एक विचार -ब्लागरों को कुछ नहीं आता- फर्जी आईडी वाले ही हैं बड़े ज्ञाता -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी
>> Thursday, January 27, 2011
सभी को नमस्कार करता है आपका राज
अपने ब्लाग जगत में लगता है फर्जी आईडी बनाकर टिप्पणी करने वाले अपने को सबसे बड़ा ज्ञाता और तोप की नाल समझते हैं। इनको लगता है कि इनका जन्म ही दूसरों को ज्ञान बांटने के लिए हुआ है। अरे भाई अगर आप इतने ही बड़...
देश में भ्रष्टाचार ने जिस तरह से अपनी जड़ें जमा ली हैं उनसे निपटने के लिए अभी तक कुछ ख़ास नहीं किया जा सका है. महाराष्ट्र में जिस तरह से तेल के माफियाओं ने जिले के उच्च अधिकारी को जि...
सोते रहिये ब्लॉगर भाईयों -...हम सैकड़ो साल ऐसे ही गुलाम नहीं रहे ...राष्ट्रीय मुद्दों की आकस्मिकता के बजाय लोग अपने आमोद प्रमोद घर परिवार और प्रेम प्रणय मनुहारों में लगे रहते आये हैं तो अगर हमारे ब्लॉगर भा...
उदास ना हो नील नाकाम ही तो हुआ हे ना उम्मीद तो नहीं यह गम की शाम लम्बी तो हे लेकिन शाम ही तो हे कल फिर सुबह होगी रौशनी होगी गम को इसी डर की हेरानी तो हे इसलियें ना उम्मीद रख उदास ना हो । अख्तर खान अकेला कोटा...

कल की पोस्ट के वादे के मुताबिक आपको दो सांडों के चूहा बनने का आंखों देखा हाल सुनाऊंगा...लेकिन पहले महागुरुदेव अनूप शुक्ल की पोस्ट से बिना अनुमति लेकिन साभार लिया हुआ एक छोटा सा किस्सा... *फ़िराक साहब मुंहफ़...
एक छोटे और कथित रूप से पिछ्ड़े प्रदेश से बेहद बड़ी ख़बर जो पता नही क्यों कथित राष्ट्रीय चैनलो की सुर्खियां नही बन पाई।यंहा राज्य की राजधानी से 110 कि मी दूर स्थित न्यायधानी बिलासपुर से ये ख़बर आई॥बिलासपुर के ...
वो हर इक लम्हा तो जैसे साल गुजरे जेहनो-दिल से जब तेरा ख्याल गुजरे तेरी यादों में जो कभी शाम हुआ करे फिर आँखों से रात भर शलाल गुजरे आईने में भी अपनी सूरत दिखी नहीं मेरे साथ ऐसे भी बहुत कमाल गुजरे म...
जिन्दगी क्या है ?
*जिन्दगी एक्सट्रीम है उनके लिए, जिन्होंने जीवन में बेहिसाब पा लिया, या फिर अनगिनत गवां लिया। जिन्दगी एक ड्रीम है उनके लिए, जो जीवन में सिर्फ है पाना ही पाना चाहते, कुछ भी नहीं गवाना चाहते। अगर यही सवाल ...

हे जितनी छोटी होती जा रही हो पर फिर भी बटी पड़ी है तरह-तरह की सीमाओं में। जगह-जगह तरह-तरह की वर्जनांऐं मौजूद हैं। ऐसा नहीं है कि कोई किसी भी देश में ऐसे ही मनमर्जी से चला जाए और लौट आए। ठीक भी...
आज जिसे हम हवनकुण्ड या यज्ञकुण्ड कहते हैं वह वास्तव में यज्ञवेदी हैं। "तंत्रार्णव" में बताया गया है कि यज्ञ की वेदी समस्त ब्रह्माण्ड का एक छोटा रूप ही है। इस सृष्टि की रचना ब्रह्मा जी ने सृष्टियज्ञ करके ही..
उत्सव' एक बेहद ज़हीन और गोल्ड-मेडलिस्ट युवक है । पिता BHU में mechanical engineering के अध्यापक हैं तथा माता ' मनोविज्ञान' विषय की अध्यापिका हैं। इस युवक ने रुचिका काण्ड के अपराधी - " राठोड " तथा अरुशी काण...
7 comments:
सार्थक चर्चा।
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राज जी आपका अधिक दिन ब्लॉग पर ना आने का कारण क्या है |आपके ब्लॉग से वंचित रहना अच्छा नहीं लगता |पढ़ने वालों पर तो कृपा कर ध्यान दीजिए |
आशा
अच्छे लिंक्स के साथ बहुत सुन्दर चौपाल्।
आशा जी,
कुछ विकृत मानसिकता वाले लोग इस साफ सुधरी ब्लाग चौपाल में भी आकर गंदगी करने लगे हैं जिसकी वजह से अब मन उचट गया है, ऐसे में अब रोज चौपाल लिखने की इच्छा समाप्त हो गई है, वैसे भी एक अखबार में एक पत्रकार के रूप में काम करते हुए समय निकाल पाना संभव नहीं होता है, लेकिन सुबह को किसी भी तरह से समय निकाल कर हम चौपाल संजाने का काम कर रहे थे, लेकिन कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है, तो हम भी सोच रहे हैं कि क्यों अपना समय खराब किया जाए, और साथ ही अपना दिमाग खराब किया जाए। हम जानते हैं कि जब तक ब्लाग जगत में गंदगी फैलाने वाले रहेंगे कोई भी मन से काम नहीं कर पाएगा। फिर भी हम कोशिश करेंगे कि इस चौपाल को जारी रखा जाए। अब हम रोज चौपाल संजा पाएंगे या नहीं इसका वादा नहीं कर सकते हैं।
आशा जी
एक बात और ब्लाग चौपाल जैसे ब्लाग में हमें मॉडरेशन लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा है तो आप सोच सकती हंै कि कोई बड़ा कारण होगा तभी हमने ऐसा किया है, वरना ऐसे सार्वजनिक ब्लाग में कोई मॉडरेशन लगाना पसंद नहीं करता है।
क्या राज भाई ! आप भी हार मानने लगे हो ?
अच्छे लिनक्स लिए ...सार्थक चौपाल ...धन्यवाद
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