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एक ब्लागर सम्मेलन इधर भी-मुमकिन है तुम आ जाओ -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Tuesday, December 14, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
दो दिन पहले की बात है, अपने राज्य की राजधानी में ओलंपियन मुक्केबाज विजेन्दर का आना हुआ। उनके साथ कुछ और मुक्केबाजों का यहां सम्मान समारोह था। समारोह के बाद जब हम और हमारे साथी पत्रकार उनसे बात करने बैठे 
 
आयोजित करने पर सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी का स्वागत करते हुए मानव संसाधान विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को कहा कि यह छात्रों के हित...
 
जब चाँद से आग बरसती हो और रूह मेरी तडपती हो मुमकिन है तुम आ जाओ जब आस का दिया बुझता हो और सांस मेरी अटकती हो मुमकिन है तुम आ जाओ जब सफ़र का अंतिम पड़ाव हो और आँखों मेरी पथरायी हों मुमकिन है तुम आ जाओ...
 
हरियाणा अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह यमुनानगर में विजय जाधव पत्रकारों को संबोधित करते हुए आज अचानक एक खबर देखी. नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया के निदेशक विजय जाधव की ह्रदय गति रुकने से मृत्यु. 43 वर्षीय जा...
 
रेलमंत्री ममता बनर्जी का अशांत किसानप्रेम उन्हें अंधे गली में ले गया है। वे किसानहठ की शिकार हैं। किसानहठ राजनीतिक प्रतिगामिता को जन्म देता है। ममता का किसान से रोमैंटिक संबंध है। उसका किसान के...
 
नमस्कार, कई दिनों के बाद ब्लॉग पर आना हुआ। गढ धनोरा पर मैने परजीवी या सहजीवी का जिक्र देखा। परजीवियों को तो हम बचपन से ही देखते आ रहे हैं। वनस्पति जगत में और मानव जगत में भी। मानव जगत के परजीवियों को हम...
 
आजकल चारों तरफ़ ब्लाग सम्मेलन, ब्लागर मीट, ब्लागर मिलन इत्यादि इत्यादि... का दौर चल रहा है. और विज्ञान का युग है तो ऐसे में चैट सम्मेलन तो शुरू से चलन में रहा है यानि गाहे बगाहे ब्लागरों ने सम्मेलन की तर्ज...
 
मैं नहीं जानता कि हिंदी ब्लॉग पर पहले ये मुद्दा कभी उठा है या नहीं...लेकिन मुझे इसमें व्यापक विमर्श की संभावना दिख रही है...ये मुद्दा एक मंदिर में भगवान की मूर्ति को एक महिला के छूने के दावे से मचे विवाद क...
 
एक जमाने के बाद इतने लंबे समय के लिए घर पर हूँ.. एक लंबे समय के बाद मैं इतने लंबे समय तक खुश भी हूँ.. खुश क्यों हूँ? सुबह-शाम, उठते-बैठते इनकी शक्लें देखने को मिल जाती है.. सिर्फ इतना ही बहुत है मेरे लिए.....
 
एक बार फिर भारतीय संस्कृति को अपमानित करने का दुस्साहस हुआ है. अभी साड़ी के अपमान का घाव हरा ही था कि अब पगड़ी पर वार कर दिया गया. नाम है सुरक्षा कारणों से की जानेवाली तलाशी का. कितनी अजीब बात है कि आज क...
 
एक महान लोकतान्त्रिक देश का सरदार एक बार वाराणसी जाता है. गंगा किनारे सामने दुसरे किनारे को देख उसका मन ललचा जाता है – कि वहाँ क्या होगा ? इस पर एक मल्लाह से नाव का किराया तय कर के उस में बैठ जाता है.....
 
राज कपूर: एक तारा न जाने कहां खो गया
14 दिसंबर 1924* को जन्मे *रणबीर राज कपूर* एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्हें फिल्म निर्माण की किसी एक विधा से जोडक़र उनका सही मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। क्या नहीं थे वे? निर्माता, निर्देशक, अभिनेता, गीत-संगीत...
 
एक नया संसार बना कर जग से दूर क्षितिज तट में, वहाँ छिपाऊँगी अपने को अवनी के धूमिल पट में ! दुखियों का साम्राज्य नया निष्कंटक मैं बनवाऊँगी, दु:ख राज्य की रानी बन मैं सुन्दर राज्य चलाऊँगी ! पीड़ा मेरी मं...
 
आज तक यही देखा सुना की हिन्दू विवाह में कन्या की उम्र , दुल्हे की उम्र से कम होनी चाहिए । लेकिन इसके पीछे logic [ तर्क] क्या है ? ऐसा तो किसी संहिता , वेद, पुराण या फिर उपनिषदों में नहीं लिखा है। यदि प्र...
 
पैसा कमाएं सच में झूठ नहीं कहता कुलवंत हैप्‍पी, मुझे मशाल ने भेजा था, पहले तो मजाक लगा, लेकिन बाद में यकीन आ गया। यहां क्‍लिक करें।
 
दिनोंदिन बढती मंहगाई से तंग आ एक बुजुर्गवार फौज में भरती होने पहुंच गये। वहां सार्जेंट ने उनसे कहा, क्या आपको मालुम नहीं कि सैनिक के पद के लिए आपकी उम्र के लोगों को भरती नहीं किया जाता? तो बुजुर्गवार ने कहा...
 
रूखसार पर ढुलका पलक का इक बाल चुटकी से पकड़ रख दिया था तुमने मेरी उल्टी बंद मुट्ठी पर और कहा था कि मांग लो जो मांगना है , बस यह पल यहीं ठहर जाए यही ख़याल आया था . और फिर तुमने अपनी फूंक से उड़ा ...
 
विगत 12 दिसंबर को 981 किलोहर्ट्ज़ पर आकाशवाणी का रायपुर केन्द्र और 103.2 मेगाहर्टज़ पर आकाशवाणी का बिलासपुर केन्द्र एकत्र हुआ दोनों शहरों के मध्य स्थित सिमगा में। अवसर था छ.ग.रेडियो श्रोता संघ का सम्मेलन। तक...
 
बाज़ार की चकाचौंध मीडिया की बाढ़ के बीच निकलते हैं छोटे अखबार देश भर से स्थानीय भाषाओँ में पूरी प्रतिबद्धता के साथ या कहिये अपेक्षाकृत अधिक प्रतिबद्धता के साथ इनके मार्केटिंग एक्जक्यूटिव होते हैं कस...
 
 
 
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

6 comments:

Asha December 15, 2010 at 2:57 AM  

लिंक्स अच्छी लगीं |बधाई
आशा

वन्दना December 15, 2010 at 3:04 AM  

बहुत ही बढिया लिंक्स लगाये हैं……………सुन्दर चौपाल्……………॥आभार्।

दीपक बाबा December 15, 2010 at 8:09 AM  

प्रिन्स साहेब, सुंदर चौपाल जमाने के लिए सलाम.

शिक्षामित्र December 15, 2010 at 8:15 AM  

भिन्न-भिन्न विषयक पोस्ट ढूंढने में लगा श्रम स्पष्ट है। eduployment.blogspot.com की पोस्ट नियमित रूप से लेने के लिए,यह ब्लॉग आपके प्रति विशिष्ट कृतज्ञता ज्ञापित करता है।

संगीता स्वरुप ( गीत ) December 15, 2010 at 10:10 AM  

बहुत बढ़िया चौपाल ..अच्छे लिंक्स मिले.. आभार

ZEAL December 15, 2010 at 6:01 PM  

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राजकुमार जी ,
बढ़िया लिंक्स के साथ इस सुन्दर चौपाल के लिए आभार।

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