबरों में से खबर सुनो, असर दवा का श्रेय मिलता है अन्धविश्वासी टोटकों को-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, August 19, 2010

  सभी को नमस्कार करता है आपका राज
एक बार हम फिर हाजिर हैं ब्लाग चौपाल लेकर, हमारी इस चौपाल के कारण हमारे कुछ दोस्त अब दुश्मन दोस्त बन गए हैं जिनकी वजह से हमने अपने एक ब्लाग राजतंत्र में माडरेशन लगा दिया है। हमारी ब्लाग जगत को एकता के सूत्र में बांधने की कोशिश इनको रास नहीं आ रही है। बहरहाल हम चलते हैं आज की चर्चा की तरफ... 
 
"खुश खबरी...खुश खबरी...खुश खबरी"...* पूरे दिल्ली शहर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी नामी और बिगड़ैल रईसजादे ने अपने अनुभवों को..अपनी भावनाओं को...अपनी कामयाबी के रहस्...
 
मैं अक्सर लोगों से सुनता रहता हूँ कि मैंने फलां मंदिर में फलां मन्नत मांगी और वो पूरी हो गयी ,तो कोई बताता है उसकी बीमारी फलां गुरूजी या देवता के आशीर्वाद से ठीक हो गयी वरना डाक्टरों ने तो मुझे बर्बाद ही क...
 
राह ताक रही है तुम्हारी प्यारी बहना अबकी बार राखी में जरुर घर आना न चाहे धन-दौलत, न तन का गहना बैठ पास बस दो बोल मीठे बतियाना मत गढ़ना फिर से कोई नया बहाना राह ताक रही है तुम्हारी प्यारी बहना अबकी बार रा...
 
मेरी वीणे कुछ तो बोल ! सुना-सुना कुछ प्रियतम हित ही मधुमय अमृत घोल ! मेरी वीणे कुछ तो बोल ! मीठे-मीठे राग सुना कर, प्रियतम के सुन्दर गुण गाकर, इस व्याकुल से उर की उलझी गुत्थी को तू खोल ! मेरी वीणे कुछ..
 
किसी खास युग में हर क्षेत्र में किसी प्रकार की सफलता प्राप्‍त करने के लिए चाहे जिन गुणों और ज्ञान का महत्‍व हो , वे किसी एक व्‍यक्ति को शीर्ष तक क्‍यूं न पहुंचा देते हो , उनकी देखा देखी वैसे गुणों को आत्‍म...
 
ख़बर मिली है कि आज रात कवि लीलाधर मंडलोई दिल्ली से भिलाई आ रहे हैं , मै इतना खुश हूँ कि उनका कविता संग्रह “ मगर एक आवाज़ “ लेकर बैठ गया हूँ और उनकी कवितायें पढ़ रहा हूँ । वे भिलाई इस्पात संयंत्...
 
मेरे 50 वे पोस्ट में आपका हार्दिक स्वागत है* आप सब ब्लागर मित्रों के सहयोग एवं हौसला अफजाई का ही परिणाम है कि मैं मात्र 88 दिनों के सफ़र में अर्धशतक तक पहुँच पाया हूँ . मेरा पहला पोस्ट "जल जो न होत
 
 
राम के नाम से जन जन में जाने गए उस महा मानव को एक अकिंचन संबोधन यह भी ...* मैंने भी खूब तलाशा, ढूँढा आखिर हैं कौन राम ? भले ही कबीर दादा ने मना कर दिया था -*कस्तूरी कुंडल बसे मृग ढूंढें वन माहि ऐसे घट...
 
मम्मी ने डांटा पत्रों को पढ़कर या बात को सुनकर हाँ, हूँ, नहीं में याने कम शब्दों में जबाब नहीं दिया करो ... जबाब ऐसा दो की समझ में तो आये की आपने क्या सुना और क्या पढ़ा है .... अब बताइये मैं क्या करूँ ..
 
 
खल रही विदेश को, देश की स्वतन्त्रता।* *छल रही है देश को, देश की स्वतन्त्रता।।** * *खा रहे हैं देश की, गा रहे विदेश की,* *खिल्लियाँ उड़ा रहे हैं, भारतीय वेश की,* *संभल रही है दासता, पिघल रही स्वतन्त्रता। 
 
इश्क के पैरों में ना जाने क्यों गम के घुंघरू बंध जाते हैं आँखों में हंसी भी हो तो भी रुखसार पर अश्क के मोती टपक जाते हैं 
 
कुम्भ के बिछड़े भाई-बहिनों का मिलन..-----दीपक मशाल
अभी पिछले हफ्ते ८ अगस्त को लन्दन के भारतीय उच्चायोग से सम्बद्ध सांस्कृतिक केंद्र नेहरु सेंटर में कुछ साहित्यिक हलचल थी.. मौका था यू.के. हिन्दी समिति के गठन के २० वर्ष पूर्ण होने पर कहानी सम्मेलन का आयोजन. ...
 
 
राजू रंजन कहते हैं- हिन्दुस्तानी तहजीब के अंग हैं मुसलमान
हिन्दी त्रैमासिक *‘आलोचना’* के अंक 91 में* देवी प्रसाद मिश्र *की *‘मुसलमान’*शीर्षक से एक कविता आयी थी। इस पर काफी बहस भी चली। कविता में कवि

कभी-कभी यूँ ही बातचीत में कोई ऐसी बात निकल आती है, जो बहुत महत्त्व की होती है. ऐसा ही हुआ व्यंग्य यात्रा और गगनांचल के सम्पादक प्रेम जनमेजय से बतियाते हुए. सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या एक रचनाकार अपनी रचनाओ..
 
एक बात रह रह कर मन में उठ रही है ..पिछले चंद रोजसे ...इंसान कितनी तरह के होते है ???कोई शांत होता है तो कोई तूफानी ..कोई अपनी बात किसी भी तरह मनवाने की जिद वाला होता है तो कोई बिना कहे ही कुछ बुरा नहीं मान...
 
गौतम राजरिशी- खबर मिली है जब से ये कि उनको हमसे प्यार है। नशे में तब से चाँद है, सितारों में खुमार है । मैं रोऊँ अपने कत्ल पर, या इस खबर पे रोऊँ मैं, कि का़तिलों का सरगना तो हाय मेरा यार है। ये जादू है ल...
 
गाय को नहीं करनी राजनीति गाय को जरूरत नहीं नौकरी-ठेकेदारी-प्रमोशन की चमचा-लठैत या दलालों की न ही गाय को बनना है किसी अखबार का संपादक या किसी समारोह का चीफ गेस्ट गाय मेरा यारा-दिलदारा भी नहीं बंधु-बांधव, स...
 
सब कह्ते हैं तुम्हें मर्यादा पुरुषोत्तम तुम रहे वंशज बडे बडे सूर्यवंशियों के देव, गुरु, साधु ऋषि सभी थे तुम्हें मानते फिर क्यों रहे चुप, जब जब आई तुम पर आंच? जब जब लोगों ने किये तुम पर प्रहार? इतना आसान..
 
न्यूयार्क यात्रा के पिछले अंक – *१* *२* बात दूर दूर तक फैल चुकी है, रोज समाचारों में भी खूब बहस चल रही है, एलीवेटर टॉक का हिस्सा भी है और भारत में भी अब तो शायद इस पर बहस चल रही होगी, जैसे कहते हैं ना...
 
आइये साथियों ब्लॉग गुरु की पाठशाला में और हर समस्या का समाधान पाइए ................हा हा हा ब्लॉगिंग गुरु ने स्कूल खोला विज्ञापन लगाया --------- ब्लॉगिंग के गुर सीखिए ------ फायदा ना होने पर बेनामी के रूप...
 
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.अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 

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