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आपकी आँखों से आंसू बह गए, निकलेंगे फिर जुल्म मिटाने- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Sunday, September 12, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
हम आज सुबह से इस बात को लेकर हैरान और परेशान हैं कि मैच फिक्सिंग में अपने छत्तीसगढ़ का भी नाम आ गया है। जिस पत्रिका के पत्रकार इसमें शामिल हैं, उनके बारे में काफी से हमसे भी पूछा जा रहा था, उनके फिक्सिंग में शामिल होने की खबर से हम हैरान हैं। बहरहाल आज सप्ताह के पहले दिन ब्लाग बिरादरी से ब्लागों को कवितमय कर रखा है, चलिए देखे कौन किस रंग में हैं। ....
आपकी आँखों से आंसू बह गए, हर इक लम्हे की कहानी कह गए। मेरे वादे पर था एतमाद तुम्हे, और सितम दुनिया का सारा सह गए। - शाहनवाज़ सिद्दीकी
जो प्रतिबद्ध हो कर लिखते है, उनके लिये रचना परिवर्तन का माध्यम होती है.कोशिश करता हूँ कि कुछ ऐसा लिखूं,कि लोग उसे कुछ समय तक तो याद रख सकें. लेकिन ऐसा सौभाग्य कम लोगों को ही मिल पाता है. फिर भी मेरा काम ह...
आज अपने पुराने संकलन से एक कहानी चुन कर आपके सामने प्रस्तुत करने जा रही हूँ ! आशा है आप इसे ज़रूर पसंद करेंगे ! * कस्तूरी-मृग * “ लो शिखा भी आ गयी ! अब लगा लो सबका खाना बहू ! जल्दी से काम निबटा लो ! शिखाs...
चार सितम्बर की शाम , खबर ये कि श्वसुर साहब की तबियत ज्यादा ही नासाज़ है ! ज़ल्द से ज़ल्द पोस्ट वेब पेज के हवाले करता हूं और बीबी को हुक्म कि कल सुबह प्रस्थान की तैय्यारी की जाये ! ब्लॉग पर सन्देश छोडता हू...
जहां समाप्ति की नियति है वहां हर कर्म क्षणिक और अपने लिए गढ़ा गया हर अभिप्राय भ्रम होता है इसलिए- शुरू की जानी चाहिए मृत्यु से जीवन की बात समझना चाहिए ज़िंदगी को एक छोटा सा सफ़र बगैर भ्रम को पाले...
परछाइयों में छुपे जितने साये हैं सब मोहब्बत के निशाँ उभर आये हैं भीड़ के दामन में छुपे साए हैं मोहब्बत के दर्द यूँ ही नहीं उभर आये हैं सब दामन बचा के निकल गए किसी ने मोहब्बत को छुआ ही नहीं अपन...
रचना दीक्षित बता रही हैं- मिलन
आओ इस हिंदी दिवस पर अंग्रेजी का बहिष्कार न करके उसे ढूध में चीनी की तरह मिला के देखें एक प्रयोग *मिलन * मैंने सीखा है suffer ........ करना जीवन के इस छोटे से सफ़र से सौ बार तुझे चाहा पर रही ba...
आदमी की तरह चलता कुत्ता और तुम्हें मेरी याद भी नहीं आती.. हुँह..----------------->>>दीपक मशाल 
सुबह से कुछ लिखने का जी किया आज... बस टाइप करता चला गया.. बाद में देखा तो ये बना... अब जो बना सो बना.. पर सोचता हूँ आपको दिखा ही दूँ.. काश तुम्हारी याद होती कोई बिल्ली जब भी वक़्त बे-वक़्त दिल-ओ-दिमाग क...
छत्तीसगढ़ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन गडकरी कहने को तो प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में आए थे और वे यहां रमन सिंह के चक्रव्यूह में उलझकर रह गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच से आदिवासी नेता विधायक सांसद त...
स्व.आयुवानसिंह शेखावत द्वारा लिखे गए वीर रस के दोहे "हठीलो राजस्थान" के नाम से राजपूत वर्ल्ड ब्लॉग पर नित्य प्रकाशित हो रहे है जिन्हें आप यहाँ चटका लगाकर पढ़ सकते है 
प्रीति टेलर बता रही हैं- तेरी तस्वीर
चुपकेसे उसका आना , मेरी तनहाईकी ख़ामोशीको तोड़कर , मेरे कानोमें कुछ बतियाना , फिर खिलखिलाकर हंस देना , और हवाओके पंख लगाकर उड़ जाना , ये है मेरे प्यार का परिचय , तस्वीर बनकर छुपा पलकोंमें पर आँखोंसे ओज...
मेरे दिल की हसरत जब भी कोई मुकाम पायेगी, सच कहता हूँ जिन्दगी तु मुझे न थाम पायेगी। इक बेवफ़ा मुसाफ़िर हूँ, चल दूंगा साथ छोड्कर, किसी मोड पर तु ही अपने को तमाम पायेगी॥ देख लेना जिस दिन उठ गया मै मयखाने से, हा...
अचानक सुबह को दैनिक भास्कर की एक खबर पर नजरें पड़ीं तो हम हैरान रह गए। इस खबर से साफ है कि मैच फिक्सिंग के तार छत्तीसगढ़ से भी जुड़े हैं। फिक्सिंग के तारे छत्तीसगढ़ से जुड़े होने की वजह से हम हैरान नहीं हु...
प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 91 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है Bhoram Dev Temple-Chattisgarh और इसके बारे मे संक्षिप्त ...
आये दिन होने वाले हादसों के बावजूद भी नशा ओर रफ़्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है...बीती रात भी सराय रोहिला एरिया में चोकी नंबर दो के पास नशे में धुत्त स्टीम कार ड्राईवर ने मोटरसाईकल पर सवार दो लोगो...
छल-कपट, खोट को त्याग अब झूठ की लंका से भाग ब्लॉग जगत एटम पर बैठा छेड़ रहा है दीपक राग खोल के रखो सोच की खिड़की डंस लेंगे गफ़लत के नाग सावन भी अब जल जाएगा चारों तरफ इशक की आग 
नशा ###### स्टेशन पर भीड़ थी ! लोग बहुत बेसब्री से ट्रेन के आने का इंतज़ार कर रहे थे ! ट्रेन के लेट होने से खोमचे वालों की खूब बिक्री हो रही थी ! अचानक एक धम्म की आवाज़ हुई ! सबने चौंक कर आवाज़ की तरफ देखा ...
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

10 comments:

गजेन्द्र सिंह September 12, 2010 at 8:29 PM  

बढ़िया लेख है अभी पूरा तो नहीं पढ़ा पर पढेंगे जरुर ....

मुस्कुराना चाहते है तो यहाँ आये :-
(क्या आपने भी कभी ऐसा प्रेमपत्र लिखा है ..)
(क्या आप के कंप्यूटर में भी ये खराबी है .... )
http://thodamuskurakardekho.blogspot.com

वन्दना September 12, 2010 at 9:59 PM  

। अरे वाह्………………बहुत सुन्दर चौपाल सजाई है।

girish pankaj September 12, 2010 at 10:11 PM  

sundar saji hai yah chaupal.
achchhe links ka isame khyaal..
shubhkamanaon se ho malamaal..

संगीता स्वरुप ( गीत ) September 12, 2010 at 11:40 PM  

बहुत बढ़िया चौपाल ...अच्छे लिंक्स मिले .

Sadhana Vaid September 13, 2010 at 3:11 AM  

बहुत चुन कर आप सागर में से मोती ले आते हैं ! इतनी सुन्दर चौपाल के लिए बधाई !

ali September 13, 2010 at 3:51 AM  

सारे लिंक्स देखता हूं ! आभार !

अशोक बजाज September 13, 2010 at 10:53 AM  

सुंदर लिक्स के लिए आभार . ग्राम चौपाल में तकनीकी सुधार कार्य चल रहा है . धन्यवाद

दीपक 'मशाल' September 13, 2010 at 4:57 PM  

आज तो कई सारे लिंक पढ़ लिए आपकी बेहतरीन चर्चा से.. मज़ा आ गया.. आभार..

Udan Tashtari September 13, 2010 at 9:01 PM  

बहुत बेहतरीन लिंक्स!


हिन्दी के प्रचार, प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है. हिन्दी दिवस पर आपका हार्दिक अभिनन्दन एवं साधुवाद!!

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