विडम्बना-इंसानियत भी खो दी है पत्रकारिता ने-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी
>> Friday, January 28, 2011
सभी को नमस्कार करता है आपका राज
देश के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा कुम्भ के मेले, पकिस्तान जाने वाले सिक्ख श्रधालुओं पर किया जाने वाला खर्च और हज यात्रियों की सब्सिडी पर उठाया गया सवाल ख़ारिज कर दिया हे । सुप्रीम कोर्ट में एक कट्टर पंथी...
पृथ्वी की घूर्णन गति के फलस्वरूप आसमान के 360 डिग्री पश्चिम से पूरब की ओर जाती की चौडी पट्टी को 12 भागों में बांटकर एक राशि निकाली जाती है। आमलोग तो यही जानते हैं कि इन 12 राशियों में से दो का महत्व अधि...
महेश राठी * अरब जगत में नये युग की शुरुआत हो चुकी है। ट्यूनीशियाई क्रान्ति की सफलता वहां सत्ता को चुनौती देने वाले आंदोलनों की प्रेरणा बन चुकी है। ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति के सत्ता पतन के बाद अरब जगत में...
इतना मुश्किल है क्या हँसी का अर्थ ढूंढना अभी तो सिर्फ एक ही अर्थ कहा है ढूँढने को गर रोने के अर्थ ढूँढने पड़ते तो शायद सदियाँ गुजर जातीं और तुम रीते हाथ वापस आ जाते एक मुस्कान चस्पा करके और उस हँसी का अ...

गोइसैनिन होगे सुकारो अउ मैं होगेंव इतवारी* का बतावौं संगवारी हो. पहिली "उत्तम खेती माध्यम बान अधम नौकरी भीख निदान" कहैं. एमा दू मत नई ये के खेती बने असन नई होतीस त खातेन काला. जिए बर खाए ला त परबे करही....
रात्रिकालीन सत्संग में नये सदस्य अरूण काकू ने बहुत कम दिनों में अपनी जगह बना ली है।अब वो हर बहस मे सक्रियता से हिस्सा लेता है और कई बार बेवजह आदत अनुसार टांग भी अड़ाता है।उसकी बात पर कभी आम सहमति नही बन पात...
"क्यूँ कहते हो हमारे इंडिया का कुछ नही हो सकता "!
26 जनवरी आ गयी ....नॅशनल होलीडे है ...बच्चे ..कुछ अधिकारी ..स्कूल के अध्यपक ..लेक्चरर्स ...और कुछ और वर्ग के कार्यकर्ता ....खुश ही होते हैं..चलो..इक छुट्टी तो आई ...पर हाँ कुछ जन हैं जो दुखी होते ह... अच्छा तो हम चलते हैं
फिर मिलेंगे

री इठलाती क्यों बार-बार ! मदमस्त हुई चंचल कलिके, क्यों झूल रही तू डार-डार ! री इठलाती क्यों बार-बार ! टुक दे तो ध्यान अरी पगली क्या जीवन का है अर्थ अरे, क्यों व्यर्थ गर्व में दीवानी तू निज तन में सौंदर्...
किसी भी समाज और देश का भविष्य उसके बच्चे होते हैं। इस भविष्य को संवारने का औजार शिक्षा होती है। शिक्षा ज्ञान और संस्कार देती है। इसीलिए भारत में बच्चों को शिक्षा का अधिकार भी है। पिछले दो दशकों में शिक्षा ...
आप ब्लागर हैं..तो बन सकते हैं मंत्री-प्रधानमंत्री
यदि आप शौकिया तौर पर ब्लागिंग करते हैं तो अब गंभीर हो जाइये और चलताऊ विषयों की बजाय ज्वलंत मुद्दों पर लिखना शुरू कर दीजिए क्योंकि ब्लागिंग से अब आप न केवल भरपूर पैसा और नाम कमा सकते हैं बल्कि मंत्री तथा ...

एक और राष्ट्रीय दिवस निपटा घर लौट गये सब छुट्टी मनाने। जिस संस्था से जुडा हूं, वहां और किसी दिन जाओ न जाओ आज जाना बहुत जरूरी होता है। अपने को देश-भक्त सिद्ध करने के लिए। मन मार कर आए हुए लोगों का जमावड़ा, क...
छत्तीसगढ़ पद्म
2010 के लिए घोषणा के साथ, छत्तीसगढ़ के पद्म अलंकृत, अलंकरणों की संख्या क्रमशः 13 और 15 हो गई है। इस सूची के श्री हबीब तनवीर और श्रीमती तीजनबाई पद्मश्री फिर पद्मभूषण अलंकृत हो चुके हैं। संभवतः श्री सत्यदेव...

पूरे देश मै भ्रष्टाचार शिखर पर ...देश मै शायद इतने बडे घोटाले पहले कभी हुए हो जितने इन दिनों भारत मै हो रहे हैं .... हर दिन कोई न कोई घोटाला ....भ्रष्ट लोगों का विरोध करने वाले ज़िंदा जला...
नगरीय निकायों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार कर राज्य शासन द्वारा उन्हें हटाने के आदेश को नियमों के अनुरूप नहीं पाया है। आदेश से प्रदेश की नगर-निगम, पालिका या नगर पंचा...
फिर मिलेंगे
4 comments:
अच्छी और सार्थक चौपाल सजी है |बहुत बहुत बधाई
आशा
gvaalaani bhaai aek gvaale ki trh se jngl ki sbhi gaayon ko akhtta krte ho fir unhen vyvsthit kr chraane ke liyen khushnumaa jngl bnakr proste ho vaaqyi yeh krtb yeh jadu kevl hmare gvalani ji hi dikhaa skte hen or koi nhin . akhtar khan akela kota rajsthan
बहुत सुन्दर चौपाल सजाते हैं आप राजकुमार जी ! लेकिन बीच में आये व्यवधान अखर जाते हैं ! जिस दिन यह चौपाल नहीं सजती अच्छा नहीं लगता ! मेरी शुभकामनायें स्वीकार करें !
उत्तम और जानकारी से भरे लिंक।
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