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हमारी भी सुनो, दम है तो मेरा मेघा से मुकाबला करवा लें -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, September 27, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 

काम है ज्यादा, समय है कम
इसलिए सीधे चौपाल 
की तरफ चलते हैं हम

मैं राम, मैंने तो तुम्हें सदा दया का मार्ग दिखाया था, सदा प्रेम और अहिंसा का पाठ पढ़ाया था ! यह आज तुम मेरी किस शिक्षा का अनुसरण कर रहे हो ? ऐसी क्रूरता और निर्ममता की सीख मैंने तुम्हें कब दी थी बताओ कि आज त...

जिस तरह की राजनीति करके मुझे कामनवेल्थ की नेटबॉल टीम से बाहर किया गया, उससे मैं हैरान हूं। मुङो यह कहने में थोड़ी सी भी झिझक नहीं है कि वास्तव में सत्ता से ज्यादा राजनीति तो खेल में होती है। मैं यह दावे से...
 
आजकल कई ब्लोग्स पर जाते ही एंटी-वायरस उन ब्लोग्स पर वायरस होने की चेतावनी देता है , चेतावनी गौर से देखने पर पता चलता है कि यह वाइरस ब्लोगरज़ूम.कॉम के कोड में है . और यह चेतावनी सिर्फ उन्ही ब्लोग्स के खोलने ...
 
बेबस है जिन्दगी और मदहोश है ज़माना इक ओर बहते आंसू इक ओर है तराना लौ थरथरा रही है बस तेल की कमी से उसपर हवा के झोंके है दीप को बचाना मन्दिर को जोड़ते जो मस्जिद वही बनाते मालिक है एक फिर भी जारी लहू बहाना म...
 
सादगी वो अदा है जिसका कोई सानी नहीं है ! सादगी ही इंसा को इंसा की हकीक़त बतलाती है ! सादा जीवन उच्च विचार इंसा का परिचय करवाती है ! सादगी ही इंसा को इंसा के और करीब ले आती है ! सादगी ही असल जीवन से उसक...
 
प्रिय ब्लॉगर मित्रो, प्रणाम ! आज जब यह ब्लॉग वार्ता लिख रहा हूँ तो मन में केवल एक विचार आ रहा है .........जिस तरह हम लोगो ने कुछ लोगो को एकदम भुला दिया है ........क्या एक दिन हम लोगो को भी ऐसे ही भुला दिय...
 
मिस समीरा टेढी के लिये आज का दिन बहुत व्यस्त रहा. आज समीरा जी मुंह अंधेरे ही ऊठकर राजमहल की अतिथिशाला के बगीचे मे मार्निंग वाक पर निकल गई. गधा सम्मेलन की तैयारियों का सारा ही बोझ उनके कमसिन कंधों पर आ पडा ...
 
इधर कॉमनवेल्थ गेम्स की खबरें अच्छी आने लगी हैं। खेलग्राम भी अच्छा बन गया है और खिलाड़ियों को भी कोई शिकायत नहीं रह गई है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि मीडिया ऐसा कह रहा है। यह वही मीडिया है जो एक दिन पहले...
 
दोहा सलिला : रूपमती तुम... संजीव 'सलिल' * रूपमती तुम, रूप के, हम पारखी अनूप. तृप्ति न पाये तृषित गर, व्यर्थ रूप का कूप.. * जुही चमेली चाँदनी, चम्पा कार्सित देह. चंद्रमुखी, चंचल, चपल, चतुरा मुखर विदेह.. 
 
क्राइस्‍ट कहते हैं, तुम कन्‍फेस कर दो, मैं तुम्‍हें माफ किए देता हूं। और जो क्राइस्ट पर भरोसा करता है वह पवित्र होकर लोटेगा. असल में क्राइस्‍ट पाप से तो मुक्‍त नहीं कर सकते, लेकिन स्मृति से मुक्‍त कर सकते ...
 
जहां जीवन में अच्‍छे ग्रहों के कारण सुखमय समय जीवन को आनंदमय बनाए रहते हैं , वहीं बुरे ग्रहों के कारण चलने वाले बुरे समय को झेलने को भी मनुष्‍य विवश होता है , परंपरागत ज्‍योतिषियों द्वारा इसके इलाज के लिए ...
 
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 
 
 
 
 
 
 

7 comments:

संगीता पुरी September 27, 2010 at 8:45 PM  

बहुत अच्‍छी वार्ता .. आभार !!

डॉ. मोनिका शर्मा September 27, 2010 at 9:06 PM  

अच्छी वार्ता ...... अच्छे लिनक्स मिले....

वन्दना September 28, 2010 at 12:21 AM  

बहुत सुन्दर चौपाल्।

Sadhana Vaid September 28, 2010 at 2:00 AM  

शहीदे आज़म भगत सिंह और उन सभी शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजली जिन्होंने इस देश का इतिहास बदल दिया ! उनके बलिदान को हम व्यर्थ ना जाने दें यही हमारा संकल्प होना चाहिये ! बहुत बढ़िया चौपाल और 'सुधिनामा' को इसमें सम्मिलित करने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

ताऊ रामपुरिया September 28, 2010 at 5:42 AM  

बहुत ही उम्दा लिंक्स के साथ बेहतरीन चर्चा.

रामराम.

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