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इन्द्रपाल जी तुस्सी कमाल हो यार-ज़िन्दगी जिन्दादिली क नाम है-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, February 10, 2011

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
एक दवाई दुकानदार का कहना है कि अगर हजार और पांच सौ के साथ साथ सौ रुपए के नोट भी बदं कर दिए जाने तो अपने देश में भ्रष्टाचार पर कुछ हद तक अंकुश लग सकता है। भ्रष्टाचार के साथ दो नंबर की काली कमाई में ही बड़े ...
 
मेरे इस सूने जीवन में शरद पूर्णिमा बन आये तुम , अमा रात्रि से अंधकार में पूर्ण चंद्र के छाये तुम ! उजड़ चुकी थी जब पतझड़ में इस उपवन की सब हरियाली , सरस सरल मधुऋतु समान आकर इसमें हो सरसाये तुम ! जब रोती सूनी...
 
प्रिय बहनों और भाईयों, आज सुबह के न्य़ुज बुलेटिन में मैं ताऊ टीवी का चीफ़ रिपोर्टर रामप्यारे आपका स्वागत करता हूं. आज की सबसे तेज और सनसनीखेज खबर यह है कि *ताऊ टीवी* द्वारा * ब्लागर जूतमपैजारियता * *लाइफ़ ...
 
हर कवि अपनी पत्नी के लिए एक कविता लिख देता है , और पत्नी के लिए वो एक सबसे हसीन तोहफा होता है । पहली बार मुझे दुःख हो रहा है की मुझे कविता लिखनी क्यूँ नहीं आती । काश मैं भी एक कवियत्री होती तो अपनी शादी की...
 
एम अफसर खान सागर एक विकलांग की जिंदादिली आज समाज में लोग ठीक होने के बावजूद काम करने से कतरा रहे हैं और भीक या दान पर ज़िन्दगी गुजार रहे हैं मगर ये कहानी जो की हकीकत है एक ऐसे विकलांग की जो त्रिच्य्क...
 
ये देश कहाँ जा रहा हे, महंगाई बढती जा रही हे, गरीब की थाली उसका मुंह चिढ़ा रही हे, प्याज बिना काटे हि आंसू दिला रहा है, शासन सिर्फ आश्वासन दिए जा रहा है. और हमे, शिला की जवानी, और मुन्नी की बदनामी डर सता रहा...
 
एक कविता का ड्राफ्ट: जीवन दाल,स्मृतियाँ नमक। आत्मा भक्षक। दाल कम कमतर, नमक बढ़ बढ़कर। एक दिन बस नमक ही नमक। जीवन खत्म। आत्मा फुर्र। नमक की अधिकता - जीवन के लिये घातक। आत्मा अमर है। ===================...
 
पंजीयन में आई बाढ़ देखकर बीएड कालेज संचालकों को मिली खुशी प्रवेश प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही काफूर हो गई है। अंतिम दिन उमड़ी भीड़ के बाद भी बमुश्किल साठ फीसदी सीटें ही भर सकी हैं। इनमें भी दस हजार सीटों ...
 
नारी ब्लॉग कि सदस्या रेखा श्रीवास्तव अब लखनऊ ब्लॉगर असोसिएशन की अध्यक्ष बन गयी हैं । मुझे ख़ुशी होती हैं जब कोई भी महिला ब्लॉगर ब्लोगिंग मे कुछ नया करती हैं । रेखा बधाई की पात्र हैं । मुझे अब ये भी उम्मीद ...
 
कठिन होता है बिना सुविधाओं के रहना, पर असंभव नहीं | परन्तु जीना होता असंभव आवश्यकताओं की पूर्ति बिना , है यह केवल दम्भ जी सकते हैं अर्थ के बिना , पार कर सकते हैं कठिन डगर आवश्यकताएं पूरी हुए बिना | यही दम्भ ...
 
(सुनील) 7827829555 http://www.sunilvani.blogspot.com/ हम भारतीय कई सारी खूबियों से लैस हैं। दुनिया के कोने-कोने में हम छाए हुए हैं। इसका एक सबसे बडा कारण हम दूसरों को मक्खन(मस्का या चाटुकारिता) लगाने में ...
 
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 1 मार्च से शुरू होने जा रही 10वीं-12वीं की परीक्षा का टाइम टेबल घोषित किया है। परीक्षा में पांच लाख 80 हजार विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने इस साल से परीक्षा का टाइम आधा घंटा ...
 
भारत ने अपने एक लाख वर्ष के इतिहास में कभी किसी अन्य देश पर आक्रमण नहीं किया। पुरातात्विक अनुसन्धानों के अनुसार आज से पाँच हजार वर्ष पूर्व, जब विश्व की अनेक संस्कृतियाँ कन्दराओं और घने जंगलों में निवास कर...
 
सच्चाई की जीत होती है। सच से बड़ा कोई नहीं। सच कभी नहीं हारता। सदा सच ही बोलो। ये वाक्य मास्टरों से लेकर घर के बड़ों से सुनते आये हैं। सद्पुरुष भी यही कहते हैं। शास्त्रों, ग्रन्थों में भी ऐसा ही लिखा हुआ है...
 
बालोद विधान सभा उप-चुनाव
इन दिनों गुरुर वि.ख. के ग्राम पलारी में चुनाव के सिलसिले में रुकें है ,यह गाँव दुर्ग जिले के बालोद विधान सभा के अंतर्गत आता है .पिछले तीन फरवरी से हम ग्राम पलारी,देवकोट,भिरई ,सनौद, सा...
 
जी हाँ दोस्तों सुनने में बात अजीब सी लगती हे लेकिन यह सच हे के कोटा में एक नवजात बच्चे के पेट में बच्चा था और उसे डॉक्टरों ने एक सफल ओपरेशन कर निकाला हे जिससे नवजात की जान बच सकी हे । कोटा में एक दो माह के...
 
अच्छा तो हम चलते हैं
फिर मिलेंगे 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

4 comments:

डॉ॰ मोनिका शर्मा February 10, 2011 at 7:48 PM  

अच्छे लिनक्स से सजी चौपाल .....आभार

Asha February 10, 2011 at 9:13 PM  

अच्छी चौपाल सजाई है |
बधाई |
आशा

Asha February 10, 2011 at 9:14 PM  

मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार |
आशा

शिक्षामित्र February 12, 2011 at 9:22 AM  

अच्छी चर्चा। उम्दा लिंक।

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