Powered by Blogger.

सूखे फूल और बहार-हर तरफ हो हरियाली - तो हर दिन हो दीपावली- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Tuesday, October 12, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
बस अब से ठीक एक घंटे बाद भिलाई के लिए निकलना है। हमारे एक मित्र काफी समय से बुला रहे हैं, जाना ही नहीं हो पा रहा था, कल रात को अचानक बात तय हुई है तो आज जा रहे हैं अपने मित्र से मिलने के लिए। बहरहाल चलते हैं चौपाल की तरफ... 
 
यादों के सूखे फूल आज भी महका रहे हैं मेरी ज़िंदगी की किताब को इस महक से ज़िंदगी में आज भी बहार है | 
 
तीन दिन पहले हमें रविवार के दिन छुरा जाने का मौका मिला। रास्ते में चारों तरफ हरियाली देखकर हमारे मन में एक ही विचार आया कि काश ऐसी ही हरियाली से अपने देश का हर शहर भी हरा-भरा होता तो कितना अच्छा होता। हम 
 
(कोलकाता की दुर्गापूजा का एक दृश्य)* इन दिनों पश्चिम बंगाल देवी-पूजा में डूबा हुआ है। चारों कोलकाता शहर में देवीमंडप सजे हैं। जिनमें नवीनतम कला रूपों का कलाकारों-मूर्तिकारों ने प्रयोग...
 
हर किसी कि उम्र में उसके हिस्से का संघर्ष छिपा होता है.. वह दिन याद आता है, जब दुनिया के साथ संघर्ष के सिलसिले की शुरुवात नहीं हुई थी तब सोचता था.. चौंधिया कर किसी दूसरे के किस्सों को सुनता था.. गुनता था....
 
तस्वीर में आप देख रहे हैं कि बांयें से केबल न्यूज़ नेटवर्क (सी एन एन) की एक न्यूज़ एंकर **Kyra Phillips** **अपने टीवी चैनल के लिए **मुलाकात कर रही है कुछ ख़ास लोगों के साथ. इनमें से एक तो हैं अमेरिकी सेन...
 
आखिकार मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया है.ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ बंगलौर में चल रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन सचिन २१४ रन बनाकर आउट हुए हैं.उन्हें पीटर जॉर्ज ने आउट किया...
 
आज ब्लोग मदद को देख तो पाया कि १२ मई के बाद इस पर कुछ नहीं आया ! क्योकि ब्लोग ब्लोगर्स की मदद के लिये है तो सोचा क्यो ना इस पर आशीषजी की लेखो की सूचि दी जाये इसका कारण है कि मैने स्वयं उनके लेखों से बहुत क...
 
विगत दिनांक ०९-१० अक्टूबर २०१० को वर्धा में महात्मा गांधी अन्तराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित "हिंदी ब्लोगिंग की आचार संहिता " विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी और कार्यशाला का आयोजन हुआ ....
 
पत्‍थर मारने का धंधा लाभकारी है। इसमें पत्‍थर भी अपने नहीं लगेंगे, और अपने तो लगेंगे ही नहीं। पत्‍थर वो शै है, जो टूटकर भी पत्‍थर ही रहता और उसके तोड़ने की काबलियत में कमी नहीं आती। एक रेशा कंकरी आंख में च...
 
(श्रीमान महक जी नें इस कविता को ब्लोग-संसद पर प्रकाशित करने का अनुरोध किया था, पर मैं भूल गया। अब इस कविता को यहां पुनः प्रकाशित कर रहा हूं)* सौ सौ चुहे खा के बिल्ली, हज़ को जा रही है। क्रूरता आकर करूणा के...
 
सितारों को नहीं देखती मेरी किस्मत का सितारा वहाँ आसमाँ में नहीं टंगा खुदा ने कोई सितारा बनाया ही नहीं फिर कैसे खोजूँ उसे आसमाँ में अब अपने सितारे आप बनाती हूँ दिल के बगीचे में सितारों के फूल उगा...
 

चढ़कर इश्क की कई मंजिले अब ये समझ आया इश्क के दामन में फूल भी है और कांटे भी और मेरे हाथ काँटों भरा फूल आया ------------- फूल सा इश्क पाकर फूला न समाया पर बेवफाई का काँटा हर फूल ने ज़रूर चुभाया ------------...
 
टंगी है जो तस्वीर, कितनी है दिलकश, ये कीलों से छलनी दीवारों से पूछो ।  उजालों की कीमत शरारों से पूछो। जलें उम्र भर जो, सितारों से पूछो। टंगी है जो तस्वीर, कितनी है दिलकश, ये कीलों से छलनी दीवारों से पूछो । होता है क्या यारो, दर्द-ए-जुदाई, ये दरिया के दोनों किनारों से पूछो। क...
 
मुख्यमंत्री के निर्देश का दूसरी बार उल्लंघन किया मंत्री मोहिले ने रायपुर। अयोध्या विवाद के फैसले पर जुलूस रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने जिस तरह से नियम कानून की धाियां उड़ाई है...
 
 
 
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 

8 comments:

एकलव्य October 12, 2010 at 9:57 PM  

इत्ती खासी चर्चा कर डाली जी...बधाई हो पत्रकार जी

वन्दना October 13, 2010 at 4:12 AM  

बहुत सुन्दर चौपाल

अशोक बजाज October 13, 2010 at 11:56 AM  

सचिन के दोहरे शतक के लिए आपको भी बधाई .अच्छे लिंक्स के लिए आभार .

काजल कुमार Kajal Kumar October 13, 2010 at 3:38 PM  

साज-सज्जा भी बढ़िया लगी, चर्चा में चित्र अच्छे लगते हैं.

Post a Comment

About This Blog

Blog Archive

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP