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एक सवाल हिंदुओं से भी - क्या भाजपाई ईमानदार हैं? -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Saturday, April 16, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने जिस तरह से केन्द्र सरकार पर सवाल दागते हुए केन्द्र सरकार को पूरी तरह से भ्रष्टाचारी साबित करने का प्रयास किया है, उससे एक सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या भाजप...
आज के युग में जब लोग अपना अपना दुःख, अपना अपना गम लिखने और कहने में व्यस्त हैं उस समय भी एक व्यक्ति ऐसा है जिसे देश का दुःख खाए जा रहा है. मेरा अभिप्राय है *रवि वर्मा* से जिनकी लेखनी से आप अवगत ही हैं. उन...
इधर कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि देश में जबसे भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम छिड़ी है तभी से लगभग सभी लोग राजनीति को गाली देने में लगे हैं। राजनीति को गरियाने के साथ ही साथ राजनेताओं को भी गाली दी जाने ल...
सभ्यता विकसित हुई सौन्दर्य बोध भी हुआ प्रारम्भ हुआ दौर सजाने ओर सवरने का | सुडौल देह दाड़िम दन्त पंक्ति ओर गालों में पड़ते डिम्पल होते केंद्र आकर्षण के केश विन्यास विशिष्ट होता था बढाता था ओर इसे | कमर तक बल...
(१९८६ में अविभाजित रूस में विश्व इतिहास में सबसे दुखद नाभकीय दुर्घटना चर्नोबिल में हुआ था. जिसका प्रभाव यूरोप तक में पड़ा था. लाखों लोग आज भी इसके प्रभाव से कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं. रूस का विभाजन नहीं ...
मैं कौन हूं...मैं असीमा हूं...इस सवाल की तलाश में तो बड़े बड़े भटकते फिरते हैं...फिर चाहे वो बुल्लेशाह हों-बुल्ला कि जाना मैं कौन..या गालिब हों...डुबोया मुझको होने ने...ना होता मैं तो क्या होता...सो इस...
April 2011 Just another day I want to meet new frien of mine the kamal sharma ji general secretary of samverti devsthanam just 35 year young widely experience fellow, disciple of baba avadhut samuhratn...
माउंट आबू ( 3 ) Mount abu ( 3 )
माउंट आबू * (रेगिस्तानी जहाज ) 12 मई 1998 कल बहुत थक गए थे --सुबह देर से नींद खुली --अभी हमारे पास पुरे ६दिन है --आज हमने रूम पर ही आराम किया --सुबह किचन में ही मस्त दाल -चावल बनाए और ख...
जिंदगी आखिर किस तरह एक छोटी सी घटना की वजह से बदल जाती है इसका जीता जागता उदाहरण हैं सेक्टर-29 स्थित फ्लैट संख्या-326 में खुद को कैद की हुई दो बहनें. छह महीनों से अधिक तक अपने ही घर में बंद यह बहनें इस बा...
भगवान महावीर की दृष्टि मे साधु :- केवल सिर मुड़ाने से कोई श्रमण नहीं हो जाता। सिर्फ हरिनाम जपने से ही कोई ब्राह्मण नहीं बन जाता। जंगल में रहने मात्र से ही कोई ऋषी नहीं बन जाता। कुश या चीवर धारण कर लेने से ...
फ़िरदौस ख़ान को पितृ शोक : नुक्‍कड़ परिवार की विनम्र श्रद्धांजलि
फ़िरदौस ख़ानगहन शोक संतप्त मन से यह जानकारी दे रहा हूँ कि अभी-अभी फ़िरदौस ख़ान जी का मेल संदेश प्राप्‍त हुआ है कि 11 अप्रैल को उनके अब्बू का इंतक़ाल हो गया...। फ़िरदौस जी का मेरी डायरी नाम से ब्‍लॉग है। वे...
बादशाह औरंगजेब मेवाड़ के महाराणा राजसिंह से बहुत ईर्ष्या रखता था |वह मेवाड़ पर आक्रमण हेतु हमेशा किसी न किसी बहाने की तलाश में रहता था | उन दिनों औरंगजेब ने हिन्दुओं पर जजिया कर लगा दिया था उसका एलान था ...
प्रश्न: अनुभव के लिए हमारे प्रयासों में और क्या पैनापन लाया जाए?* उत्तर: अनुभव के लिए एक ही विधि है – वह है अध्ययन। अध्ययन में पारंगत होना ही एक मात्र रास्ता है. पूरा समझना ही एक मात्र रास्ता है। अध्ययन 
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से आयोजित परीक्षाओं के फॉर्म जिलों के मुख्य डाकघरों में अब अवकाश के दिनों में भी मिलेंगे। व्यापमं के परीक्षा नियंत्रक बीपी त्रिपाठी ने बताया कि पीपीटी के आवेदन 20 अप...
दो तस्वीरें
चित्रकार इक चित्र बनाना ! जिसके एक ओर उजड़ा अति दलित ग्राम दर्शाना ! चित्रकार इक चित्र बनाना ! टूटे-फूटे गृह हों न्यारे , झुलसे खेत वृक्ष हों सारे , अग्नी का साम्राज्य वहाँ हो , सर्वनाश का राज्य वहाँ हो , भ...
एक सवाल हिंदुओं से भी , one question from hinduu's also *एक सवाल हिंदुओं से भी , वे ऐसा क्यूँ समझते हैं कि उन्हें अपने धर्म के विषय में कुछ पढ़ने की आवश्यकता नहीं है. वे बिना सीखे ही सब जानते हैं . * अशो...
"नमस्कार लिख्खाड़ानन्द जी!" "नमस्काऽऽर! आइये आइये टिप्पण्यानन्द जी!" "सुनाइये क्या चल रहा है?" "चलना क्या है? अभी अभी एक पोस्ट लिखकर डाला है अपने ब्लॉग में और अब हम अन्य मित्रों के पोस्टों को देख रहे हैं।...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 

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अन्ना हज़ारे फिर हार गए -जंप रोप भी अन्ना हजारे की राह पर -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Friday, April 15, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
राष्ट्रीय खेलों में शामिल नहीं हुआ तो जंतर-मंतर पर धरना देंगे भारतीय जंप रोप फेडरेशन ने भी अन्ना हजारे की राह पर चलते हुए अपने खेल को राष्ट्रीय खेलों में शामिल करवाने के लिए कमर कस ली है। दिल्ली में हुई ब...
 
लो जी, अब देश में सच कहना भी गुनाह होने लगा है. लगता है कांग्रेस की ‘आयाओं’(बच्चे की देख-रेख करने वाली) को अब एक बार फिर शुरू होने जा रहे ‘सच का सामना’ में भेज देना चाहिए. वे अब तक यह बात अपने ‘युवराज’ को...
 
अन्ना हज़ारे फिर हार गए हैं बात आपको थोड़ी अटपटी लगेगी लेकिन सच यही है अभी हाल ही में अन्ना ने कथित रूप से देश में व्याप्त भ्रस्ताचार के खिलाफ लाखों रूपये का चंदा एकत्रित कर एक बढ़ा कामयाब आन्दोलन किया और...
 
रात देर गये अपने बिखरे कमरे को सहेजता हूँ, इधर उधर सर्वत्र बिखरी तुम्हारी यादों को उठा उठा कर एक दराज में जमाता हूँ और फिर आ बैठता हूँ खिड़की से बाहर आसमान ताकते अपने पलंग पर. आसमान में आखेट करते चंद तार...
 
प्रसिद्द सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सक बिनायक सेन को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गयी ज़मानत के बाद अब यह बात फिर से बहस का मुद्दा बन चुकी है कि आख़िर किन परिस्थितियों में और कैसे किसी पर देश द्रोह...
 
नियम वही हैं दरें वही हैं शर्तें न पहले थीं न अब हैं हां, विकल्‍प जो तीन थे वे तीन अभी भी हैं जल्‍दी ही एक और विकल्‍प भी दिया जाएगा पर उसके लिए प्रतीक्षा होगी करनी पर प्रतीक्षा करने से यहां पर...
 
कुंवर प्रीतम के मुक्तक * मेरा दिल क्यूँ धड़क बैठा, ये साँसें कंपकंपाई क्यूँ तुम्ही ने कुछ किया होगा, हवाएं तेज आई क्यूँ अचानक क्यूँ महक आई, आकर छू गयी तन-मन सिहर उट्ठा बदन मेरा, ये आँखें डबडबाई क्यूँ. प...
 
शुरू करूं इससे पहले ज़रा ये एड देख लीजिए... अब आप भी मान लीजिए, कोई सस्पेंस थ्रिलर फिल्म देखने गए हैं...फिल्म में एक हत्या को लेकर छह-सात लोगों पर शक जाता है कि इन्हीं में से किसी ने हत्या की होगी...फिल...
 
क्या इसी सभ्यता पर करेंगे हिंदी का सम्मान* *रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय ,* *टूटे से फिर ना जुटे, जुटे गांठ पड़ जाय.* मनुष्य जीवन इस सृष्टि की सर्वश्रेष्ठ रचना है. भगवन ने अपनी सारी कारीगरी समेट कर ...
 
सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों अथवा नियमों का अब तक वयस्क लोगों को ही पाठ पठाया जाता था। लेकिन जल्द ही बच्चों को उनके बचपन से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुक किया जाएगा। अब बच्चों को भी सड़क सुरक्षा के प्रत...
 
इस बार सरकारी स्तर पर प्रयास किये गये थे कि ज्यादा से ज्यादा लोग चुनाव में मतदान को घरों से बाहर निकलें। प्रत्येक जिले में इस तरह के कार्यक्रम भी किये गये। अब ये तो पता नहीं कि मतदान करने वालों की संख्...
 
मीडिया पर नकेल का मतलब देश दुनिया का खत्म होने से कम नहीं
पत्रकारों को पढऩा होगा। नेता, प्रशासन और न्याय की मंथर गति से परेशान लोगों ने जिस तरह से मीडिया को सरआंखों पर बिठाया है, उससे नेताजगत खासा परेशान भी है। इस बात को सोचते और मानते हुए, प्रशासनिकों के साथ मिल...
 
मित्रों,अपने बिंदास अंदाजे बयां के लिए मशहूर ओसेदुल्ला खान ग़ालिब ने क्या खूब कहा है-दिले नादाँ तुझे हुआ क्या है,आखिर इस मर्ज की दवा क्या है;हमें उनसे वफ़ा की है उम्मीद जो नहीं जानते ...
 
क्वचिदन्यतोअपि..........!: आईये शनि दर्शन का लाभ उठाईये! आईये शनि दर्शन का लाभ उठाईये! इस माह में धरती से शनि करीब होंगे और नंगी आँखों से दिखेगें यह समाचार आते ही मन इस खगोलीय घटना को देखने को ललक उठा था .....
 
एक अजब संयोग - *आज पुराने पन्ने पलटते हुए एक विचित्र जानकारी हाथ लगी, आप भी पढ कर देखें और माने कि इतिहास अपने को दोहराता है। साल 1997, अगस्त के अंतिम सप्ताह मे संसद का विशेष अधिवेशन बुलाया गया था। नेता त...
 
इस पोस्ट का मुद्दा था ??? क्या जो शिक्षित स्त्रियाँ व्रत उपवास रखती हैं वो वास्तव मे शिक्षित हैं या नहीं हैं ?? क्या जो शिक्षित स्त्रियाँ व्रत उपवास रखती हैं वो गलत करती हैं ?? क्या शिक्षित स्त्रियों को व्र...
 
सहारा के फर्जीवाड़े पर हिन्दुस्तान का खुलासा: "सहारा के द्वारा किये जा रहे फर्जीवाड़े पर छपी रिपोर्ट की तरफ हमारा ध्यान एक मित्र ने दिलाया, जो हमसे थोड़ा आक्रोशित भी है. उन्होंने हमें मेल कर सूचना देते हुए और...
 
एक वीर कौम का स्थापना दिवस "
एक वीर कौम का स्थापना दिवस " " बैशाखी " (http://artofpunjab.com/ ( http://sikhiart.com/) (इस लिंक पर चटका लगा सकते है ) आज वैसाखी का पावन दिवस है --आज ही गुरु गोविन्द...
 
महेश राठी* वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में संभवतया आतंकवाद सबसे अधिक चर्चित मुद्दा बनकर उभरा है। आतंकवाद और आतंकवादी घटनाएं भारत के लिए कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद पूरे दे...
 
एक बेफ़िक्री का आलम होता था वो छत पर सोना तारों को निहारते हुये…… वो बारिश मे भीगना सखियों संग वो नीले आकाश मे पंछियों को उडते चहचहाते देखना रात को हवा ना चलने पर पुरो के नाम लेना वो सावन मे झूलों पर झूलन...
 
दूरदर्शन (Doordarshan) भारतीय सार्वजनिक सेवा प्रसारण का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसे भारत सरकार की निगम प्रसार भारती संचालित करती है। स्टूडिओ एवं ट्रांसमीटरों के के आधारभूत संरचना के हिसाब से यह विश्व की सबसे ...
 
अन्ना हजारे -अरविंद केजरीवाल और बाबा रामदेव के बयानों में एक खास किस्म का भ्रष्टाचार निरंतर चल रहा है। इन लोगों की बातों और समझ में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। यह एनजीओ राजनीति विमर्श की पुर...
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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ब्लॉगिंग में गर्व करने लायक कुछ है भी?-हमें कभी नहीं रही टिप्पणियों की भूख- टिप्पणियों के बिना हमारे ब्लाग नहीं जाएंगे सूख- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, April 14, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
हमें कभी नहीं रही टिप्पणियों की भूख- टिप्पणियों के बिना हमारे ब्लाग नहीं जाएंगे सूख
एक फोन आया भाई ब्लाग चौपाल**** में खोल दें टिप्पणी के रास्ते हमने कहा- कैसे खोल दें हम इसके रास्ते इंसानी कुत्ते तो इंसानियत की भाषा भी नहीं जानते जो लोग इंसानियत को नहीं मानते वे ही हैं सबको परेशान करने क...
हम कैसे समाज में जी रहे हैं?यह इन्सानों की बस्ती है या फिर हाड़-मांस की बनी मशीनों का संसार! यदि समाज में मानवीय सरोकार न हों,मतलबपरस्ती बैखोफ पसरी हो और एक-दूसरे के प्रति संवेदनाएं दम तोड़ चुकी हों तो फिर उ...
गुजरात का बादशाह महमूद शाह अपने अहमदाबाद के किले में मारवाड़ से आई जवाहर पातुर की बेटी कंवल को समझा रहा था , " मेरी बात मान ले,मेरी रखैल बन जा | मैं तुझे दो लाख रूपये सालाना की जागीर दे दूंगा और तेरे सा...
प्रकृती के आँचल में जहाँ कई प्राणी आश्रय लिये थे था एक सुरम्य सरोवर रहता था जिस के समीप श्याम वर्ण सारस का जोड़ा | लंबा कद लालिमा लिये सर ओर लम्बी सुन्दर ग्रीवा सदा साथ रहते थे कभी जुदा ना होते थे | नैसर्गिक...
प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल लांसेट ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बताया है कि विश्व में हर रोज़ ७३०० बच्चे मृत पैदा होते हैं और इसमें शामिल १० शीर्ष देशों में भारत का भी नाम शामिल है. पाकिस्तान आदि देशों में यह दर ४...
आज मुझे ई-मेल से मिली ये अद्भुत फोटो देखिए...बस पोस्ट में आज इतना ही...इसके बारे में कल जो आपको बताऊंगा, वो वाकई चौंकाने वाला होगा... 
ये कैसी कठिन परीक्षा मेरे प्रभु मैं तो पुकार- पुकार कर थक चुकी पर तुम न आये | मेरा विश्वास अभी भी जस का तस है कि प्रभु सच्चे मन की पुकार सुनते तो जरुर होंगे| पर अब तो गले से बोल भी नहीं फूटते मैं शां...
एक है भिलाई के स्टील पुरुष जिन्होंने ब्लोगिंग को प्यार करना सिखाया है
एक है भिलाई के स्टील पुरुष जिन्होंने ब्लोगिंग को प्यार करना सिखाया है भिलाई स्टील फेक्ट्री का एक नोजवान जिसकी बोडी फोलाद की और दिल मोम का बना हे, चेहरे पर मुस्कुराहट है ,और दिल दिमाग में ब्लोगिंग को प...
उत्तर प्रदेश में कचेहरी बम ब्लास्ट केस में उत्तर प्रदेश पुलिस व एस.टी.ऍफ़ ने पांच नवजवानों को फर्जी तरीके से पकड़ कर्र बंद कर दिया था। जिसमें तारिक काशमी आजमगढ़, खालिद मुजाहिद जौनपुर २२ दिसम्बर 2007, सज...
ब्लॉगिंग में गर्व करने लायक कुछ है भी?
हिंदी ब्लॉगिंग में पांच वर्ष का समय बिताने के दौरान मेरा सामना ऐसे कई बयानों से हुआ कि यहाँ कुछ नहीं रखा हुआ, ऐरे गैरे आते हैं गाली गलौज बकवास कर चले जाते हैं, अपनी ढपली अपना राग है सबका, भाषा की समझ नहीं,...
नए दौर में खाना बनाना महज घरों या विशेष अवसरों तक ही सीमित नहीं रह गया है। आज बाजार में खाना हर स्वाद व वैरायटी में उपलब्ध है, जैसे मुगलई, चाइनीज, कॉन्टिनेंटल, इटैलियन आदि। यह कला के स्तर तक जा पहुंचा है। ...
कीड़े-मकोड़े ही नहीं पक्षी भी जहरीले होते हैं.
जनविश्वास है कि कीडे-मकोडे ही जहरीले होते हैं। पर खोजों से पता चला है कि कुछ पक्षी भी जहरीले होते हैं। उन्हीं मे से एक है “पिटोहुई”। आस्ट्रेलिया के न्यूगिनी के जंगलों मे पाया जाने वाला लाल-काले रंग का 
सरकारी मुलाजिमों की मौत पर उनके बेसहारा परिवार को आसरा देने के लिए अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है, पर सरकारी रिकार्ड बताते हैं कि यह अनुकंपा सिर्फ ‘खास’ लोगों पर ही हो पाती है। लो प्रोफाइल, मिडिल क्लास कर्म...
शासकीय छुट्टियों की जानकारी देने वाली वेबसाइट
अगर आपके पास शासकीय कैलेण्डर नहीं है तो भी आप ऑनलाइन भारत सरकार द्वारा घोषित किये गए अवकाश के दिनों को इस ऑनलाइन कैलेण्डर पर देख सकते हैं । इस वेबपेज पर आप बीते वर्षों की छुट्टियाँ भी देख सकते हैं और आ...
आज एक परिपाटी बड़ी तेजी से सर उठती चली जा रही है और वह है किसी के मुहं से कुछ इधर उधर निकला नहीं कि लगे उसकी गर्दन पकड़ने.अभी हाल में ही अमर उजाला ने एक समाचार प्रमुखता से प्रकशित किया कि ''. *शहीदों की जात...
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दैनिक भास्कर समूह द्वारा स्थापित पहला जलस्टार अवॉर्ड बीना के शिक्षक चंद्रप्रकाश तिवारी को दिया गया। बुधवार शाम भोपाल स्थित भास्कर कार्यालय में आयोजित गरिमामय समारोह में ...
जापान के सन्दर्भ में आज यह रचना प्रस्तुत कर रही हूँ ! मेरी यह रचना उन विपदाग्रस्त लोगों को समर्पित है जो दुर्भाग्य से जानलेवा एटोमिक रेडियेशन का शिकार हुए हैं पूर्व में भी एवं वर्तमान में भी ! मानव का रचा...
कब तक यह वैषम्य पलेगा
वर्षों पूर्व रचित माँ की इस अद्भुत रचना को पढ़िए और स्वयं देखिये कि यह रचना आज के सन्दर्भों में भी आश्चर्य जनक रूप से कितनी प्रासंगिक है ! कब तक यह वैषम्य पलेगा ! जहाँ गगनचुम्बी प्रासाद हैं वही...
गुलमर्ग टॉप
बर्फ पिघलने से उपजी दलदली जमीन किनारे उगा है जीवन पीले-बैंजनी नन्हें-से फूल जीवन कहाँ-कहाँ कैसे-कैसे पनपता है 
जन लोकपाल बिल को लेकर अन्ना हजारे के अनशन और फिर इस मामले की जीत ने भले ही एक नए बहस को जनम दिया हो लेकिन वास्तव में इस तरीके ने भ्रष्ट नौकरशाह और भ्रष्ट अफसरों की नींद उड़ा दी है। भले ही कर्नाटक के पूर्व मुख...
रवीन्द्रनाथ टैगोर को जब नोबल पुरस्कार से नवाजा गया था, तो उस समय अंग्रेजी में उनकी संक्षिप्त जीवनी लिखी गई थी जिसे कि Les Prix Nobel पुस्तक श्रंखला में प्रथम बार प्रकाशित किया गया था। अंग्रेजी में लिखा गय...
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
...

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नेता ह्रदय शूल ''अन्ना' - अब हजारे से नक्सली समस्या सुलझाने की आश-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Wednesday, April 13, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
अन्ना हजारे देश के हीरो नंबर वन हो गए हैं। ऐसे में जबकि उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जंग जीतने का काम किया है तो उनसे सबकी उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब छत्तीसगढ़ के साथ देश की सबसे बड़ी नक्सल समस्या को सुलझाने...
 
नेता ह्रदय शूल ''अन्ना'
*नेता ह्रदय शूल ''अन्ना' * सत्ता-सुख का चूस रहे थे हम सब मिलकर गन्ना , भ्रष्ट आचरण से पूरी की हमने हरेक तमन्ना , लेकिन अब तो सारी जनता कहती हमें निकम्मा , हाय ह्रदय में शूल सा चुभता हमको तो ये ''अन्ना'. ...
 
 
सोशल वर्क ने आज एक विशिष्ट प्रोफेशन का रूप ले लिया है। यही कारण है कि हर उम्र और सामाजिक वर्गो से संबंधित लोग इससे जुड़ रहे हैं। क्या है सोशल वर्क और कैसे जुड़ सकते हैं इस प्रोफेशन से, बता रहे हैं अशोक सिं...
 
"आजकल के युवा दिशाहीन हैं " ऐसा जुमला लोगों की ज़बान पर चढ़ा रहता है । ज़ाहिर सी बात है ये जुमला युवाओं की जबान पर तो नहीं रहता। किस पीढ़ी को दोष दिया जाए ? क्या वाकई में 'युवा' दोषी हैं ? या फिर इन युवाओं क...
 
इन दिनों सुपरबग ने अखबारी चर्चा में समाजसेवी अन्ना हजारे और घोटालेबाज़ राजा तक को पीछे छोड़ दिया है.सब लोग ‘ईलू-ईलू क्या है...’ की तर्ज़ पर पूछ रहे हैं ‘ये सुपरबग-सुपरबग क्या है?...और यह सु...
 
अक्सर जब किसी समारोह में जाना होता है तो वहां पर शांति के प्रतीक कबूतरों को उडाया जाता है और कामना की जाती है कि कबूतरों के उड़ने से शांति संभव हो पायेगी । बहुत बार मैंने सोचा कि आखिर क्या वजह है कि इंसान ...
 
राजस्थानी नहीं राजस्थान की मातृभाषा ? राजस्थान के स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गुजराती, पंजाबी, उर्दू और सिंधी माध्यम ही स्वीकार्य भाषा-भाषियों की दृष्टि से विश्व में सोलहवें तथा भारत में सातवें ...
 
होती है प्रीत वह भावना जो कभी समाप्त नहीं होती कोमल भावनाओं का संचार होता जाता अंतर मन में | दिन दिन नहीं रहता रात रात नहीं लगती मन करता रमण उसी में | प्यार है ऐसा जज्बा जिसे भुलाया नहीं जाता आकर्षण और समर्...
 
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चीन यात्रा में कई मुद्दों पर चल रहे मतभेदों को कम करने और सहयोग की नयी इबारत लिखने में काफी मदद मिलने वाली है. अभी तक भारत चीन सीमा विवाद में किये गए ३ समझौतों को देखते हुए ऐसा ...
 
भगवती लाल सालवी की कहानी ''कल्याणा '' वरिष्ठ उद्घोषक प्रकाश खत्री की आवाज़ में मिट्टी के बर्तन बनाने वाले रमेश प्रजापत से माणिक की बातचीत मोलेला टेरेकोटा कलाकार दिनेश प्रजापत से माणिक की बातचीत उस्ताद बिस्..

राजकुमार साहू, जांजगीर, छत्तीसगढ़ वैसे देश में भ्रष्टाचार का बखेड़ा जहां-तहां छाया हुआ है। हर जुबान की शोभा केवल भ्रष्टाचार ही बढ़ा रहा है। कुछ महीनों पहले जब आदर्श सोसायटी के फ्लैटों का घोटाला उजागर हुआ, उसक...
अपने बांयें हाथ में पुस्‍तकें थामे अजय कुमार झापिताजी अभी-अभी मैनपुरी से भाई शिवम् मिश्रा जी के फोन से यह दुखद जानकारी मिली है कि हमारे बेहद सक्रिय हिन्‍दी ब्‍लॉगर भाई और नुक्‍कड़डॉटकॉम के बेहद सक्रिय साथी...
 
बहुत पुरानी बात है... दो आँखें हुआ करती थीं बीते बरस उनपर कई मौसम आये और गए जिस दिन से तुम नहीं आये रात का काजल आँखों में फैलता चला गया और बेमौसम बारिश होने लगी जो नदी बरसाती हुआ करती थी अब सालों भर ...
 
अभिषेक बच्चन इन्तजार में बच्चे चार घंटे धुप में तपते रहे अभिषेक बच्चन इन्तजार में बच्चे चार घंटे धुप में तपते रहे ..बच्चों ने दंड भी पेले और शर्त थी दंड पेलने में जो प्रथम आएगा उसका अभिषेक के साथ फोटो ...
 
*दस दिन बेहद परेशान रहा. सड़क खुदाई के कारण केबल कटा और नेट बंद. शिकायत की मगर **सरकारी काम तो लखनवी अंदाज़ में ही होता है न. आराम के साथ हुआ. आज वह दिन आया और बेताबी के साथ अपने चाहने वालों के बीच फिर हाज़िर...
 
बाबा आमटे की भ्रष्टाचार विरोधी सभा से एक साथ एक ही कार मे वापस जाते हुए, एक नेता, एक अभिनेता और एक व्यापारी की एक्सीडेंट में मौत हो गयी। पर कुछ देर बाद अभिनेता को होश आ गया। वह जब थोड़ा ठीक महसूस करने लगा त...
 
फर्स्ट अप्रैल से ही युवाओं की शरारतों के किस्से पोस्ट करने शुरू किए थे...अभी श्रृंखला जारी ही थी कि क्रिकेट में विश्व कप की जीत और अन्ना हजारे के जन आन्दोलन जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं घट गयीं...और सामयिक पोस...
 
पत्र (Example of letter) प्रश्‍न : केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्‍थान ने राष्‍ट्रीय प्रशिक्षण नीति के अंतर्गत लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के लिए पुनश्‍चर्या कार्यक्रम में नामांकन मंगवाने हेतु अपन...
 
समंदर रेत का
पलकों को निचोड़ कर जब मैंने खोलीं थीं आँखें रेत का समंदर उनमें नज़र आया था 
 
आज तेरे * *अह्सास का* *छूकर निकल जाना* *अन्दर तक * *तडपा गया* *मुझसे मुझे* *चुरा ले गया* *तेरी चाहत की बदली* *दिल पर छा गयी* *हर धडकन की* *गूँज भिगो गयी* *अहसास से * *तपते दिल * *के काँच पर* *पडती एक* *...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन-नौकरी की भेंट चढ़ा एक कुनबा- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Tuesday, April 12, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में एक पूरा कुनबा नौकरी की भेंट चढ़ गया। इस कुनबे के पांच सदस्यों ने अपने को पिछले चार दिनों से कमरे में बंद कर रखा था और भिलाई स्टील प्लांट से अनुकंपा नियुक्ति की मांग की जा 
 
जब आप किसी संस्था में काम करते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। ऐसे में आपका पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों प्रकार की लाइफ में बैलेंस बना पाना मुश्किल हो जाता है। यदि जीवन में कुछ हासिल करना चाहते हैं,...
 
'पानी-बिजली की कीमतें बढ़ें' जयपुर। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया का मानना है कि बिजली-पानी के दोहन को नियंत्रित करने के लिए इनकी दरें बढ़ानी चाहिए व कुछ वैधानिक...
 
मनमोहन को भ्रष्टाचार छिपाने की आदत Wednesday, 13 Apr 2011 1:15:34 hrs IST [image: india news] नई दिल्ली। दुनिया भर में भ्रष्ट सरकारों और राजनीतिक नेताओं का भंडाफोड़ करने वाली खोजी इंटरनेट साइट 'विकीली...
 
(१) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग : अभिव्यक्ति की नयी क्रान्तियह पुस्तक अविनाश वाचस्पति और रवीन्द्र प्रभात के द्वारा संपादित है मूल्य : 495/- ( डाक खर्च अलग से )प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित...
 
२६/११ मामले में आरोपी हेडली और राणा ने अमेरिका में ग्रैंड ज्यूरी के सामने अपने को बेकसूर बताते हुए कहा है कि उन्होंने यह हमले पाकिस्तान के कहने पर किये थे और इसमें पाकिस्तानी की गुप्तचर संस्था आईएसआई और प...
 
छपास का रोग बड़ा बुरा, बड़ा बुरा, * *माका नाका गा भाई माका नाका,* *ऐसा मेरे को मेरी मां ने कहा,* *माका नाका नाका भाई माका नाका...* ब्लॉगिंग में हम पोस्ट चेप चेप कर कितने भी तुर्रम खान बन जाए लेकिन जो मज़...
 
 करण समस्तीपुरी* “सबहि मन बसै सरजू तीर चैत के महीना। सबहि गांव अयोध्या नगरी। 'घर-घर बाजे बधैय्या हो रामा लिहले रामजी जनमवाँ।’ रामजी के जनम हुआ है... घर-घर बधैया बजेगा। रामनवमी खाली चिकनपुर का बपौती ...
 
दिल्ली के जंतर मंतर पर 5 से 9 अप्रैल 2011 तक जो लोकतंत्र का यज्ञ हुआ, उस ने हम सब देशवासियों में नई आशा का संचार किया है. लोग भविष्य के प्रति आशांवित हैं और एक नये प्रकार का आत्मविश्वास उपजा है. इस समूची...
 
फूलों भरी अंजली लेकर तुम पथ भटक, यहाँ क्यों आयीं ?* *लगता है , मंदिर के भ्रम में , रास्ता भूल , चली आई हो !* * * *खड़ी , भव्य दीवारें मेरी * ***कलश **कंगूरे ध्वज और तोरण* *घंट ध्वनि, मंत्रोच्चारण से * *ल...
 
हड़ताल का अचूक हथियार
जिन्होंने मेरी फिल्म सारांश देखी होगी, उन्हें अनुपम खेर अभिनीत वह दृश्य जरूर याद होगा, जिसमें वह विदेश में मारे गए अपने इकलौते बेटे का अस्थि कलश लेने कस्टम के दफ्तर आता है और उससे घूस मांगी जाती है। 1983-...
 
बोरिवली वेस्ट में होती और होती लखनपुर में भी। बात थोड़ी पुरानी लेकिन ये तो है हर शहर की कहानी । 
 
व्यक्ति जैसे जैसे ऊंचाई की तरफ अग्रसर होता है , वैसे वैसे संतुलन बिगड़ने लगता है , इसलिए बहुत आवश्यक है की इस संतुलन को बनाए रखें । अन्ना हजारे , बाबा रामदेव , किरण बेदी आदि जिस ऊँचाई पर पहुँच चुके हैं , व...
 
सभी जानते हैं कि रसोई गैस का गलत तरीकों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। जिससे त्योहारों जैसे मौकों पर इसकी किल्लत हो जाती है। वैसे यह भी हो सकता है कि यह किल्लत कालाबाजारी के कारण कृत्रिम रूप से बनाई जाती रह...
 
जलियांवाला बाग और शहीद-ए-आज़म सरदार उधम सिंह
जलियांवाला बाग *अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पास का एक बगीचा है जहाँ *13 अप्रैल 1919 *को ब्रिगेडियर *जनरल रेजीनॉल्ड डायर* के नेतृत्व में अंग्रेजी फौज ने गोलियां चला के निहत्थे, शांत बूढ़ों, महिलाओं और बच...
 
बदनाम मु्न्नी से ज्यादा बदनाम हुई बरखा दत्त: "न्यूज चैनल के सबसे चमकते चेहरे के तौर पर बरखा दत्त की सोशल इमेज पूरी तरह करप्ट हो चुकी है। डॉ. प्रणय राय ने एनडीटीवी की व्यावसायिक मजबूरी के तहत उनकी बदनामी को..

अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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लोगों को सावधान रहने की जरूरत है!-लोकपाल बिल से क्या गरीब को रोटी मिल जाएगी -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, April 11, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
लोकपाल बिल अभी बना भी नहीं है और इसको लेकर टकराव होने लगा है। पहले कपिल सिब्बल और इसके बाद सलमान खुर्शीद के बयानो से अन्ना हजारे जी खफा हो गए हैं। लेकिन कुछ भी हो कपिल सिब्बल की बातों पर गौर किया जाए तो उन...
 
चैत्र नवरात्रि के इस कविता उत्सव में हमेशा की तरह आप सभी पाठकों का सहयोग मिला । मैं और सिद्धेश्वर सिंह आप सभी के आभारी हैं । आज अंतिम दिन प्रस्तुत कर रहे हैं *दिव्या माथुर *की यह कवित...
 
लोगों को सावधान रहने की जरूरत है! डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ’निरंकुश’ देश में जिसे ‘‘हजारे आन्दोलन (?)’’ का नाम दिया गया, वह अपनी परिणिती पर पहुँच कर इस घोषणा के साथ समाप्त हो गया कि यदि जरूरत हुई तो फिर से ऐसा...
 
वर्ष २०११ की जनगणना के आरंभिक आंकड़ों से मिले-जुले निष्कर्ष निकले जा रहे हैं. साक्षरता में वृद्धि,जनसँख्या की वृद्धि दर में कमी आदि के बहाने कहा जा रहा है कि २१ वीं सदी का भारत अपने भविष्य के बारे में सचे...
 
कल एक बहुत ही प्रतिभावान युवा ब्लॉगर ने चैट के दौरान शब्दों से खिलवाड़ करने की मेरी प्रवृत्ति पर 'जस्टिन मार्क्स' के फिल्मों की बात की तो एक दूसरे मनयुवा ब्लॉगर ने 'व्यास' परम्परा की बात की। प्रसन्न हुआ, ह...
 
चिली पुलिस की सूचना के अनुसार उसने एक ऐसे संदिग्ध पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति रऊफ़ को पकड़ा है जो १९९९ में भारतीय विमान के अपहरण का मुख्य साजिश करता कहा जा रहा है. चिली पुलिस ने उसे पकड़ते ही कहा क...
 
लघुकथा : खाली ग्लास सत्येन्द्र झा “सकारात्मक दृष्टिकोण का परिचय हमेशा देना चाहिये।” प्रोफेसर साहब कक्षा में कह रहे थे, “एक ग्लास में आधा पानी भरा है... सकारात्मक दृष्टिकोण वाले इस ग्लास को आधा भरा कहे...
 
आज यह बात बार-बार उठायी जा रही है कि आम लोगों में पढ़ने की आदत घट रही है। सवाल उठता है क्या तुलसीदास आज कम पढ़े जा रहे हैं ? क्या 'रामचरितमानस' कम बिक रहा है ? तुलसीदास आज भ...
 
आज रामनवमी है। रामनवमी से पहले माता के भक्त नवरात्रि में भजन आदि के साथ व्रत या उपास करते हैं और उनके समापन पर विशेष कार्यक्रमों पर आयोजित किये जाते हैं। दरअसल हम अपने देश में मनाये जाने वाले धार्मिक...
 
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाजसेवी अन्ना हजारे को एक पत्र लिखकर उनकी (नरेंद्र मोदी) तारीफ करने पर धन्यवाद दिया है, लेकिन साथ ही आगाह किया है कि अब गुजरात का अहित करने वाला समूह आपको निशाना बन...
 
आज अपने शहर के एक बड़े उद्योगपति को अपनी कार स्वयं चलाते देखा तो बहुत पुराना और चलन में भी काफी रहा एक चुटकुला याद आ गया। चित्र गूगल छवियों से साभार एक बार एक कार यातयात नियम का उल्लंघन करने के कारण यात...
 
आज भारत एक अनोखी "दुविधा" में है जहां दुनिया की ४० फीसदी २५ साल से कम आयु वाली जनसंख्या मौजूद है जिसमें से कुल मात्र ५ फीसदी जनसंख्या (दुनिया भर के करीब ४५ करोड़ कर्मचारियों के मुकाबले) ऐसी है जो औद्योगिक ...
 
अब तक केद्र सरकार की मनमानी पर न्यायालय फटकार लगाते रही है लेकिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जिस तरह से प्रधान पाठक परीक्षा को रद्द किया है उसके बाद सरकार को सबर लेना होगा कि वह अपनी मनमानी बंद कर दे। लोगों न...
 
कितना चाहा कि अपने सामने अपने इतने पास तुम्हें पा तुम्हें छूकर तुम्हारे सामीप्य की अनुभूति को जी सकूँ, लेकिन हर बार ना जाने कौन सी अदृश्य काँच की दीवारों से टकरा कर मेरे हाथ घायल हो जाते हैं और मैं तुम्हें छ...
 
डल किनारे
दौड़ रहा है जीवन बहते पानी-सा और मैं किनारे 
 
समाचार हैं अद्भुत नर-वन के अब बर्बादी करे मुनादी संसाधन सीमित सड़ जाने दो किंतु करेगा बंदर ही वितरित नियम अनूठे हैं दुःशासन के प्रेम-रोग अब लाइलाज किंचित भी नहीं रहा नई दवा ने आगे बढ़कर सबका दर्द सहा रंग ...
 
Shakta Sadhana- (The Ordinary Ritual) -3by Sir John Woodroffe All orthodox Hindus of all divisions of worshippers submit themselves to the direction of a Guru. The latter initiates. The Vaidik initiat...
 
 
कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ... भ्रष्टाचार सदैव ही प्रत्येक वस्तु, भाव, विचार , कर्म की अति से प्रारम्भ होता ...
 
आज साज़ खामोश पड़े थे , सूर उसमे चुपकेसे सोये थे ..... पंचमने निषादसे कहा आज हवा है मध्धम मध्धम , सूरज भी षडजकी तरह कम तपिशसे गुजर रहा है जैसे ... रिषभने पलटकर देखा शायद किसीने पुकारा हो !!!! वो तो गां...
 
कई शहरों ने अपने ब्लॉगर ढून्ढ लिए .अब लगता है नॉएडा में ब्लोगेरो की कमी है.कुछेक नाम जो मुझे पता है उसमे सतीश सक्सेना जी और मैं यानी अना इसके अलावा और ब्लोगेरो की जानकारी हमें... visit my blog and comme...
 
के इक गुनाह सा कर गया कोई इस दिल से जो उतर गया कोई उसे बस जाने की जिद पड़ी थी क्या पता कहीं पे मर गया कोई हवा ये बहकी बहकी फिरे देखो शायद यहाँ से गुजर गया कोई चांदनी शब् भर रोती रही यहाँ इलज़ाम उसके सर ...
 
एक छत के नीचे कई घरों के मर्द रहते थे। सिर्फ मर्द। औरतें उनके गांव रहा करती थीं और चादर के भीतर से रात को अपने मजदूर पतियों को मिस कॉल दिया करती थीं। पति उन्हें वादा करते कि इस बार वापस आकर उन्हें सोने के ...
 
पोस्ट ग्रेजुएशन की सीटों के लिए अरसे से इंतजार कर रहे सिम्स को इस बार भी सिर्फ झुनझुना हाथ लगा। पहली बार एमसीआई ने यहां पीजी के लिए एडमिशन को हरी झंडी तो दे दी, लेकिन सिर्फ एक सीट के लिए। यानी यहां सिर्फ ए...
 
माउंट आबू ** (मरू भूमि रंगीलो राजस्थान ) 11 मई 1998 रात को ही हमने धुमने के लिए सब जानकारी निकाल ली थी --रात आबू की बड़ी सुहानी होती है --मालरोड की सारी दुकाने बाहर सज जाती है --कुर्सिया लग...
 
------- कितने अपनेपन से पूछा था तुमने खैरियत उस ख़त में । दर्द बढ़ गया है तुम्हें सच्चाई बताकर। ------- खुश हूँ तुम्हारे घर (ब्लॉग) अब वो आने लगे हैं नाज़ जिनके उठाते थे तुम दर-ब-दर ------- बुजुर्गियत ...
 
जब भी देखा तुम्हें तुम अनदेखी कर चली गईं कई बार यत्न किये मिलने के वे भी सम्भव ना हो पाए चूंकि हैसियत कमतर थी पैगाम शादी का भी स्वीकार ना हुआ | एक अवसर ऐसा भी आया निगाहें चार तुमसे हुईं नयनों...
 
अन्ना हजारे भले हैं और जो मन में आता है उसे बिना लाग लपेट के बोलते हैं। उनकी इस साफ़गोई पर कोई भी कुरबान हो सकता है। कल उनकी प्रेस कॉफ्रेस थी,उनकी एक तरफं अरविंद केजरीवाल थे दूसरी ओर किरन बेदी बैठ...
 
स्‍वाभिमान टाइम्‍स में आज जो प्रकाशित हुआ है। आप भी पढि़ए लेकिन टिप्‍पणी देने के लिए ब्‍लॉगस इन मीडिया में रजिस्‍ट्रेशन करिए या जिन्‍होंने पहले से किया हुआ है, वे लॉगिन करें और अपनी राय भ्रष्‍टाचार और ......
 
स्वादहीन फ़ीका बासी खाना लगती है ज़िन्दगी जब तक कि रूह के चौबारे पर ना उतरती है ज़िन्दगी ये सब्ज़ियों के पल पल बदलते स्वाद मे उतरती है ज़िन्दगी जब तक कि आत्मिक स्वाद को ना चखती है ज़िन्दगी ये देवताओं सा अच्छा ...
 
डॉल्फिन ग्रुप के स्कूलों का संचालन हाथ में लेने की होड़ शुरू हो गई है। राजनैतिक संगठन, छात्र संगठन और कई समाज सेवी इसके लिए आगे आने लगे हैं। कहीं-कहीं वर्चस्व की जंग भी छिड़ गई है। इस बीच स्कूलों में बैठको...
 
युद्ध से भागना या पीठ दिखाना कायरता की निशानी मानी जाती है। पर यदि उस दिन पराजय सामने नजर आ रही हो, हार ना टाली जा सकने वाली हो तो क्या उस समय मैदान छोड़ देना कायरता या बेवकूफी कहलाएगी या अक्लमंदी? निश्चित ...
 
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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