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परम सत्य-हमने तो भगवान को बेदिल ही देखा है -अब रूस भी बोला-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Friday, December 17, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
इंसानों की बस्ती में भी तंहा हैं हम वो इसलिए की सबसे जुदा हैं हम हमें सताते हैं सबके गम हो जाती हैं हमारी आंखे नम दुनिया में इतना दर्द देखा है अपना दर्द बहुत कम लगता है कहते हैं मर्द को दर्द नहीं होता...
परम सत्य
"दो परम सत्य : रात - दिन, आत्मा - परमात्मा, जीवन - मृत्यु, अन्धेरा - उजाला!" आचार्य उदय 
अब रूस भी बोला
रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की भारत से यात्रा से पहले नई दिल्ली में रूसी राजदूत ने कहा है कि पाक को अपने यहाँ चल रहे ४३ आतंकी शिविर बंद करने पड़ेंगें क्योंकि इन शिविरों से पूरी दुनिया में आतंक का निर...
 
विकीलीक के संस्थापक* *जूलियन असांजे जमानत पर रिहा होकर ब्रिटेन में अपने दोस्त के घर आ गए हैं। लेकिन उन दो औरतों का रहस्य अभी भी पूरी तरह खुला नहीं है। आखिरकार वे दो औरतें कौन थीं ? उन्होंने असांजे .
ये प्रेम के कौन से मोड आ गये
ये प्रेम के कौन से मोड आ गये जहाँ लम्हे तो गुजर गये मगर हम बेजुबाँ हो गये कहानी कहते थे तुम अपनी और हम बयाँ हो गये ये बादल मेरी बदहाली के क्यूँ तेरी पेशानी पर छा गये इस रूह के उठते धुयें मे तुम कैसे समा ग...
ख़ुमारी है मय की गुलों की नज़ाकत ख़ुदा की है ये दस्तकारी मुहब्बत ।१। लगे कोयले सा खदानों में हीरा बना देती है नीच नीचों की सोहबत ।२। तुझे याद जब जब करे मन का सागर सुनामी है उठती मचाती कयामत ।३। लिखा दूसरों क...
कहते हैं "आप राजनीति को छोड़ दें, राजनीति आपको नहीं छोडती". मेरे हिसाब से यह बात ब्लोगिंग पर भी शत-प्रतिशत सही बैठती है. मैंने आलस की वजह से अपने ब्लॉग जेएनयू पर काफी समय से लिखना छोड़ रखा था. ब्लॉग पढता भ...
यहाँ हर ओर चेहरों की चमक जब भी है मिलती मुस्कुराती है, यहाँ पाकर इशारा ज़िन्दगी लंबी सड़क पर दौड़ जाती है, सुबह का सूर्य थकता है तो खंभों पर चमक उठती हैं शामें, यहाँ हर शाम प्यालों में लचकती है, नहाती है... ...
ऋतु श्रृंगार...हेमंत...डा श्याम गुप्त...
हेमंत... आई फिर प्रिय शीत सुहानी, घिर घिर आये प्रीति अजानी। तन मन काँपे शीत पवन से, उभरे कोई , प्रीति कहानी । ...आई फिर से....॥ अपने अंतर्मन के तम को - दूर करो, प्रिय बचन सुनादो। मेरे मन की फुलवारी में...
इस वक़्त रात के करीब नौ बज रहे हैं , बाहर हल्की सी ओस की झरन , छज्जे की रेलिंग और अपने कांधों पर महसूस करते हुए , ऊपर आसमान में चांद के आधे अधूरे वजूद से माहौल में उजाले और अंधेरे भी आधे अधूरे की तर्ज़ पर...
ऐसा भी कर देते हैं लोग
जब कुछ मिलता नही चर्चा मे बने रहने को | मासूम से इश्क को फसाद बना देते है लोग || जिसको पाने में तमाम उम्र लग जाती है | उसे पल भर में ही खाक बना देते है लोग || बेपनाह प्यार का दावा करते है जिससे| गुजर जान...
सच कहूँ? मुस्काते भोले लगते हो कविता कहते बोदे लगते हो - मैं कैसी लगती हूँ? मुझे भोला या बोदा नहीं बनना मुझे कुछ नहीं कहना। तो क्या मैं तुम्हें अच्छी नहीं लगती? समझ का फेर है। न समझो वही ठीक है। 
राजकुमार साहू जांजगीर, छत्तीसगढ़ ऐसा लगता है, जैसे कांग्रेस महासचिव तथा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को सुर्खियों में बने रहना ही रास आता है, तभी तो वे मीडिया में आए दिन कुछ ऐसे बयान दे ज..

आप फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं। आपने इसके बारे में कुछ-न-कुछ शोध तो जरूर कर लिया होगा। आपने उसके लाभ और हानि वाले मसले पर भी सोच-विचार कर लिया होगा। संभव है कि आपने यह भी सोच लिया होगा कि आप और आपके साथ काम
सही समय पर इलाज ना हो पाने के कारण कमला अमरनानी के पति तथा पुत्र की असमय मौत हो गयी थी। उस भीषण दुख से उबरते हुए उन्होंने ऐसे लोगों की मदद करने का संकल्प लिया जो किसी भी कारणवश अपनों की जिंदगी बचा पाने म...
दर्द का खरीदार हूं, दर्द खरीदता हूँ...... जितने दर्द हो दे दीजिए....... बहुत अजीब लगा.... ये फेरी वाला मैडम ....... ढूंढ लीजिए.. दिलों दिमाग में, कल फिर आ जायूँगा... क्यों भई, क्या रेट खरीदोगे.. दर्द मै...
बचाओ...................! बचाओ..................! मेरे देश को बचाओ.....................! इन पार्टियों से बचाओ.........! इन नेताओं से बचाओ......... ! इन पार्टियों में भी, कांग्रेस से बचाओ........! और कांग्रे...
मुख्य नगरपालिका अधिकारी की रविवार को आयोजित की गई परीक्षा के मॉडल आंसर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने जारी कर दिए हैं। परीक्षा के चार दिन बाद जारी मॉडल आंसर में कई विसंगतियां हैं। पीएससी ने कुछ प्रश्नों के ग...
ब्लॉग जगत में आने से पहले ही मैं एक व्यस्त सामाजिक प्राणी था जो अकेला रहना कभी पसंद नहीं करता था जो लोग मुझे अच्छे लगते रहे हैं, उनकी समस्याओं को अपनी पूरी शक्ति के साथ सुलझाने का प्रयत्न करना, मेरा जूनून...
एक खामोश ढलती शाम, जिंदगी सी पर रंगों से भरी, जीवंत, खुशमिजाज़ जैसे कि एक भरपूर जिंदगी जीने के बाद महसूस होती है. शहर में कई हाई-टेक, एक्टिविटी पार्क उभर आये हैं जिनमें हर उम्र के लोगों के करने के लिए कुछ ...
कहते है स्वामी भक्ति में कुत्ते से कोई मुकाबला नहीं है, वैसे कई लोग घोड़े को भी उदाहरण के रुप में प्रस्तुत करते हैं लेकिन वर्तमान में राजनैतिक दलों के नेताओं में स्वामीभक्ति की होड़ मची है। स्वामी भक्ति में ...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
.. 

2 comments:

दीपक बाबा December 17, 2010 at 11:20 PM  

वाह लगता है आप चिट्ठाजगत की कमी पूरी कर रहे है.....

बढिया प्रयास

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