अन्ना हजारे के रूप में मिला एक और गांधी- अन्ना की आंधी में हम भी उड़े, आप भी जुड़े- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी
>> Thursday, April 7, 2011
सभी को नमस्कार करता है आपका राज

समसामयिक दौर में प्रतीकात्मक आंदोलन हो रहे हैं। इन आंदोलनों को सैलीब्रिटी प्रतीक पुरूष चला रहे हैं। इस दौर के संघर्ष मीडिया इवेंट हैं। ये जनांदोलन नहीं हैं।अन्य प्रतीक पुरूषों की तरह अन्ना हजारे ...

"अन्ना तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं।" इस नारे को अन्ना के आन्दोलन के बाद हमने कुछ इस रूप में बदला है "अन्ना तुम राह दिखाओ, हम संघर्ष को तैयार हैं।"

सत्ता के नशे में मदमस्त सरकार की नींद टूट गयी , थोड़ी सी खुमारी बाकी हैं सुबह तक वो भी छंट जाएगी / सोनिया जी भी जाग गयी, अनशन के तीसरे दिन उन्हें अन्नाजी के अनशन से दुःख हुआ / पहले दो दिन कहाँ थी वो ? राह...
कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ... ६१ वर्ष में न जाने कितनी सरकारें आईं व गईं ...परन्तु भ्रष्टाचार बढ्ता ही गया व बढ्ता जारहा है...*अत...
दम है तो अन्ना हजारे चुनाव लड़ें, बहुमत में आ कर अपनी सरकार बनायें और अपनी मनमानी करें। विधान में इस तरह की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। - *टीवी बहस में एक छुटभैया भ्रष्ट * आगे पढ़ने से पहले ये तीन ...
गीताश्रीदोस्तो, जल्दी में थोड़ी सी बात...आज अन्ना की आंधी में मैं भी उड़ी। दिन भर एसएमएस भेजे..दोस्तो से अपील की कि वे जंतर मंतर जाए..भले थोड़ी देर के लिए। एक इतिहास वहां रचा जा रहा है, उसके हिस्से बनें, अपन...
जंतर मंतर से लौट कर -2 .......अन्ना की आंधी में उड जाएगी हुकूमत
देखिए कि एक संत ने फ़िर से छेड दी है आजादी की दूसरी लडाई ....और जानिए ..क्योंकि अब नहीं निकले आप अपने घरों से तो फ़िर ..कब निकलेंगें ...लिखिए पढिए ..बहस करिए ....हर तरफ़ से एक आवाज उठनी चाहिए कि जो इस बहरी सर...

किसन बाबूराव हजारे उर्फ़ अन्ना (अण्णा) हजारे !
15 जून 1938 को महाराष्ट के अहमद नगर के भिंगर कस्बे में एक गरीब मजदूर परिवार में जन्मे अन्ना का बचपन अभावों भरा था ! परिवार में तंगी का आलम देखकर अन्ना की बुआ उन्हें मुम्बई ले गईं ! कुछ समय बाद उनका परिवा... अच्छा तो हम चलते हैं फिर मिलेंगे
काम नही आई सचिन पर खेली गई रणनीती । जी हां मैं बिलकुल सही हूँ । जब तक विश्वकप चला रहा था सोनिया राहुल प्रधानमंत्री हर कोई अपने को क्रिकेट प्रेमी दर्शा रहा था । क्रिकेट की आड में सरकार बचती चली गई क्योंकि...
हिन्दूस्तान के १२१ करोड़ लोगों में से उन को छोड़ दो जिनको किसी बात की समझ नहीं है। इनमे बच्चे और वे इन्सान शामिल हैं जिन्हें अपने अलावा किसी से कोई मतलब नहीं। इसके बाद जो बचे उन्होंने क्रिकेट के लिए अपना बह...
राष्ट्र हित मे अन्ना हजारे जी का आमरण अनशन।*** दिनांक- 7/4/2011 इतिहास गवाह है कि हमारे देश मे जब-जब देश एवं जन हित के मुद्दे पर समाज से कोई उठ कर आन्दोलन किया, तब-तब उसे अनेको यतनाओं, बलिदान करना पड़ा। ...
कोटा। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए व्यापक जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग पर नई दिल्ली में अनशन पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे की मुहिम में कोटा में भी आंदोलन का आगाज हो गया है। बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट पर...
हजारे के सुझाव उचित, लेकिन स्वयं लोकपाल बिल बनाने की मांग असंवैधानिक! * यह सही है कि लोकपाल बिल में सुधार के लिये जो भी सुझाव दिये गये हैं, उन्हें मानने के लिये केन्द्र सरकार पर दबाव डालना जरूरी है और इसक...
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