Powered by Blogger.

शर्म की पोशाक को वह छोड़ करके आ गया-सलमान यहां आकर छत्तीसगढ़ को खा गया-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, October 28, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
सलमान खान के छत्तीसगढ़ में किए गए सम्मान को लेकर राज्य में बवाल मच गया है। बवाल इसलिए मचा है क्योंकि सलमान की वजह से एक तरह से राज्य का अपमान हो गया है। राज्य का अपमान इस तरह से की राज्य के राज्यपाल और मुख...
 
महामहिम राज्य पाल दिनेश नंदन सहाय छत्तीसगढ राज्य का निर्माण 1 नवम्बर 1999 को हुआ, नए राज्य के उद्घाटन समारोह में मुझे भी शिरकत करने का मौका मिला। दिनेश नंदन सहाय जी को छत्तीसगढ का राज्यपाल बनाया गया था।...
 
चौखट पर खट कीजिए और झट से प्रवेश पाइये 
 
राम जन्मभूमि विवाद महज एक धार्मिक मसला नहीं है मगर पिछले दो दशकों से यह भारत के राजनीतिक मानसपटल पर काबिज है. इस फैसले को आप किस तरह देखते हैं?* इस फैसले का सार दो शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है: अपरा...
 
अरुंधती रॉय ने जो कश्मीर में या देश के अन्य हिस्सों में जाकर बयान दिए हैं, अवश्य ही वे देश के स्वाभिमान के लिए, देश की एकता के लिए और संप्रुभता के लिए उचित नहीं हैं, कभी कभी उनके विचारों से अपरिपक्वता...
 
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले अमरीका ने कहा है कि भारत के उदय और महत्व को देखते हुए भविष्य में संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के किसी भी सुधार में भारत केन्द्र में होगा. ...
 
जा रे हंसा कागा देस मोरे बालम गए बिदेस। जो मोरे बालम उड़ना चाहें लेना पाँख लेस जो मोरे बालम रोना चाहें देना और कलेस। जा रे हंसा कागा देस। कागा देस की अजब रवायत मानुख बदलें भेस जो मोरे बालम सजना चा...
 
ओह उब गये हैं ... मन अब राम राम करने को चाहता हैं .... जय राम जी की ... विशेष सूचना : खास जनों को खास खबर : - बड्डे आए और निकल लिए ... 
 
शर्म की पोशाक को वह छोड़ करके आ गया
(ग़ज़ल ) * ** ** *शर्म की पोशाक को वह छोड़ करके आ गया * *वेबसी की **एक चादर ओढ़ करके आ गया । * ** *रक्त पीकर वह मनुज का कह रहा है शान से-* *रहगुजर में दो दिलों को जोड़ करके आ गया । * ** * गा रहे हैं गीत...
 
त्याग सूखी रोटी खाने में नहीं, आरज़ू को जीतने में है
त्याग यह नहीं है कि मोटे और सख्त कपड़े पहन लिए जायें और सूखी रोटी खायी जाये । त्याग तो यह है कि अपनी आरजू, इच्छा और ख्वाहिश को जीता जाये । 
 
खूबसूरती
मैने खुदा से पूछा कि खूबसूरती क्या है? तो वो बोले :::: खूबसूरत है वो लब जिन पर दूसरों के लिए एक दुआ है खूबसूरत है वो मुस्कान जो दूसरों की खुशी देख कर खिल जाए खूबसूरत है वो दिल जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए...
 
एक इंसान ऐसा चाहिए : मनोज सिंह* * * रिश्तों में कुछ सीधी सरल सी उलझनें होनी चाहिए आदमी को जीना है गर तो एक अदद दुश्मन चाहिए मजा होश से जीने में है जानता हूँ मैं यह बात पर कभी साकी मिले तो दो घूंट पीनी चाहि...
 
तेरे प्यार में अभी तक मैं जहान ढ़ूढ़ता हूँ दीदार हो सका न क्यूँ निशान ढ़ूढ़ता हूँ जब मतलबी ये दुनिया रिश्तों से क्या है मतलब इन मतलबों से हटकर इन्सान ढ़ूढ़ता हूँ खोया है इश्क में सब आगे है और खोना खुद मिटा...
 
आहाह! आज छम्मकछल्लो को मज़ा आ गया. यह मज़े वह होश सम्भालने के बाद से ही लेती आ रही है. यह दीगर बात है कि अब वह होश खो बैठी है. आज वह कई बांस ऊपर उछल गई, जब उसे पता चला कि हमारा प्यारा, न्यारा, महान देश भ्रष्...
 
खामोशियों के किनारों से मौन की निशब्द बहती धारा में मुझे बहुत गहरे उतरना है और अंगार सी धधकती सीपियों से शीतल, सुमधुर, सुशांत शब्दों के माणिक मुक्ता चुन कर लाने हैं ! दर्द भरे स्वरों के आरोह अवरोह पर ...
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 
 

6 comments:

Sadhana Vaid October 29, 2010 at 2:40 AM  

बहुत अच्छी चौपाल राजकुमारजी ! मेरी रचना को इसमें सम्मिलित करने के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद ! अन्य सभी लिंक्स भी बहुत शानदार हैं !

राम त्यागी October 29, 2010 at 5:44 PM  

सलमान खान के बारे में पढना मिल गया ! धन्यवाद इतनी लिंक्स के बारे में और मेरे ब्लॉग को शामिल करने के लिए भी !

अशोक बजाज October 29, 2010 at 7:17 PM  

बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!

Post a Comment

About This Blog

Blog Archive

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP