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मैं हैरान हूँ- पत्रिका की ये कैसी पत्रकारिता- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, December 23, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
पत्रिका की ये कैसी पत्रकारिता
अपने राज्य के बिलासपुर में दैनिक भास्कर के एक पत्रकार साथी सुशील पाठक की हत्या हो गई। इस खबर को राज्य के हर अखबार से प्रमुखता से प्रकाशित किया, लेकिन हाल ही में रायपुर से प्रारंभ हुए राजस्थान पत्रिका के पत...
कोटा के वकीलों के साथ सरकार का एक और धोखा
कोटा के आंदोलनरत वकीलों की आपसी फुट के चलते सरकार के होसले बुलं हो गये हें और सरकार ने कोटा में आज २४ दिसम्बर राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर खोली जाने वाली राज्य उपभोक्ता फ़ोरम की सर्किट बेंच का कार्यक्रम रद्द...
प्रियतम तव दर्शन आशा से खोले हृदय कुटी के द्वार , सोच रही थी कब वे आवें करूँ तभी मन भर मनुहार ! भरा हुआ उत्साह हृदय में दर्श लालसा का उन्माद , उत्कण्ठा थी प्रति पल-पल पर मन आँखों में वाद विवाद ! होती य...
रोहतक के तिलियार में राज भाटिया जी ने साबित कर दिया कि वे यारों के यार हैं। लोगों के पास अपने परिवार और रिश्तेदारों के लिए मिलन कार्यक्रम करने का समय और साधन नहीं होता। लेकिन राज भाटिया जी ने ब्लागर्स से ...
आज कुछ काम से गूगल पर खोजबीन चल रही थी, कुछ चित्रों को देखा तो नेताओं से सम्बंधित बहुत से कार्टून पसंद आये। उनमें से कुछ आपके लिए यहाँ लाये हैं। सभी कार्टून चित्रों के मालिकों, अधिकार रखने वालों के प्रति ...
कुछ राज़ की बातें
कुछ मित्रों का संदेश देखने के लिए फेसबुक पर गया तो वहां अचानक ही मुलाक़ात हुई मनसा आनंद जी से उनकी पोस्ट का शीर्षक बहुत तेज़ी से बुला रहा था. लिखा था *सोना सर्वाधिक प्राण ऊर्जा को अपनी और आकर्षित करता है...
''आज प्रीतिश नंदी जी का यह लेख भास्कर के माध्यम से पढने को मिला इस लेख ने मुझे काफी प्रभावित किया,वैसे तो अधिकतर पाठकों की नजर से यह बचा नहीं होगा,लेकिन उस पाठकों के लिए हम इसे यहाँ लेकर आ रहे है जो इसे..

एक कोशिश
Share तमस भाव से अंतस जब पूरित होगा रूप बदलते जीवन से नभ भी भरमाया होगा कुंठाए फैलेंगी चहुँ ओर विकारों के दल दल में बोलो कैसे प्रेम सृजित होगा ? कैसे दुख छिप जायेगा कैसे आहें थम पाएंगी ? शब्दो...
प्याज को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की चुस्ती-फुर्ती देखकर मन गदगद हो गया। आनन- फानन में 400 सरकारी केंद्रों पर प्याज की ब्रिकी भी शुरू कर दी गई। लेकिन द..
मैं हैरान हूँ
रूद्र जी रिपोर्ट कार्ड के साथ*  मैं हैरान हूँ कल तक मैं कह रही थी कि मेरा बेटा पढ़ने में फिसड्डी होता जा रहा है और आज उसका रिजल्ट देखा तो बोलती तो बंद है लेकिन खुराफाती दिमाग कुछ न कुछ संशय पैदा कर...
बेहद अक्लमंद अलीबाबा जंगल पहाड़ और गुफाओं की खाक छानता घूम रहा है, उसके पास खुल जा सिम सिम का राज भी है और उसे ये भी पता है कि किस गुफा मैं लूट का खजाना पड़ा है ! मगर गुफा का दरवाजा है कि उसके लाख खुल...
हम जिस व्यवहार की अपेक्षा नही करते किसी दिन वैसा हमारे साथ हो जाए तो? कई दिनो तक ना तो हम ठीक से सो पाते है और ना ही उस व्यक्ति को भूल पाते हैं. हम भी तो पूरे साल जाने-अंजाने में कितने लोगों से अप्रत्याशित...
जेल में सजा काट रहीं इंटरमीडिएट पास महिला कैदी अब शिक्षिका बनेंगी। ये महिला कैदियों के साथ जेल में रहे उनके तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पढ़ाएंगी। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में योजना की शुरुआत हो...
राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को मालामाल करने के बाद अब राष्ट्रमण्डल और एशियन खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में सेवाएं देने के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा...
पिछले दिनों एक ब्‍लॉगर दोस्त ने पैसालाइव डॉट कॉम का लिंक भेजा, और लिखा हुआ था प्रत्येक माह कमाएं नौ हजार से ज्यादा रुपए, पहले पहल तो यकीन नहीं आया, लेकिन पूरी पॉलिसी पढ़ने के बाद समझा में आया कि असली बात...
वर्तमान दौर लघुकथा लेखन का है। पूर्व में किसी भी पत्रिका में सद-विचार या चुटकुले प्राथमिकता से पठनीय होते थे। लेकिन आज इनका स्‍थान लघुकथाओं ने ले लिया है। लघुकथाएं जहाँ भारत में भी अपना स्‍थान बना रही है ...
कल बात अधूरी रह गई थी। अचानक याद आया कि कवि सम्मेलन के स्मृति चिन्ह लेने दरीबां जाना है। लेकिन स्मृति चिन्ह पर लिखाई यानि फॉन्ट पसन्द नही आया। इतना बडा और बोल्ड कर दिया था कि नीचे प्लेट की चमक (ग्रेस/शाईनि...
संकीर्ण व्यक्ति अपने सीमित दायरे के अन्दर रह कर कुढ़ता, खींजता, चिडचिड़ाता रहता है और ऐसे व्यक्तित्व के धनी तरह तरह की त्रासदी भुगतते रहते है और वह कभी प्रगति नहीं कर पाता है ...यह कटु सत्य है . एक कुंआ था...
काली कॉफी में उतरती सांझ
थके कदमो से... घर के अंदर घुसते ही बत्ती जलाने का भी मन नहीं हुआ खिड़की के बाहर उदास शाम, फ़ैल कर पसर गयी है मुस्कुराने का नाटक करने की ज़रूरत नहीं आज जी भर कर जी लूं, अपनी उदासी को ** कब मिलता है...
क  2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जिस तरह से मीडिया जगत पर कालिख पुती है वह मालिकों के लिए नया सबक हो लेकिन पत्रकारों के लिए किसी शर्मिन्दगी से कम नहीं है। विज्ञापन के नाम पर खबरें बेचे जाने की सोच ने इस चौथे स्त...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

3 comments:

वन्दना December 24, 2010 at 1:13 AM  

काफ़ी अच्छे लिंक्स मिले………………आभार्।

Sadhana Vaid December 24, 2010 at 2:32 AM  

आज कई दिनों के बाद अपने कम्प्यूटर की कुर्सी पर बैठने का अवसर मिला है ! आपकी खूबसूरत बहुरंगी चौपाल ने मन मोह लिया ! मेरी शुभकामनाएं और आभार स्वीकार करें !

शिक्षामित्र December 26, 2010 at 7:31 AM  

भाषा,शिक्षा और रोज़गार ब्लॉग की पोस्ट लेने के लिए आभार।

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