Powered by Blogger.

माता-पिता,पत्नी और बच्चों मे फ़र्क़! , पत्थर में भगवान् मिल गया..-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Wednesday, July 7, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज

आज की चर्चा का करते हैं आगाज 
देखें किसने क्या खोला है अपने ब्लाग में राज 

 
एक बहुत छोटी सी पोस्ट जिसमे बहुत बड़ी बात छीपी हुई है।ये बात मेरा अपना अनुभव नही है मगर मुझे मिले इस एसएमएस ने मुझे भी सोचने पर मज़बूर कर दिया है।मुझे जो एसएमएस मिला उसके अनुसार दिन भर जी तोड़ मेहनत करके घर ल...
 
कुछ बातें ऐसी अवश्य हैं जो अच्छे और महान का अंतर तय करती हैं...और अगर आप मुझसे पूछें कि सिर्फ एक मंत्र बताए जो कुछ लोगों को दूसरों से ज़्यादा कामयाब बनाता है...मैं कहूंगा... PERSEVERE...इसका अर्थ है अपनी म...
 
किसी बंदे ने हमारे नाम का फायदा उठाते हुए रायपुर के एक रग्बी खिलाड़ी को नौकरी दिलाने का झांस देकर ठगने का प्रयास किया। लेकिन उस खिलाड़ी ने हमसे संपर्क किया तो उसे मालूम हुआ कि हमने तो उसे बुलाया ही नहीं है...
 
मुझे इस दुनिया से क्या लेना देना है जब इस दिल की तकदीर तू ही तू है. 000 इस दिल में अब तेरा नाम लिखा है आँखों में तेरी प्यारी तस्वीर बसी है. 000 मै हवा का एक झौंका मंजिल कहाँ हैं तुम जरा आवाज दो मैं रुक जाऊ...
 
घर में हम सभी एक साथ बैठ कर फिल्म्स देखते हैं...अच्छा लगता है...फैमिली रूम में ज़मीन पर बिस्तर बिछाना...गरम-गरम पॉपकॉर्न बनाना, बड़े-बड़े डब्बों में लेकर, और फिर सबका एक ही जगह लेट कर फिल्म का आनंद उठान...
 
मंहगाई बढ़ाओ, गरीब व गरीबी दोनो बचाओ* *मंहगाई की धार बढ़ाओ, गरीबों को हटाओ, क्योंकि हम लोगों को मौज उड़ाना है।* ***पर नही!!!!! हट जायेंगे बेबस गरीब, कौन आयेगा हमरे करीब, हमको तो अपना वोट बचाना है।* *इनके ...
 
 आज सुबह ही कही है यह ग़ज़ल. मेरे दिलमें बसने वाले अपने अज़ीज़ साथियों को कर रहा हूँ समर्पित...* ** *जीने का सामान मिल गया* *पत्थर में भगवान् मिल गया* * * *लोग बड़ी हैरत में थे के* *कहीं एक इन्सान मिल गया* *तुम...
 
इतना मुश्किल भी नहीं है अभी इन्सान पर भरोसा करना भाषिक आतताइयों के देश में किसी साधारण उन्माद वाले दिन वो नहीं करेंगे तुमसे बातें मगर किसी अनजानी भाषा के देश में भूखे नहीं मरोगे तुम अहम् जिजीविषा से ज्यादा..

 अंतरजाल पर विचरण करते हुए आज एक ऐसे ब्लॉग पर पहुंचा जिस पर लिखा था 'एक कदम दूसरों के लिए'| ब्लॉग पर नजर डालते ही वहां राजस्थान की नदियाँ,राजस्थान का भूगोल,भारत के राष्ट्रपति,कई प्रतियोगी परीक्षाओं के सरल क...
 
मैत्रेयी पुष्पा आजकल कुछ लेखिकाएं जुनून के स्तर पर महिला स्वातंत्र्य के बारे में बात कर देती हैं यह कहना है हमारे प्रसिद्ध साहित्यकार का, जो हैं तो गांधी भक्त, लेकिन देश की आधी दुनिया के बारे में विचार करत..

आज पूरे 14 दिनों बाद पोस्ट लिख रहा हूँ, इस अंतराल का कारण, मैं गर्मी की छुट्टियों में परिवार के साथ घूमने दिल्ली से बाहर गया हुआ था. अब लौटा हूँ तो वापस ब्लॉगिंग का कीड़ा कुलबुलाने लगा. व..
 
भृंगराज और बाघ का जंगल में छत्तीस का आंकड़ा है। पता नहीं बाघ के शिकार पर इसे इतना एतराज क्यों होता है। इसके कारण बाघ को अपनी भूख मिटाना दुश्वार हो जाता है। * ** कहां जंगल का अधिपति बाघ और कहां एक छोटा ...
 
 चाँदनी की सड़क पर पाँव रख चाँद पाने की मैंने ख्वाहिश की जब नींद टूटी तो देखा पाँव में छाले पड़े हुए थे . 
 
संस्कृति पर विमर्श प्रकारांतर से मानवजाति पर विमर्श है, क्योंकि इसके केन्द्र में वही है। अपने व्यापकतम अर्थ में संस्कृति वह सब कुछ है, जिसका निर्माण मानवजाति ने किया है और कर रही है-श्रम के औजारों से लेकर ...
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 

Read more...

एड्स का खतरा छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी... लड़कियों को देखें तो लोफर-लफंगे और लड़कों को देखें तो समलैंगिक -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी ,

>> Tuesday, July 6, 2010

आखिर वही हुआ, जिसका डर था. छत्तीसगढ़ी फिल्मों से जुड़े एक निर्माता को एड्स हो ही गया. इस निर्माता के घर वालों ने अपनी संतुष्टि के लिए कई और पैथोलोजी लैब में परीक्षण करवाया. अफ़सोस की बात ये रही की सभी जगह उ...
इन दिनों तो लड़कों को बहुत ही संकट की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इसके पीछे के कारणों को देखा तो उनका लड़का होना ही समझ में आया। किसी समय में महिलाएँ स्वयं को ‘अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो’ का सूत्रवाक...
 किसी को स्वाभाविक व्यवहार से अलग व्यवहार करते हुए देख हम अनायास ही कह देते हैं " क्यों नाटक कर रहे हो यार ? " अगले व्यक्ति ने कभी ज़िन्दगी में कोई नाटक नहीं किया होता है । उसे पता ही नहीं होता अभिनय क्या है...
आज ब्लॉग में टिप्पणी आना बंद है....भारत बंद के बाद ...ये कौन सा बंद शुरू हो गया ..... कुछ पल्ले नहीं पड रहा है .... ये बंद की बीमारी क्या यहाँ भी शुरू हो गई है ...... जब टिप्पणी नहीं आयेगी तो ख़ाक पोस्ट लिख...

राजतन्त्र  में टिप्पणी बंद-ब्लागर तंग
कल से न जाने ब्लागों को कौन सा रोग लग गया है जो टिप्पणी करने पर भी टिप्पणी नजर नहीं आ रही है। हमें वैसे भी समय नहीं मिलता है, कल समय मिला तो सोचा कुछ ब्लागों में टिप्पणी कर ली जाए लेकिन ये क्या जहां भी टिप...
 
गुरू का सम्मान हो और चेला उस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथी हो,चेले के लिये इससे बढिया बात और क्या हो सकती है।मगर कहते है ना हर किसी की तक़दीर मे गुरू को सम्मानित करना लिखा नही होता और शायद इस मामले मे मैं भी ...
होगा यूँ भी ज़िन्दगी में कि ये मेले न होंगे तेरी यादों की है रहमत, हम अकेले न होंगे मिलेगा वो मुकाम कभी तो इश्क वालों को ज़माने के हाथों में सिर तलाशते ढ़ेले न होंगे दिल टूटने का दिलकश फ़साना अपना इश्क...
फासीवादी राजनीति में जो संगठन विश्वास करते हैं उनके नेता आए दिन उन्मादी भाषा,भड़काऊ भाषा में बोलते और लिखते हैं। बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि आंदोलन के समय प्रवीण तोगड़िया-अशोक सिंघल की राष्ट्रीय जोड़...
यह पाकिस्तान का नया झूठ तो नहीं? पढ़ें बात-बेबात पर 
 
मनोज कुमार हताश न होना सफलता का मूल है और यही परम सुख है। उत्साह मनुष्य को कर्मो में प्रेरित करता है और उत्साह ही कर्म को सफल बनता है। हर व्यक्ति में प्रतिभा

राजधानी दिल्ली के पास तेजी से महानगर का रूप लेता हरियाणा का शहर गुड़गांव। उसके पास 15 की मी के करीब है सुंदर मनोहर सुल्तानपुर नेशनल पार्क। जहां वर्षों से देश-विदेश के पक्षी आ कर बसेरा बनाते रहे हैं। इसी पार...
श्री रामचरित मानस के पंचम सोपान "सुन्दर काण्ड" का यह दोहा:- "शरणागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पाँवर पापमय तिनहि बिलोकत हानि"॥ मेरे मन मे बार बार 
राजकुमार सोनी कहते हैं- बिगुल: मौत का पैगाम (भाग-2)
बिगुल: मौत का पैगाम (भाग-2) 
*गुजरात के पाटन में एक प्राइमरी ट्रेनिंग कोर्स (पीटीसी) शिक्षिका के साथ आठ महीनों तक दुष्कर्म की घटना प्रकाश में आई है। महिला ने अपने ही स्कूल के तीन शिक्षकों पर आठ महीने तक बलात्कार करने का आरोप लगाया है।...
अन्तर सोहिल कहते हैं- बात नहीं मानी और लात खाई पिछवाडे पे
 
एक बार एक शेर अपने घर में पहुंचा और बोला - शेरनी जल्दी तै रोटी घाल दे, भोत भूख लाग री सै। शेरनी नै रोटी घाल दी। शेर रोटी खान लाग्या। उतने में एक गादड शेर के घर के बाहर खडा हो कै चिल्लाया - ओये शेर के पिल्...
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 

Read more...

बंद से किसका हुआ है भला-यहां तो सरकार का ही है डंडा चला-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, July 5, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज  

अपने ब्लाग जगत में भी कल के भारत बंद की गूंज नजर आयी है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि क्या ऐसे बंद का कभी सरकार पर असर हुआ है। अपनी सरकार तो गूंगी-बहरी है उस पर न कभी असर हुआ है और न ही होगा तो ऐसे में क्यों कर अपना नुकसाल किया जाए और अपने साथ सबको परेशान किया जाए। खैर चलिए देखे कौन क्या कहता है-
राम त्यागी कहते हैं- क्या ‘बंद’ ही असहमति की एकमात्र शशक्त अभिव्यक्ति है ?
 
बंद की घोषणा क्या हो जाए, पार्टी के छुटभैये नेताओं को गुंडागर्दी का जैसे लाइसेंस मिल जाता हो, जबरदस्ती सडकें जाम कराना, दुकानों को बंद कराना जैसे काम नेताओं के बायोडाटा में स्टार जोडने का काम जो करते ...
मैंने कुछ दिन पहले एक पोस्ट लिख़ा था "तवा गरम है सेंक लो रोटी". अभी अभी पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के दाम बढ़े हैं. इन इंधनों का दाम बढ़ना नेताओं के चूल्हों में और आंच पैदा करने वाले इंधन का काम कर रहा है.
बीमार को अस्पताल नहीं पहुँचा सकते क्योंकि भारत बंद है। कोई यदि उसे अस्पताल तक पहुँचाना भी चाहे तो उसे रोक दिया जायेगा और यदि न रुके तो उसका वाहन जला दिया जायेगा। कोई दम तोड़ दे तो तोड़ दे पर भारत बंद रहेगा। 
अनिल अतरी बता रहे हैं- बसों और ट्रकों की हवा निकाल दे गयी..
भारत बंद के असर से नोर्थ और बाहरी दिल्ली का हाल बेहाल रहा। रात भर की बारिश के बाद सुबह से ही बीजेपी कार्यकर्ताओं के झुण्ड सडकों पर उत्तर आये... बसों और ट्रकों की हवा निकाल दे गयी..शकूर पुर रेलवे स्टेश...
भारत बंद से अच्छा दिन नहीं लगा लिखना फिर से शुरु करने के लिए। नहीं, भारत बंद पर लिखने को मेरी उंगलियों में खुजली क़तई नहीं हो रही है। वो तो शायद बचपन से जो कहा जाए उसका उल्टा करने की सनक है इसलिए जब कोई कह...
यू-ट्यूब पर एक कवि सम्मेलन के मेरे काव्य-पाठ के अंश को देखने वालों की तादाद पचास हज़ार पार कर गयी. इसका लिंक नीचे दिया जा रहा है.आप भी आनन्द लीज़िये.
राष्ट्रिय राजधानी क्षेत्र में शनिवार रात्री से ही बारिश का मौसम बना हुआ है क्षेत्र के कभी इस हिस्से में तो कभी उस हिस्से में बारिश हो रही है दो दिन से सुहावना मौसम होने के चलते बिजली की खपत कम होने के कारण...
आपको बताना चाहूँगा क़ि आज जो दुनिया के वैज्ञानिक बेस्ट क्वालिटी क़ि जो स्टील बना रहे है उसमे भी ये गुण नहीं है क़ि वह जंग रहित हो| परन्तु भारत में दशवीं शताब्दी में जन्गरहित स्टील बनता था और काफी बड़े 
शाकाहार या मांसाहार, क्या ठीक है क्या नहीं इस बहस में पड़े बिना यदि ऐसी धारणा है कि मांसाहार से ताकत, बल या शरीर सौष्ठव बढता है तो क्या इस सत्य को नकारा जा सकता है - 1, हाथी :- स्थल का सबसे भारी जीव। वजन 
अभी दो दिन पहले रश्मि रविजा जी के ब्लॉग पर भारत के गाँव की शादी के बारे में एक पोस्ट पढ़ी तो सोचा कि इस विषय में मैं भी कुछ अपना भी ज्ञान बघार ही दूँ... वो क्या है कि एक तो मैं छोटे से कस्बे से हूँ.. और...
शाहनवाज कहते हैं- बाहर मानसून का मौसम है
बाहर मानसून का मौसम है, लेकिन हरिभूमि पर हमारा राजनैतिक मानसून बरस रहा है। आज का दिन वैसे भी खास है, बंद का दिन है और हर नेता इसी मानसून के लिए तरस रहा है। मानसून का मूंड है इसलिए इसकी बरसात हमने ...
NTT यानी नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कहां से करें कौन सा है संस्‍थान मान्‍यता प्राप्‍त और किसमें हैं खुले प्रवेश कहां मिल रहे हैं फार्म कब तक भरे जा सकते हैं संपर्क सूत्र और वेबसाइट लिंक मतलब जो भी मुहैया करा सकें 
 
जाट महासभा चाहती है कि लड़की और लड़के की शादी की उम्र घटाकर क्रमश: 15 और 17 साल कर दी जाए ताकि वे अपने परिवारों की मर्जी के खिलाफ घर से भागकर शादी न कर सकें। ऑल इंडिया जाट महासभा की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

Read more...

बारिश से किसको नहीं है प्यार-- पहली फुहार के संग सुनिए राग मियां मल्हार- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Sunday, July 4, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
आज नहीं करेंगे आपके समय खर्चा
सीधे करते हैं ब्लाग चौपाल में चर्चा 
 
मीनू खरे कहती हैं- पहली फुहार के संग सुनिए राग मियां मल्हार
(गायक कलाकार पद्मभूषण पंडित छन्नू लाल मिश्र) इतने महीनों की चिलचिलाती गर्मी के बात आखिर मानसून की आमद दिखी और बादलों से कुछ बूंदे धरती पर पहुँची . पहली बारिश, हर ले आपके मन की हर तपिश... इस कामना के सा...
 
वहशत है हंगामे से ख़ामोशी इक आँख न भाये क्या जानो क्या होता है जब भी कोई याद सताए इक चेहरा बे-चेहरा सा वो इक रिश्ता बे-रिश्ता सा चमके कभी बिजली बनकर कभी बादल सा उड़ जाए आँखे घूमें आगे-पीछे, भेद की कित...
 
मुट्ठी भर आसमान टुकड़ा भर धूप दामन भर खुशियाँ दर्पण भर रूप इतना ही बस मैंने तुमसे माँगा है ! नींद भर सपने कंठ भर गीत बूँद भर सावन नयन भर प्रीत इससे ज्यादह कब कुछ मैंने माँगा है ! आँचल भर आँसू ह्रदय भ...
 
रंगकर्म बहुत ही कठिन काम है , खासकर छोटे शहर में तो यह और भी कठिन । फिर भी बहुत से ऐसे रंगकर्मी हैं जो इसे जारी रखे हैं । हमारे शहर में भी ऐसी कुछ संस्थायें हैं जो नुक्कड़ नाटक से लेकर मंच तक लगातार सक्र...
 
समय असमय ही, समय के कुछ पल बह गए थे. सहेजा बहुत, सो कुछ रह गए थे. एक समय था, समय से मेरी अंजुरी भरी थी. पर समय, तो समय से, सरकता रहा. मैं सोती रही, वो खोता रहा. नींद से जागी, जब सबेरा...
 
प्रिय ब्लॉगर मित्रो प्रणाम ! लीजिये आज की ब्लॉग वार्ता ले कर मैं फिर हाज़िर हूँ ! जिस तरह आप लोग मेरा हौसला बड़ा रहे है उस से तो पता चलता है कि मेरी दुकान ठीक चल रही है ! तो ज्यादा बाते ना करते हुए सीधे
 
सुनो आज तुम्हें मैं एक स्वप्न की बात बताती हूँ नारद जी ने जो पूछा मुझसे वो मैं तुम्हें सुनाती हूँ. बोले नारद जी मुस्का कर सुनो चंचला, ज़रा ध्यान धरो.. सृष्टिकर्ता का बेटा हूँ, सो पूज्य पिता...
 
Small price paid today, will reap big benifits tomorrow. "BHARAT BANDH IS NOT A SOLUTION" यह विज्ञापन है भारत सरकार के पैट्रोलियम और गैस मंत्रालय का। और इधर तमाम राजनीतिक पार्टियों द्वारा भारत बन्द का आवा...
 
रविवार है लोगों के पास समय कम होता है, इसलिए वक्तव्य नहीं, केवल एक प्रार्थना, एक ग़ज़ल * * * *ऊपर वाले ऐसा कर दे* *सबका घर खुशियों से भर दे* *जो उड़ना चाहे तू उनको * *रंग-बिरंगे सुन्दर पर दे* *जो घर यह...
 
काव्यशास्त्र-२१ :: आचार्य जयदेव [image: मेरा फोटो]आचार्य परशुराम राय एक बार पुन: ग्यारहवीं शताब्दी में वापस चलते हैं, जब बंगाल विद्वानों और साहित्यकारों का केन्द्र था। ठीक उसी प्रकार जैसे गुजरात का अनहि...
 
नवीन प्रकाश बता रहे हैं- छोटा तेज सीडी/डीवीडी बर्नर
सीडी डीवीडी बर्निग तो सभी की जरुरत है इसके लिए सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला प्रोग्राम है नेरो(Nero) पर ये काफी बड़ा प्रोग्राम है अक्सर आप इस पर काम करते हुए कोई अन्य काम नहीं कर सकते क्यूंकि ये अकेला ही आप... 
 
5 जुलाई को सत्ता के दलालों ने आम जनता को न्यौता दिया है - भारत को बन्द करो ! आप से अनुरोध है कि इस वाहियात न्यौते पर अमल न लाइए। काम कीजिए। इस दिन दो के बजाय चार फाइलें निपटाइए। रुके हुए पेमेंट कराइए। दुका...
 
इक आग के दरिया में मै डूब के आया हूँ जिल्लत है मिली मुझको पर इश्क नहीं पाया हूँ कुचले हैं मेरे अरमां टूटी है मेरी आशा गैरों का सताया हूँ अपनों का रुलाया हूँ दिल में थे जितने अरमाँ आँखों में जितने सपने अपने...
 
संपूर्ण विश्‍व में हिन्‍दी ब्‍लॉगों की लोकप्रियता दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. अन्‍य प्रदेशों की भांति छत्‍तीसगढ़ में भी हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग बहुत लोकप्रिय हो चुकी है. प्रदेश में सक्रिय ब्‍लॉग लेखकों एवं अब्‍ल...
 
आज मैं लेकर आया हूँ उस घोड़ी को जिस पर धोनी सवार होकर मंडप तक गए!! एक्सक्लूसिव, सिर्फ और सिर्फ, इसी ब्लॉग पर!! हमारे संवाददाता लगातार बने हुए हैं देहरादून से.. तो चलिए चलते हैं वहां.. संवाददाता : आप ही वह ...
 
 
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे  
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Read more...

इन आंखों से कैसे बचेंगे आप?, कुछ-कुछ होता है-ब्लाग चौपाल राजकुमार ग्वालानी

>> Saturday, July 3, 2010

 सभी को नमस्कार करता है आपका राज
और खोलता है रविवार के चिट्ठों का राज
 
उन आंखों ने मुझे परेशान कर रखा है मेरे वजूद को हिला कर रख दिया है तमाम जगह मेरा पीछा करती हैं वो आंखें कुछ ख़ास जगहों पर ज़्यादा ही घूरती हैं मैं जब भी दोस्तों के साथ ख़ुशी के कुछ लम्हे बांट रहा होता हूं जा...

“.. ..कुछ-कुछ होता है!” (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)
दिल में कुछ-कुछ होता है, जब याद किसी की आती है। मन सब सुध-बुध खोता है, जब याद किसी की आती है। गुलशन वीराना लगता है, पागल परवाना लगता है, भँवरा दीवाना लगता है, दिल में कुछ-कुछ होता है, जब याद किसी की...
 
पीडी कहते हैं तबे एकला चलो रे।
यह लड़ाई किससे है? कैसा है यह अंतर्द्वंद? लग रहा है जैसे हारी हुई बाजी को सजा रहा हूँ फिर से हारने के लिए । अंतर्द्वंद में कोई भी मैच टाई नहीं होता है, खुद ही हारता भी हूँ और खुद ही जीतता भी! अक्सर हम जीती ...
 
मित्रों, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अमेठी को जिला बनाकर उसका नाम बदल दिया है. कुछ और जगहों के नाम भी उन्होंने बदले है. इस राजनीतिक फैसले के निहितार्थ समझने की कोशिश की है वरिष्ठ पत्रकार वीरेन्द...
 
शानू शुक्ला कहते हैं तुम्हारी याद के बादल
अरे देखो तो इन पर्वतों के कन्धों पर लदे है ये शरारती बच्चों क़ि तरह शरारत करते हुए खेलते उमड़ते घुमड़ते बादल| ठीक वैसे ही जैसे क़ि मेरे दिमाग पर मेरी याददाश्त पर लदे हों बरस जाने को एक दम आतुर तुम्हा...


बैंकाक में एक किसान ने अदालत में अपनी बीवी को तलाक देने के लिए अर्जी दी। जानते हैं कब, अपनी शादी की 73वीं सालगिरह पर। और कारण बताया कि हम दोनों का स्वभाव मेल नहीं खाता। जापान के एक पति महोदय अपनी पत्नी से...
 
 
आओ रानी, हम ढोयेंगे पालकी,* ** *यही हुई है राय जवाहरलाल की,* *ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय* तो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान अक्टूबर में भारत नहीं आ रही हैं...लेकिन उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स उनकी नुमाइंद...
 
ब्लागवाणी का बंद होना, मानो सभी सम्पर्को पर ताले लग जाने जैसा है। जब तक कुछ ताजा पढ़ा-लिखी ना कर ले तब तक खाना भी हजम नही होता। ऐसा बहुतों का हाल है। ब्लागवाणी का बंद होना अब अखरने की हद तक आ पहुंचा है। इतन...
 
कई ब्लॉग पर लोगों के गाँव के संस्मरण और गाँव की तस्वीरें देख मुझे अपना गाँव याद आ गया. पंद्रह साल पहले दो दिन के लिए बस चाचा की बेटी की शादी में शामिल होने गयी थी उसके बाद से बस गाँव यादों में ही बसा है...
 
आज ‘वाल स्ट्रीट जरनल’ ने खबर दी है कि चीन के जनमुक्ति सैनिकों पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की कड़ी नजर है। इधर कई सालों से यह देखा गया कि चीन के सैनिक इंटरनेट के माध्यम से डेटिंग वगैरह कर रहे थे। वे नेट...
 
डॉ महेश सिन्हा बता रहे हैं- जियो लाइफ प्रतियोगिता इंडिब्लागर द्वारा
आखरी तारीख 8 जुलाई http://www.indiblogger.in/topic.php?topic=22 
 
हमारे देश की छबि अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उदारवादी देश की है इसके फलस्वरूप हमारे देश को आन्तरिक मामला हो अंतररष्ट्रीय मामला हो अन्तराष्ट्रीय दबाब का सामना करना पड़ता है . हर मुद्दे पर हमारे देश का द्रष्टिकोण ..

राजकुमार सोनी बता रहे हैं- गैरजरूरी प्रार्थनाएं
आकाश और धरती में विराजमान करोड़ो देवताओं से मां करती है प्रार्थना हे प्रभु टिमटिमाता रहे लाल तारा माथे पर सुहाग अमर रहे मेरा फटी हुई बनियान को पीठ पर रगड़ते हुए पिता बड़बड़ाते हैं हे नीली छतरी वाले रख लेन...
 
 
  अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 

Read more...

जो टूट जाए वो रिश्ते नहीं-टूटे रिश्ते दिलों में बसते नहीं- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Friday, July 2, 2010

 सभी को नमस्कार करता है आपका राज


आज ब्लाग जगत हमें फिर से कवितामय लगा तो हमने चंद कविताओं के साथ दूसरे ब्लागों को भी समेटने का काम किया है। देखे कौन क्या कहता है- 


ये फोटो ओट्टावा में टूलिप फेस्टिवल का है.... कल जो टूटे थे रिश्ते आज वो लगते झूठे हैं प्रीत डगर के काँटों से मेरे पाँव के छाले फूटे हैं शिकवों का दस्तूर नहीं ना है गिलों का कोई रिवाज़ नेह की वो सारी क...
जीवन दुःख की कथा है. हर व्यक्ति के जीवन में एक व्यथा है. लेकिन समझदार उसे पार कर लेता है. दुःख को साथी बनाने के लिये कवि प्रेरित करते रहे है. सुख-दुःख और संघर्ष के विभिन्न रूपों को सोचते हुए कुछ शेर बन गए...
दो गज कफ़न से मेरी अर्थी सजाओगे॥ मुझको पता है याद तुम बहुत ही आओगे॥ हम हंस के जा रहे है तुम रो के विदा मत करना॥ मेरे चिता में आग तुम ही लगाओ गे॥ यही दुआ करेगे हम तुम नाम करके आना॥ पूछू गा प्रश्न मै तुम उत्तर ...
साधना वैद्य कहती हैं- अमावस न आती कभी भी
अगर चाँद आता उतर कर धरा पर अमावस अभागन न आती कभी भी ! न होती उदय अस्त की नाट्य लीला, सदा खिलखिलाते यहाँ पर सितारे, न मुँदती कभी पंखुड़ी पंकजों की, न चुगता चकोरा कभी भी अंगारे, न रोती कभी चंद्रिका सिर पटक क...
“पा जाऊँ यदि प्यार तुम्हारा!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)
कंकड़ को भगवान मान लूँ, * *पा जाऊँ यदि प्यार तुम्हारा! * *काँटों को वरदान मान लूँ, * *पा जाऊँ यदि प्यार तुम्हारा! * * * *दुर्गम पथ बन जाये सरल सा, * *अमृत घट बन जाए गरल का, * *पीड़ा को मैं प्राण मान लू...
 
मैंने हाल ही में देश की चमकती और नाजुक दोनों हालत को देखकर एक पार्टी बनाने की बात सोची है, अब क्यूंकि पार्टी को सफल बनाना है, इसलिए कुछ बातों पर विशेष ध्यान दिया गया है| निम्नलिखित विशेष योग्यताएं आप रख...
आप भले ही सुबह पांच बजे से उठकर पार्क के कई चक्कर लगते हों या फिर बाबा रामदेव के कहने पर सुबह से शाम तक कपालभाती और अनुलोम-विलोम करते हुए बिताते हों या फिर किसी जिम में जाकर घंटों पसीना बहाते हों लेकिन इन ...

 
मेरे पापा राजकुमार ग्वालानी का एक जुलाई को जन्मदिन था। मेरे पापा कभी जन्मदिन नहीं मनाते हैं। लेकिन इस बार हमने यानी मैं, मेरी मम्मी अनिता ग्वालानी और मेरे भाई सागर ग्वालानी ने तय किया कि पापा से केट क...
हमारा देश विचित्रताओं से भरा पड़ा है। अनोखे लोग, अनोखे रीति-रिवाज, अनोखे स्थल। ऐसी ही एक अनोखी जगह है, हिमाचल की पार्वती घाटी या रूपी घाटी मे 2770मी की ऊंचाई पर बसा गावं "मलाणा"। विद्वानों के अनुसार यह विश...
गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिषीय दृष्टि से कल यानि 3 जुलाई का दिन खास है, क्‍यूंकि बृ‍हस्‍पति और चंद्र को केन्‍द्रगत करते हुए आसमान में बाकी ग्रहों की स्थिति के संयोग से एक खास प्रकार का योग तैयार हो रहा है। यह योग ...
बिना शब्दों की पोस्ट...खुशदीप
* * *प्यार...* *मासूमियत...* ** *विदाई...* *दोस्ती...* अलौकिक... 
 हर आदमी एक ही निश्चित मार्ग को अंगीकार करने के बजाय ख़ुद के स्वाभाव अनुसार स्वतंत्र रीति से नया मार्ग निकाल कर पुरुषोत्तम हो सके तभी यह कहा जा सकता है कि उसने सच्चा पुरूषार्थ किया । ईश्वर में अपन...
 एक फिल्म आई थी "साधू और शैतान" और उस फिल्म के कामेडियन हीरो नायक ने उसमें एक डॉयलाग बोला था *"सच बोलूँगा तो माँ मारेगी और झूठ बोलूँगा तो बाप कुत्ता खायेगा"*। मेरे साथ गाहे-बगाहे ऐसी परिस्थितियाँ आती रहती ...
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे  

Read more...

एक और एक बराबर दो रोटियां, ख्वाब और ख्वाहिश- ब्लाग चौपाल राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, July 1, 2010

 सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 और करते हैं आज की चर्चा की आगाज 


शानू शुक्ला बता रहे हैं- एक और एक बराबर दो रोटियां
वहां एक क्लास में एक अध्यापक महोदय पूछ रहे थे प्रश्न पढाये हुए पाठ में से अपने क्लास में उपस्थित छात्रों से इसी क्रम में उन अध्यापक महोदय ने सामने बैठे एक छात्र से पूछा क़ि बताओ बेटा एक और एक होते
लबों पर मुस्कान और आँखों में नमी है ख़्वाबों के अम्बार पर ख्वाहिशों की कमी है . 
अपनी पुरानी साड़ियों और इधर-उधर की चिन्दियों को जोड़कर मां ने इसलिए नहीं बनाई थी कथरी कि हम गरीब थे.* * जब कभी भी हम पांच भाई लड़-झगड़कर जमा लेते थे पूरे बिस्तरों पर कब्जा तब मां अपनी कथरी निकालकर लेट जाया...
सार्वजनिक स्थानों पर लगे कम्प्यूटरों से पोर्नोग्राफी देखना अपराध है। उसी तरह हमारे बीच में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो पोर्न के बारे में यह तर्क देते हैं कि .यह तो महज फोटोग्राफी है। पोर्नोग्राफी महज 
जब तक बहारे आती रहेंगी, तब तक फूल खिलते रहेंगें तेरी यादे जेहन में रहेंगी, जब तक ये दिल जिन्दा रहेगा. 00000 तेरे नफ़रत भरे अंदाजों को देख कर मैं कविताएं उकेरता हूँ तू ही बता दे इस कलम की अदा क्या किसी से कम...
मैंने तुम्हारे लिए एक खिड़की खोल दी है ताकि तुम स्वच्छंद हवा में, अनंत आकाश में, अपने नयनों में भरपूर उजाला भर कर , अपने पंखों को नयी ऊर्जा से सक्षम बना कर क्षितिज के उस पार इतनी ऊँची उड़ान भर सको कि सार...
यह सर्वविदित तथ्य है कि छत्तीसगढ़ की लोकगाथा पंडवानी महाभारत कथाओं का लोक स्वरूप है। वैदिक महाभारत के नायक अर्जुन रहे हैं जबकि पंडवानी के नायक भीम हैं। पिछले पोस्ट में पंडवानी की तथाकथित शाखा और शैली के 
(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे.बड़ी बेटी ममता की शादी ससुर जी ने पति की इच...
 यह ब्लागवाणी को क्या हो गया है? बीस-पच्चीस दिन दूर रहने के बाद अब जब भी इसे खोलता हूं तो वही 14जून का ही प्रवचन सुनने (देखने) को मिल रहा है। वहीं पर अटकी हुई मिलती है। कुछ ज्यादा ही गड़बड़ है या कोई और कारण ..

विजय विद्रोही* स्टार न्यूज के कार्यकारी संपादक हैं।विजय जी से vijay.vidrohi@hotmail.com पर संपर्क किया जा सकता है मनमोहन सिंह सरकार आम आदमी के लिए जिन योजनाओं को शुरू कर रही है, उन पर हर साल करीब सवा ...
काजू भुने प्लेट में विह्स्की गिलास में। उतरा है रामराज विधायक निवास में। पक्के समाजवादी हैं तस्कर हों या डकैत, इतना असर है खादी के उजले लिबास में।आजादी का वो जश्न मनायें तो किस तरह, जो आ गए फुटपाथ पर घर की ...
यह रचना (हरियाणवी रागिनी) मेरे मित्र "कृष्ण टाया" जी की है। पसन्द आये तो साधुवाद जरूर दीजियेगा। *कवि ने पुराने समय और आज के जमाने की तुलना की है। बीते समय में रिश्तों की क्या अहमियत होती थी और आज के रिश्ते...
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 

Read more...

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP