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लोगों को सावधान रहने की जरूरत है!-लोकपाल बिल से क्या गरीब को रोटी मिल जाएगी -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, April 11, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
लोकपाल बिल अभी बना भी नहीं है और इसको लेकर टकराव होने लगा है। पहले कपिल सिब्बल और इसके बाद सलमान खुर्शीद के बयानो से अन्ना हजारे जी खफा हो गए हैं। लेकिन कुछ भी हो कपिल सिब्बल की बातों पर गौर किया जाए तो उन...
 
चैत्र नवरात्रि के इस कविता उत्सव में हमेशा की तरह आप सभी पाठकों का सहयोग मिला । मैं और सिद्धेश्वर सिंह आप सभी के आभारी हैं । आज अंतिम दिन प्रस्तुत कर रहे हैं *दिव्या माथुर *की यह कवित...
 
लोगों को सावधान रहने की जरूरत है! डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ’निरंकुश’ देश में जिसे ‘‘हजारे आन्दोलन (?)’’ का नाम दिया गया, वह अपनी परिणिती पर पहुँच कर इस घोषणा के साथ समाप्त हो गया कि यदि जरूरत हुई तो फिर से ऐसा...
 
वर्ष २०११ की जनगणना के आरंभिक आंकड़ों से मिले-जुले निष्कर्ष निकले जा रहे हैं. साक्षरता में वृद्धि,जनसँख्या की वृद्धि दर में कमी आदि के बहाने कहा जा रहा है कि २१ वीं सदी का भारत अपने भविष्य के बारे में सचे...
 
कल एक बहुत ही प्रतिभावान युवा ब्लॉगर ने चैट के दौरान शब्दों से खिलवाड़ करने की मेरी प्रवृत्ति पर 'जस्टिन मार्क्स' के फिल्मों की बात की तो एक दूसरे मनयुवा ब्लॉगर ने 'व्यास' परम्परा की बात की। प्रसन्न हुआ, ह...
 
चिली पुलिस की सूचना के अनुसार उसने एक ऐसे संदिग्ध पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति रऊफ़ को पकड़ा है जो १९९९ में भारतीय विमान के अपहरण का मुख्य साजिश करता कहा जा रहा है. चिली पुलिस ने उसे पकड़ते ही कहा क...
 
लघुकथा : खाली ग्लास सत्येन्द्र झा “सकारात्मक दृष्टिकोण का परिचय हमेशा देना चाहिये।” प्रोफेसर साहब कक्षा में कह रहे थे, “एक ग्लास में आधा पानी भरा है... सकारात्मक दृष्टिकोण वाले इस ग्लास को आधा भरा कहे...
 
आज यह बात बार-बार उठायी जा रही है कि आम लोगों में पढ़ने की आदत घट रही है। सवाल उठता है क्या तुलसीदास आज कम पढ़े जा रहे हैं ? क्या 'रामचरितमानस' कम बिक रहा है ? तुलसीदास आज भ...
 
आज रामनवमी है। रामनवमी से पहले माता के भक्त नवरात्रि में भजन आदि के साथ व्रत या उपास करते हैं और उनके समापन पर विशेष कार्यक्रमों पर आयोजित किये जाते हैं। दरअसल हम अपने देश में मनाये जाने वाले धार्मिक...
 
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाजसेवी अन्ना हजारे को एक पत्र लिखकर उनकी (नरेंद्र मोदी) तारीफ करने पर धन्यवाद दिया है, लेकिन साथ ही आगाह किया है कि अब गुजरात का अहित करने वाला समूह आपको निशाना बन...
 
आज अपने शहर के एक बड़े उद्योगपति को अपनी कार स्वयं चलाते देखा तो बहुत पुराना और चलन में भी काफी रहा एक चुटकुला याद आ गया। चित्र गूगल छवियों से साभार एक बार एक कार यातयात नियम का उल्लंघन करने के कारण यात...
 
आज भारत एक अनोखी "दुविधा" में है जहां दुनिया की ४० फीसदी २५ साल से कम आयु वाली जनसंख्या मौजूद है जिसमें से कुल मात्र ५ फीसदी जनसंख्या (दुनिया भर के करीब ४५ करोड़ कर्मचारियों के मुकाबले) ऐसी है जो औद्योगिक ...
 
अब तक केद्र सरकार की मनमानी पर न्यायालय फटकार लगाते रही है लेकिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जिस तरह से प्रधान पाठक परीक्षा को रद्द किया है उसके बाद सरकार को सबर लेना होगा कि वह अपनी मनमानी बंद कर दे। लोगों न...
 
कितना चाहा कि अपने सामने अपने इतने पास तुम्हें पा तुम्हें छूकर तुम्हारे सामीप्य की अनुभूति को जी सकूँ, लेकिन हर बार ना जाने कौन सी अदृश्य काँच की दीवारों से टकरा कर मेरे हाथ घायल हो जाते हैं और मैं तुम्हें छ...
 
डल किनारे
दौड़ रहा है जीवन बहते पानी-सा और मैं किनारे 
 
समाचार हैं अद्भुत नर-वन के अब बर्बादी करे मुनादी संसाधन सीमित सड़ जाने दो किंतु करेगा बंदर ही वितरित नियम अनूठे हैं दुःशासन के प्रेम-रोग अब लाइलाज किंचित भी नहीं रहा नई दवा ने आगे बढ़कर सबका दर्द सहा रंग ...
 
Shakta Sadhana- (The Ordinary Ritual) -3by Sir John Woodroffe All orthodox Hindus of all divisions of worshippers submit themselves to the direction of a Guru. The latter initiates. The Vaidik initiat...
 
 
कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ... भ्रष्टाचार सदैव ही प्रत्येक वस्तु, भाव, विचार , कर्म की अति से प्रारम्भ होता ...
 
आज साज़ खामोश पड़े थे , सूर उसमे चुपकेसे सोये थे ..... पंचमने निषादसे कहा आज हवा है मध्धम मध्धम , सूरज भी षडजकी तरह कम तपिशसे गुजर रहा है जैसे ... रिषभने पलटकर देखा शायद किसीने पुकारा हो !!!! वो तो गां...
 
कई शहरों ने अपने ब्लॉगर ढून्ढ लिए .अब लगता है नॉएडा में ब्लोगेरो की कमी है.कुछेक नाम जो मुझे पता है उसमे सतीश सक्सेना जी और मैं यानी अना इसके अलावा और ब्लोगेरो की जानकारी हमें... visit my blog and comme...
 
के इक गुनाह सा कर गया कोई इस दिल से जो उतर गया कोई उसे बस जाने की जिद पड़ी थी क्या पता कहीं पे मर गया कोई हवा ये बहकी बहकी फिरे देखो शायद यहाँ से गुजर गया कोई चांदनी शब् भर रोती रही यहाँ इलज़ाम उसके सर ...
 
एक छत के नीचे कई घरों के मर्द रहते थे। सिर्फ मर्द। औरतें उनके गांव रहा करती थीं और चादर के भीतर से रात को अपने मजदूर पतियों को मिस कॉल दिया करती थीं। पति उन्हें वादा करते कि इस बार वापस आकर उन्हें सोने के ...
 
पोस्ट ग्रेजुएशन की सीटों के लिए अरसे से इंतजार कर रहे सिम्स को इस बार भी सिर्फ झुनझुना हाथ लगा। पहली बार एमसीआई ने यहां पीजी के लिए एडमिशन को हरी झंडी तो दे दी, लेकिन सिर्फ एक सीट के लिए। यानी यहां सिर्फ ए...
 
माउंट आबू ** (मरू भूमि रंगीलो राजस्थान ) 11 मई 1998 रात को ही हमने धुमने के लिए सब जानकारी निकाल ली थी --रात आबू की बड़ी सुहानी होती है --मालरोड की सारी दुकाने बाहर सज जाती है --कुर्सिया लग...
 
------- कितने अपनेपन से पूछा था तुमने खैरियत उस ख़त में । दर्द बढ़ गया है तुम्हें सच्चाई बताकर। ------- खुश हूँ तुम्हारे घर (ब्लॉग) अब वो आने लगे हैं नाज़ जिनके उठाते थे तुम दर-ब-दर ------- बुजुर्गियत ...
 
जब भी देखा तुम्हें तुम अनदेखी कर चली गईं कई बार यत्न किये मिलने के वे भी सम्भव ना हो पाए चूंकि हैसियत कमतर थी पैगाम शादी का भी स्वीकार ना हुआ | एक अवसर ऐसा भी आया निगाहें चार तुमसे हुईं नयनों...
 
अन्ना हजारे भले हैं और जो मन में आता है उसे बिना लाग लपेट के बोलते हैं। उनकी इस साफ़गोई पर कोई भी कुरबान हो सकता है। कल उनकी प्रेस कॉफ्रेस थी,उनकी एक तरफं अरविंद केजरीवाल थे दूसरी ओर किरन बेदी बैठ...
 
स्‍वाभिमान टाइम्‍स में आज जो प्रकाशित हुआ है। आप भी पढि़ए लेकिन टिप्‍पणी देने के लिए ब्‍लॉगस इन मीडिया में रजिस्‍ट्रेशन करिए या जिन्‍होंने पहले से किया हुआ है, वे लॉगिन करें और अपनी राय भ्रष्‍टाचार और ......
 
स्वादहीन फ़ीका बासी खाना लगती है ज़िन्दगी जब तक कि रूह के चौबारे पर ना उतरती है ज़िन्दगी ये सब्ज़ियों के पल पल बदलते स्वाद मे उतरती है ज़िन्दगी जब तक कि आत्मिक स्वाद को ना चखती है ज़िन्दगी ये देवताओं सा अच्छा ...
 
डॉल्फिन ग्रुप के स्कूलों का संचालन हाथ में लेने की होड़ शुरू हो गई है। राजनैतिक संगठन, छात्र संगठन और कई समाज सेवी इसके लिए आगे आने लगे हैं। कहीं-कहीं वर्चस्व की जंग भी छिड़ गई है। इस बीच स्कूलों में बैठको...
 
युद्ध से भागना या पीठ दिखाना कायरता की निशानी मानी जाती है। पर यदि उस दिन पराजय सामने नजर आ रही हो, हार ना टाली जा सकने वाली हो तो क्या उस समय मैदान छोड़ देना कायरता या बेवकूफी कहलाएगी या अक्लमंदी? निश्चित ...
 
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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घूस का तंत्र -बची है आस-ये है हमारे देश का धार्मिक चरित्र-दलित रिटायर हुआ तो रूम को गोमूत्र से धोया!-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Sunday, April 10, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
हमारी कल की एक पोस्ट एक इंसानी कुत्ता पीछे पड़ा है, क्या करें? पर एक ब्लागर मित्र ने हमसे फोन करके सवाल किया कि यार ये इंसानी कुत्ता क्या बला है? हमने उनको बताया कि जब बिना वजह कोई इंसान किसी के पीछे पड़ ...
नवरात्रि कविता उत्सव 2011 के आठवें दिन आज प्रस्तुत है अरुंधती सुब्रमण्यम की कविता**अरुंधती **सुब्रह्मण्यम* मुंबई में रहती हैं। उनके कविता के दो संग्रह प्रकाशित हैं: On Cleaning Bookshelves और Where I Li...
रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’* *1* *तेरी दुआएँ* *महसूसती मेरी* *रक्त -शिराएँ* *2* *ओस की बूँद -* *बरौनियों की नोक* *उलझे आँसू* *3* *तुम्हारा मन * *व्याकुल क्रौंच जैसा* *करे क्रन्दन* *4* *बची है आस-* *कभी न कभ...
आई टी की दिग्गज कम्पनी इन्फोसिस के मानव संसाधन अधिकारी टी वी मोहनदास पाई ने यह कहकर देश में चल रहे भ्रष्टाचार पर और चोट की है कि सरकारी तंत्र में कुछ लोग इस हद तक मज़बूत हैं कि उनको घूस नहीं...
इस ब्लॉग पर और अन्य जगह भी मैने कन्यादान के विरोध मे लिखा हैं । कन्या को मै वस्तु नहीं मानती इस लिये उसका दान मुझ सही कभी नहीं लगा । कन्यादान किस लिये किया जाता था ? जहां तक समझा हैं हिन्दू रीती रिवाजो मे ...
ये है हमारे देश का धार्मिक चरित्र-दलित रिटायर हुआ तो रूम को गोमूत्र से धोया!
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ केरल तिरूअनंतपुर से एक खास खबर है, कि ‘‘दलित रिटायर हुआ तो रूम को गोमूत्र से धोया’’ जिसे इलेक्ट्रोनिक मीडिया और प्रिण्ट मीडिया ने दबा दिया और इसे प्रमुखता से प्रकाशित या प्...
दोस्तों* *अभी कुछ दिन पहले मुझसे रश्मि जी ने ये प्रश्न पूछा था और उसका जवाब मैंने ये लिखकर दिया था ...........ये तो थी मेरी सोच अब आप बताइए आप इस बारे में क्या सोचते हैं * फॅमिली बैकग्राउंड का क्या अर्...
आप सबके सुझावों से सीख लेते हुए कुछ और लघुकथाएं लिखने की कोशिश की है. लेकिन उन्हें यहाँ नहीं बल्कि सृजनगाथा पर पढ़ा जा सकता है. विश्वास है कि वहां ये तीन लघुकथाएं पढ़कर पुनः अपने स्नेह से सिंचित करेंगे. '...
सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों एवं पदौन्नतियों को लेकर अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग को दिये जा रहे जातिगत आरक्षण के मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित विभिन्न निर्णयों को लागू करवाने के उद...
जिसका अंदेशा था, वही हुआ...जंतर-मंतर पर जली लौ से जो उम्मीद जगी थी, वो लड़ाई की शुरुआत में ही टिमटिमाने लगी है...अन्ना की ईमानदारी और मंशा को लेकर मुझे कोई शक-ओ-शुबहा नहीं लेकिन अनशन टूटने के 48 घंटे में...
पुण्य कमाना हर कोई चाहता है,मैं भी।मगर अब पुण्य कमाना भी कठीन हो गया है।पुण्य कमाने का एक सुनहरी मौका तो लगता है कि अब हमसे हमेशा हमेशा के लिये छीन लिया गया है।बचपन से सुनते आ रहा हूं कि पानी पीलाने से ब...
{सबसे पहले तो क्षमाप्राथी हूँ ,पाठकों...बहुत दिनों बाद कोई कहानी लिखी है...जबकि महीनो पहले खुद से और आप सबसे, एक लम्बी कहानी लिखने का वायदा भी किया था...कहानी रोज ही दस्तक देती है...पर दूसरे ब्लॉग ने कु..

कुँवरानी निशा कँवर"उच्च कोटि के सामाजिक कार्यकर्ता श्री अन्ना हजारे निश्चित रूप से साधु वाद के पात्र है !किन्तु आज की इस विषाक्त क्षीण एवं चहूं ओर से पतन पर पहुँची दयनीय व्यवस्था (शासन एवं प्रशासन ही न...
नशेबाजों का मजाक को समझने का हिस्सा कुंद* जर्मनी में लगभग 25 लाख लोग शराब के नशे के शिकार है। शराब का घातक असर गुर्दे, आँत, व साथ ही हृदय की माँसपेशियों पर भी पड़ता है। इसके अलावा मस्तिष्क में चयापचय की...
दक्षिन बस्तर के ताड़मेटला सहित तीन गांवों में 14 मार्च को छत्तीसगढ़ियों की हत्या , बलात्कार और घर जलाने की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ग्राउंड रिपोर्ट लेने पहुंचे विशेष आयुक्त हर्ष मंदर ने जब कहा 
इस जनांदोलन की शुरूआत ने किसे क्या दिया ?? ............अजय कुमार झा
एक आगाज़ है ये , अंजाम तो अभी बांकी है पिछले पांच दिनों में जो कुछ देश ने देखा , जो कुछ भारतीय अवाम ने किया , वो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में शायद आजादी के बाद पहली बार ही हुआ था । हालांकि बहुत से मुद...
तुम्हारी
तुम्हारी पिछली कविता में तुमसे इक सवाल पूंछा था, "मेरी हर धड़कन में बस तुम ही हो और तुम्हारी धड़कन में .....???" अजीब सी बैचैनी हो रही है तुम्हारा जवाब जो नहीं आया. हर इक आहट तुम्हारी मिस कॉल सी लग...
झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने कहा है कि राज्य में रह रहे बाहर के लोगों को सरकारी नौकरी में नही रखा जाएगा। बाहरी लोगों से राज्य का विकास नहीं होनेवाला है। ऐसे लोगों को कोई तंग करता है तो उसमें बुराई नहीं है...
नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) के तहत बीएएमएस डाक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया में तीन साल पहले जहां सरकारी मापदंड को नजरअंदाज किया गया वहीं चयन समिति द्वारा भी भारी अनियमितताएं बरती गई। यह खुलासा आरटीआई क...
नवरात्र के दिनों में माँ दुर्गा की आराधना तथा पूजन नौ दिनों तक किया जाता है। पंडितों और विद्वानों को तो ज्ञात ही होगा, पर ज्यादातर भक्तजनों को शायद यह न मालुम हो कि इन नौ दिनों में माँ के नौ रूपों की पूजा ...
हमारे एक मित्र हैं, उन्होंने हमसे एक सवाल किया कि यार क्या बताएं आज-कल एक इंसानी कुत्ता पीछे पड़ गया है क्या करें। हमारे मित्र कहते हैं कि उन्होंने सारे जतन करके देख लिए मगर कुत्ता है कि अपनी जात दिखाने से...
गुलमर्ग
दूर से चमकती दीखती थी बर्फ श्वेत-धवल चाँदी-सी पास पहुँचे लिए धौंकनी साँसें और पसीने से तरबतर तो मिट्टी सनी बर्फ गंदला पानी और कीचड़ निकला धत् तेरे की गुलमर्ग भी जिंदगी-सा भ्रम औऱ नीरस निकला 
The world suffers a lot Not because of the violence of bad people but because of the silence of good people. जिसने भी लिखा है कितना सही लिखा है ना ! वास्तव में हमारे दुखों का कारण हमारी चुप्पी है ! हम अपने...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 

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अन्ना हजारे के रूप में मिला एक और गांधी- अन्ना की आंधी में हम भी उड़े, आप भी जुड़े- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, April 7, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
चलो किसी ने तो सही एक बड़ा काम करने की हिम्मत दिखाई है। आज भारत में शायद ही कोई ऐसा होगा जो भ्रष्टाचार से परेशान और व्यथित नहीं होगा। लेकिन इसका क्या किया जाए कि लाख कोशिशों के बाद भी भारत में भ्रष्टाचार क...
 
समसामयिक दौर में प्रतीकात्मक आंदोलन हो रहे हैं। इन आंदोलनों को सैलीब्रिटी प्रतीक पुरूष चला रहे हैं। इस दौर के संघर्ष मीडिया इवेंट हैं। ये जनांदोलन नहीं हैं।अन्य प्रतीक पुरूषों की तरह अन्ना हजारे ...
भेड़ियों के झुंड में दो दिनों से बहुत खलबली है, * *एक गाय ने अपने सींग में शमशान की राख मली है...* ** *सम्वेदना के स्वर* की ये टिप्पणी कल मेरी पोस्ट पर आई थी...अन्ना हजारे के बारे में देश में इतना कुछ लिख...
 
विदेशों में जमा भारत के काला धन पर प्रधानमंत्री मनमोहन की नकारात्मक टिप्पणी ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जर्मन बैंक में जमा काला धन के खाताधारकों के नाम की सूची सरकार के पास आ चुकी है। जर्मन सरका...
 
"अन्ना तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं।" इस नारे को अन्ना के आन्दोलन के बाद हमने कुछ इस रूप में बदला है "अन्ना तुम राह दिखाओ, हम संघर्ष को तैयार हैं।" 
 
अन्ना हज़ारे ......आज एक ऐसा नाम जिसके साथ पूरे देश का आम आदमी अपना साथ जोडने के लिए उद्धत है ..किस पार्टी का , किस धर्म का , किस क्षेत्र का ..इंसान है ये ..ये इंसान भी है या नहीं ...सवा अरब की जनसंख्य...
 
सत्ता के नशे में मदमस्त सरकार की नींद टूट गयी , थोड़ी सी खुमारी बाकी हैं सुबह तक वो भी छंट जाएगी / सोनिया जी भी जाग गयी, अनशन के तीसरे दिन उन्हें अन्नाजी के अनशन से दुःख हुआ / पहले दो दिन कहाँ थी वो ? राह...
 
कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ... ६१ वर्ष में न जाने कितनी सरकारें आईं व गईं ...परन्तु भ्रष्टाचार बढ्ता ही गया व बढ्ता जारहा है...*अत...
 
 
 
 
 
दम है तो अन्ना हजारे चुनाव लड़ें, बहुमत में आ कर अपनी सरकार बनायें और अपनी मनमानी करें। विधान में इस तरह की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। - *टीवी बहस में एक छुटभैया भ्रष्ट * आगे पढ़ने से पहले ये तीन ...
 
गीताश्रीदोस्तो, जल्दी में थोड़ी सी बात...आज अन्ना की आंधी में मैं भी उड़ी। दिन भर एसएमएस भेजे..दोस्तो से अपील की कि वे जंतर मंतर जाए..भले थोड़ी देर के लिए। एक इतिहास वहां रचा जा रहा है, उसके हिस्से बनें, अपन...
 
जंतर मंतर से लौट कर -2 .......अन्ना की आंधी में उड जाएगी हुकूमत
देखिए कि एक संत ने फ़िर से छेड दी है आजादी की दूसरी लडाई ....और जानिए ..क्योंकि अब नहीं निकले आप अपने घरों से तो फ़िर ..कब निकलेंगें ...लिखिए पढिए ..बहस करिए ....हर तरफ़ से एक आवाज उठनी चाहिए कि जो इस बहरी सर...
 
किसन बाबूराव हजारे उर्फ़ अन्ना (अण्णा) हजारे !
15 जून 1938 को महाराष्ट के अहमद नगर के भिंगर कस्बे में एक गरीब मजदूर परिवार में जन्मे अन्ना का बचपन अभावों भरा था ! परिवार में तंगी का आलम देखकर अन्ना की बुआ उन्हें मुम्बई ले गईं ! कुछ समय बाद उनका परिवा...
 
काम नही आई सचिन पर खेली गई रणनीती । जी हां मैं बिलकुल सही हूँ । जब तक विश्वकप चला रहा था सोनिया राहुल प्रधानमंत्री हर कोई अपने को क्रिकेट प्रेमी दर्शा रहा था । क्रिकेट की आड में सरकार बचती चली गई क्योंकि...
 
हिन्दूस्तान के १२१ करोड़ लोगों में से उन को छोड़ दो जिनको किसी बात की समझ नहीं है। इनमे बच्चे और वे इन्सान शामिल हैं जिन्हें अपने अलावा किसी से कोई मतलब नहीं। इसके बाद जो बचे उन्होंने क्रिकेट के लिए अपना बह...
 
राष्ट्र हित मे अन्ना हजारे जी का आमरण अनशन।*** दिनांक- 7/4/2011 इतिहास गवाह है कि हमारे देश मे जब-जब देश एवं जन हित के मुद्दे पर समाज से कोई उठ कर आन्दोलन किया, तब-तब उसे अनेको यतनाओं, बलिदान करना पड़ा। ...
 
कोटा। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए व्यापक जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग पर नई दिल्ली में अनशन पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे की मुहिम में कोटा में भी आंदोलन का आगाज हो गया है। बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट पर...
 
हजारे के सुझाव उचित, लेकिन स्वयं लोकपाल बिल बनाने की मांग असंवैधानिक! * यह सही है कि लोकपाल बिल में सुधार के लिये जो भी सुझाव दिये गये हैं, उन्हें मानने के लिये केन्द्र सरकार पर दबाव डालना जरूरी है और इसक...
 
 अच्छा तो हम चलते हैं फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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चली गई ब्लाग चौपाल में भी गोली-क्योंकि आज है होली - ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Saturday, March 19, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज  
 
काफी दिनों बाद आज होली के दिन अचानक मन में होली के कारण चौपाल सजाने का मन हुआ तो हमने चौपाल सजा दी है। लेकिन इसको हम आगे जारी रख पाएंगे इसका वादा नहीं करते हैं। आज हमने ब्लाग चौपाल में टिप्पणी के रास्ते खोल दिए हैं ताकि हम देख सकें कि क्या कोई आज के दिन भी दुश्मन हो सकता है। आज का दिन तो हर तरह की दुश्मनी भुलाने का होता है। हमने तो वैसे भी कभी किसी से दुश्मनी नहीं की है, लेकिन न जाने कौन ऐसा है जो ब्लाग जगत में हमें दुश्मन समझता है। खैर अपनी-अपनी सोच है।
हम अपने सभी मित्रों के साथ अपने उन अनचाहे दुश्मनों को भी होली पर रंगों से सरोबर कर रहे हैं जो हमें न जाने किस कारण से अपना दुश्मन समझते हैं। हमारी इस होली में एक ही तमन्ना है कि अपना ब्लागजगत हर तरह की गुटबाजी से हटकर एक हो जाए और सभी होली के रंग में एक जैसे हो जाए। इसी उम्मीद के साथ विदा चाहते हैं।
 
 
रंगों की सतरंगी फुहार है आज होली का त्यौहार है क्या आपको किसी से प्यार फिर करते क्यों नहीं इजहार है होली से अच्छा मौका कब मिलेगा जब हर तरफ से रंग बरसेगा क्या आपका मन अपनी महबूबा के लिए नहीं तरसेगा गर ...
 
दोस्तों घर की बात हे घर में ही रहना चाहिए किसी को पता नहीं चलना चाहिए थोड़ा कान इधर लाओ एक ख़ास खबर ब्ताताता हूँ वोह अपने घुमक्कड़ हर दिल अज़ीज़ ब्लोगर हें ना अरे वाही भाई ललित शर्मा जो बंदूक ताने कभी रंग बि...
 
नेता जी की होली !* * * *तन के गोरे मन के काले * *हम होली खूब मनायेगें,* *घोटालो की पिचकारी से * *जनता को नहलायेंगें ,* *करी खिलाफत हमरी * *तो फिर धमकी रंग लगायेंगे ,* *हैं चुनाव अब पास तो * *वा...
 
विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि होली के अवसर पर प्रति वर्ष काशी के अस्सी घाट पर होने वाले कवि सम्मेलन में श्रोतारूप में अगले साल जाने के लिए ब्लॉग जगत के कुछ लंठो ने प्रोग्राम बनाया है। एडवांस बुकिंग के...
 
एक औरत पक्षियों की दुकान में गयी। उसे एक तोता पसन्द आया। दुकानदार ने बताया कि यह तोता इन्सानी भाषा में बोलता भी है। औरत ने तोते से पूछा - मैं कौन हूँ। तोता - कॉलगर्ल। औरत ने कहा यह तो बहुत बदतमीज तोता है।...
 
मै तो हर मोड पर उनको ढूँढा सदा् होली के बहाने रंगो को लगाने ना जाने कौन गली छुपे हैं सांवरिया किस बैरन ने छुपाय लीन्हो सजनवा हमार हरण कर लीन्हो कोई तो पता बताय दीन्हो होली म्हारी सरस कर दीन्हो टेसू के फ़ू...
 
मार दी तुझे पिचकारी, कौन री,रँगी छबि येरी ? फूल -सी देह,-द्युति सारी, हल्की तूल-सी सँवारी, रेणुओं -मली सुकुमारी, कौन री, रँगी छबि वारी ? मुसका दी,आभा ला दी, उर-उर में गूँज उठा दी, फिर ...
 
नयनों के डोरे लाल-गुलाल भरे,खेली होली ! जागी रात सेज प्रिय पति सँग रति सनेह-रँग घोली, दीपित दीप ,कंज छवि मंजु-मंजु हँस खोली- मली मुख-चुम्बन-रोली। प्रिय-कर-कठिन-उरोज-परस कस कसक मसक गयी च...
 
नवगीत: तुमने खेली हमसे होली संजीव 'सलिल' * तुमने खेली हमसे होली अब हम खेलें. अब तक झेला बहुत न अब आगे हम झेलें... * सौ सुनार की होती रही .

होली- एक विश्लेषण
प्रति वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होली पूजन- दहन तथा इससे अगले दिन गुलाल आदि रंगों से उल्लासपूर्ण उत्सव का चित्र भारत भर में कहीं भी देखा जा सकता है। होली दहनके पश्चात् तथा रंग खेलने में सभी परिचितों- अप...
 
है : मालामाल होने वाले हैं हिन्‍दी ब्‍लॉगर
होली की हंगामेदार शुभ रंग कामनाएं सभी हिन्‍दी ब्‍लॉगरों को, नॉन-हिन्‍दी ब्‍लॉगरों को और जो ब्‍लॉगिंग नहीं करते हैं उनको भी (क्‍योंकि कल से वे भी ब्‍लॉगिंग शुरू कर रहे हैं) तथा उनको भी जो ब्‍लॉगिंग कर रहे ...
 
होली के दिन उल्लास, खुशियां, रंगों के सैलाब से दुनिया ही सराबोर नहीं होती है वरन प्रकृति भी इस उल्लास में उसकी बराबर की साझेदार होती है। इसीलिए होली को वसंतोत्सव भी कहते है। जिधर भी नजर जाती है प्रकृति अपन...
 
कहते हें रंगों की इस होली पर लोग खुशियाँ और रंग बाटते हें लेकिन यह सरकार हमारी हे यह इस सरकार के हाथ देखो कितने निर्दोषों के खून से सने हें पोर्वों तक जिनकी उंगलिया डूबी हो खून में बताओ वोह केसे करें...
 
*आओ कि ज़रा कमाल करें.* *काला-काला यह जीवन है,* *इसको होली में लाल करें.* *आओ कि ज़रा कमाल करें * *हरदम ही रोनी सूरत है,* *अब मुस्काना भी याद नहीं?* *मानव-शरीर में आये हैं,* *पर ...
 
*होली** **पर** **आप** **को** **परिवार** **के** **साथ** **शुभ** **काम**नाएं** **।** **ये** **त्यौहार** **सबके** **जी**वन** **में** **कमसे**कम** **सौ** **बार** * *आये** **॥** ** **औ**र** **स**भी** **इसे**

रंगों से भरा मौसम आया गुलशन खुशबू से महकाया बच्चे बूढ़े नर नारी सब होली के रंग में है नहाया हम तो बस ये चाहे रब से झोली भर जाए खुशियों से आओ मिलकर खेले होली कटुता... visit my blog and comment 
 
*ब्लॉग जगत के सभी साथियों तथा समस्त देशवासियों को होली पर हार्दिकशुभकामनाएं! * वैसे होली का दिन हर वर्ष ही मेरे लिए ख़ास होता है, क्योंकि मेरा जन्म चैत्र माह में होली के दिन ही हुआ था... अंग्रेजी कैलेण्डर...
 
चित्र http://blogs.sacbee.कॉम के साभार आ बाबा के अंगना में खेले होली.... रंग ले आज ये सफ़ेद चादर मैली ... जहाँ हरे गुलाबी नीले पीले को न नाज़ हो बस अंदर के रंगों का आगाज़ हो.. बेरंग रह कर करें खुदी स...
 
आज होली का पर्व है और बुराई पर अच्छाई की विजय होगी .आज प्रेम की पींगे आपस में भाईचारा का इजहार करेगी और एक दूसरे पर रंग गुलाल की बौछार करेगी . रंगों के पर्व पर रंग भी सर चढ़कर बोलते हैं . लाल पीले हरे गुलाब...
 
मिस गुझिया वर्सेज़ मिस्टर गुलाल
होली के मौके पर देखो कैसा मचा धमाल मिस गुझिया तो होस्ट बनी है घोस्ट बने मिस्टर गुलाल. मिस गुझिया के लॉन में भीड़ मची है भारी ड्रम और टब रंगो से भरे हैं पूरी है तैयारी. पापड़,चिप्स,सेव,कचरियाँ मि...
 
चिरिया बनके उर जाइये..
होली की गर्म हवाओं* के चलते ही मनोज घर से लापता हो जाता. बाज़ार में या लंबी ढलान वाली सड़क पर कभी दिखता तो हमेशा तीन लड़कों की संगत में साईकिल में टंगा, ठंसा हुड़दंगी शोर मचाता दिखता. दौड़ता कभी घर आता ...
 
जो कम मैँ सालों से नही कर पाया इस साल वो करने की ख़बर शहर मेँ फैली.सुबह-सुबह मुझे फोन आया और सीधे सवाल किया गया कँहा है बे.मैंने कहा घर पर तो उधार से जवाब आया कि तो न्यूज चैनल मेँ क्या दिखा रहे हैँ कि दिखा...
 
बनी रहे रंगों के पर्व की गरिमा.......डॉ मोनिका शर्मा
रंगों का त्योंहार होली एक अनूठा पर्व है। इसकी पौराणिक मान्यता तो है ही सामाजिक महत्व भी बङा अर्थपूर्ण है। शांति और सदभाव का संदेश देने वाला यह त्योंहार भेदभाव और ऊंच नीच को भुलाकर एक हो जाने का दिन है। यह...
 
टेसू के पेड़ों ने अपने पत्र-पल्लव के वस्त्रों को त्याग कर रक्तवर्ण पुष्प-गुच्छों से अपना श्रृंगार कर लिया है। सेमल के गगनचुम्बी वृक्षों पर भी पत्तों के स्थान पर केवल लाल-लाल फूल ही दृष्टिगत होने लगे हैं। खे...
 
अब आपसे लेते हैं हम विदा
लेकिन दिलों से नहीं होंगे जुदा 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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मुख्यमंत्री गहलोत से अभद्रता -क्या भारतीय बहसी होते हैं ?-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, February 14, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज  
 
पंजाब सरकार इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों की फीस बढ़ाने की तैयारी में है। सरकार और प्राइवेट कॉलेजों के बीच बात इसी पर अटकी है कि फीस कितनी बढ़ाई जाए। फीस वृद्धि पर मुख्य सचिव एस.सी. अग्रवाल की अध्यक्ष...
 
इन दिनों शिक्षा मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल व तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री महेन्द्रजीत सिंह की अशुद्ध हिंदी को लेकर बड़ा बवाल मचा हुआ है। शिक्षा जगत की इस बदहाली पर शिक्षाविदों को तो पीड़ा है ही, पूर्व शिक्षा...
 
जी हाँ दोस्तों कल १२ रबीउलअव्वल यानी इस्लाम के आखरी पैगम्बर हजरत मोहम्मद रज़ी अलाह ताला का जन्म दिन हे कल के ही दिन उनका जन्म हुआ था लेकिन अफ़सोस नाक बात यह हे के इसी दिन विश्व भर में नेकी और इन्साफ की शिक्...
 
आज के शब्‍द हैं - 'थामना' व 'पकड़ना' और 'ठोकर' व 'टक्‍कर'...... आमतौर पर हम एक समान अर्थों वाले या समान दीखने वाले शब्‍दों को समझने में कठि‍नाई महसूस करते हैं। भाषावैज्ञानि‍क दष्‍ि‍ट से उनके सूक्ष्‍म ...
 
नोबेल पुरस्कार विजेता 'अमर्त्य सेन ' ने एक पुस्तक लिखी जिसका शीर्षक है - " The argumentative Indian "। इस पुस्तक में लेखक ने भारत के इतिहास का विस्तार से उल्लेख किया है । अपने निबंधों में उन्होंने भारत मे...
 
एक गोंटी मारों रे सनानना आजा~~~~~ एक गोंटी मारों रे सनानना आजा~~~~~ दुसरईया गोंटी मारव रे धनी ला पड़ जाय चिरईया ल के गोंटी मारव चिरईया ल के गोंटी मारव भाजी फूल मोर चढ़ती जवानी के दिन हो चिरईया ल के गोंटी मार...
 
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कल जब मुख्यमंत्री निवास पर जन सुनवायी कर रहे थे तो अचानक एक विक्षिप्त युवक ने उनके गिरेबान पर हाथ डालना चाहा जिसे सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ा , पीटा लेकिन मुख्यमंत्री जी के...
 
जिस तरह से २ जी स्पेक्ट्रम घोटाले में अब भाजपा नीत राजग की कुछ नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं उसे देखकर यही लगता है कि आने वाले समय में कुछ बड़ा तथ्य इस मामले में सामने आ सकत...
 
आओ सजन वर्षगणना करें बीते वर्षों का अवलोकन करें पहला वर्ष आँधियों की गर्द दूसरा वर्ष एक संघर्ष तीसरा वर्ष सुनहरा ख्वाब चौथे पांचवें हवा हो गए बिटिया के साथ कहाँ खो गए ज़िन्दगी मस्त गुज़रने लगी अभावों ...
 
प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली अंक - 113 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही जवाब है गीगा बापू समाधि स्थान, सताधार, गुजरात पहेली के वि...
 
वैलेंटाइन-डे के मौके पर आज दोपहर लक्ष्मीनगर में कई ब्लागर्स एकत्र हुए. इस दिन का सदुपयोग करते हुए सभी ब्लागर्स ने एक दूसरे को प्रेम-दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इस दिन की सार्थकता पर चर्चा की. चर्च..

छत्तीसगढ़ राज्य बनते ही जिस तरह की पत्रकारिता चल रही है वह शर्मनाक है पत्रकार सरे राह मारे जा रहे हैं और अखबार मालिक कुत्तों की तरह रोटी के टुकड़ों पर ध्यान रख रहे हैं बेशर्मी तो यह है की अखबार का संपादक भी ...
 
अच्छा तो हम चलते हैं
फिर मिलेंगे 
 
 

 
 
 
 
 
 
 
 

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इन्द्रपाल जी तुस्सी कमाल हो यार-ज़िन्दगी जिन्दादिली क नाम है-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, February 10, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
एक दवाई दुकानदार का कहना है कि अगर हजार और पांच सौ के साथ साथ सौ रुपए के नोट भी बदं कर दिए जाने तो अपने देश में भ्रष्टाचार पर कुछ हद तक अंकुश लग सकता है। भ्रष्टाचार के साथ दो नंबर की काली कमाई में ही बड़े ...
 
मेरे इस सूने जीवन में शरद पूर्णिमा बन आये तुम , अमा रात्रि से अंधकार में पूर्ण चंद्र के छाये तुम ! उजड़ चुकी थी जब पतझड़ में इस उपवन की सब हरियाली , सरस सरल मधुऋतु समान आकर इसमें हो सरसाये तुम ! जब रोती सूनी...
 
प्रिय बहनों और भाईयों, आज सुबह के न्य़ुज बुलेटिन में मैं ताऊ टीवी का चीफ़ रिपोर्टर रामप्यारे आपका स्वागत करता हूं. आज की सबसे तेज और सनसनीखेज खबर यह है कि *ताऊ टीवी* द्वारा * ब्लागर जूतमपैजारियता * *लाइफ़ ...
 
हर कवि अपनी पत्नी के लिए एक कविता लिख देता है , और पत्नी के लिए वो एक सबसे हसीन तोहफा होता है । पहली बार मुझे दुःख हो रहा है की मुझे कविता लिखनी क्यूँ नहीं आती । काश मैं भी एक कवियत्री होती तो अपनी शादी की...
 
एम अफसर खान सागर एक विकलांग की जिंदादिली आज समाज में लोग ठीक होने के बावजूद काम करने से कतरा रहे हैं और भीक या दान पर ज़िन्दगी गुजार रहे हैं मगर ये कहानी जो की हकीकत है एक ऐसे विकलांग की जो त्रिच्य्क...
 
ये देश कहाँ जा रहा हे, महंगाई बढती जा रही हे, गरीब की थाली उसका मुंह चिढ़ा रही हे, प्याज बिना काटे हि आंसू दिला रहा है, शासन सिर्फ आश्वासन दिए जा रहा है. और हमे, शिला की जवानी, और मुन्नी की बदनामी डर सता रहा...
 
एक कविता का ड्राफ्ट: जीवन दाल,स्मृतियाँ नमक। आत्मा भक्षक। दाल कम कमतर, नमक बढ़ बढ़कर। एक दिन बस नमक ही नमक। जीवन खत्म। आत्मा फुर्र। नमक की अधिकता - जीवन के लिये घातक। आत्मा अमर है। ===================...
 
पंजीयन में आई बाढ़ देखकर बीएड कालेज संचालकों को मिली खुशी प्रवेश प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही काफूर हो गई है। अंतिम दिन उमड़ी भीड़ के बाद भी बमुश्किल साठ फीसदी सीटें ही भर सकी हैं। इनमें भी दस हजार सीटों ...
 
नारी ब्लॉग कि सदस्या रेखा श्रीवास्तव अब लखनऊ ब्लॉगर असोसिएशन की अध्यक्ष बन गयी हैं । मुझे ख़ुशी होती हैं जब कोई भी महिला ब्लॉगर ब्लोगिंग मे कुछ नया करती हैं । रेखा बधाई की पात्र हैं । मुझे अब ये भी उम्मीद ...
 
कठिन होता है बिना सुविधाओं के रहना, पर असंभव नहीं | परन्तु जीना होता असंभव आवश्यकताओं की पूर्ति बिना , है यह केवल दम्भ जी सकते हैं अर्थ के बिना , पार कर सकते हैं कठिन डगर आवश्यकताएं पूरी हुए बिना | यही दम्भ ...
 
(सुनील) 7827829555 http://www.sunilvani.blogspot.com/ हम भारतीय कई सारी खूबियों से लैस हैं। दुनिया के कोने-कोने में हम छाए हुए हैं। इसका एक सबसे बडा कारण हम दूसरों को मक्खन(मस्का या चाटुकारिता) लगाने में ...
 
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 1 मार्च से शुरू होने जा रही 10वीं-12वीं की परीक्षा का टाइम टेबल घोषित किया है। परीक्षा में पांच लाख 80 हजार विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने इस साल से परीक्षा का टाइम आधा घंटा ...
 
भारत ने अपने एक लाख वर्ष के इतिहास में कभी किसी अन्य देश पर आक्रमण नहीं किया। पुरातात्विक अनुसन्धानों के अनुसार आज से पाँच हजार वर्ष पूर्व, जब विश्व की अनेक संस्कृतियाँ कन्दराओं और घने जंगलों में निवास कर...
 
सच्चाई की जीत होती है। सच से बड़ा कोई नहीं। सच कभी नहीं हारता। सदा सच ही बोलो। ये वाक्य मास्टरों से लेकर घर के बड़ों से सुनते आये हैं। सद्पुरुष भी यही कहते हैं। शास्त्रों, ग्रन्थों में भी ऐसा ही लिखा हुआ है...
 
बालोद विधान सभा उप-चुनाव
इन दिनों गुरुर वि.ख. के ग्राम पलारी में चुनाव के सिलसिले में रुकें है ,यह गाँव दुर्ग जिले के बालोद विधान सभा के अंतर्गत आता है .पिछले तीन फरवरी से हम ग्राम पलारी,देवकोट,भिरई ,सनौद, सा...
 
जी हाँ दोस्तों सुनने में बात अजीब सी लगती हे लेकिन यह सच हे के कोटा में एक नवजात बच्चे के पेट में बच्चा था और उसे डॉक्टरों ने एक सफल ओपरेशन कर निकाला हे जिससे नवजात की जान बच सकी हे । कोटा में एक दो माह के...
 
अच्छा तो हम चलते हैं
फिर मिलेंगे 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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यह है समाजवादी -नपुंसक हैं रायपुर के पत्रकार? - ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Sunday, February 6, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
किसी पश्चिमी दार्शनिक ने कहा है कि आपकी रुचि राजनीति में हो या नहीं हो;राजनीति की रुचि आपमें हमेशा होती है.तभी तो भारतीय क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ कप्तान और भारतीय क्रिकेट का महाराजा कहलानेवाले सौरव...
 
नर्सरी एडमिशन में इस बार सिबलिंग और एलुमनी कैटिगरी का बोलबाला रहा है, जिसके चलते स्कूलों में इन दोनों कैटिगरी के पॉइंट पाने वाले बच्चों के नाम सबसे अधिक हैं। स्प्रिंगडेल्स स्कूल हो, टैगोर इंटरनैशनल या फिर ...
 
कविता: पिंजरे की चिड़िया थी पिंजरे की चिड़िया थी सोने के पिंजरे में वन कि चिड़िया थी वन में एकदिन हुआ दोनों का सामना क्या था विधाता के मन में............. 
 
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यहाँ की पुलिस के सारे माजने जानते हें लेकिन एक मुख्यमंत्री अगर पुलिस के सारे कुकिर्तय जान ले और फिर कुच्छ भी न कर सके तो फिर ऐसे मुख्यमंत्री को बेबस और लाचार से ज्यादा क्...
 
केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खेल विकास विधेयक के प्रस्ताव का प्रदेश के खेल संघों के ज्यादातर पदाधिकारियों ने स्वागत किया है। इनका एक स्वर में ऐसा मानना है कि इस विधेयक से खेलों का तेजी से विकास होगा। बर...
 
आज के शब्‍द हैं - 'गेंद' और 'बल्‍ला' व 'जूता' और 'चप्‍पल'......... ये शब्‍दों के जोडे जि‍नको हम पॉडकास्‍ट के रूप में प्रसारि‍त कर रहे हैं, राधाकृष्‍ण प्रकाशन, दि‍ल्‍ली द्वारा प्रकाशि‍त पुस्‍तक 'मानक हि‍न्‍द...
 
लो आज फिर तोड़ दिया ना अपना वादा तुमने मैं तो रुकी थी तेरे वादे की शाख पर ठहरी थी और ठहरा दिया था आज आसमाँ को भी रुक गया था दिनकर भी अपने रथ के साथ सिर्फ तेरे लिए तेरी आरजू के लिए तेरी तमन्ना को सुकून देने ...
 
राजघाट से गाजा तक के कारवां में साथ रहे दैनिक छत्‍तीसगढ़ समाचार पत्र के संपादक श्री सुनील कुमार जी के इस संस्‍मरण के संपादित अंश बीबीसी हिन्‍दी में क्रमश: प्रकाशित किए गए हैं. हम अपने पाठकों के लिए सुनील...
 
सांठगांठ से चल रही छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर के पत्रकारों को क्या इतना उपकृत कर दिया है कि वे दो पत्रकारों की हत्या के मामले में चुप्प बैठ गये हैं. मौत इतनी सस्ती हो गयी है कि कोई आपको घूरकर देखे तो उसकी "...
 
आज राजकुमार ग्वालानी की वैवाहिक वर्षगांठ है
आज, 6 फरवरी को खेलगढ़ व राजतंत्र वाले राजकुमार ग्वालानी की वैवाहिक वर्षगांठ है। बधाई व शुभकामनाएँ *आने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।* *अपने मोबाईल फोन ...
 
*1 -* जैसे समाजवादी चाहते थे। सड़क और संसद ( विधान सभा ) में कोई फर्क उन्होने नही छोड़ा राज्यपाल पर कागज के गोले बनाकर फेकते रहे। जब यह लोग संसद और संविधान की गरिमा की रक्षा नही करना जानते या नही चाहते है...
 
पटना। राष्ट्रकवि के नाम से मशहूर स्वर्गीय रामधारी सिंह दिनकर के परिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का भतीजा धमका रहा है। वह उनके मकान के एक हिस्से पर जबरन कब्जा करके बैठा है और उसे खाली करने...
 
अच्छा तो हम चलते हैं
फिर मिलेंगे 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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