Powered by Blogger.

आएं सब मिलकर खाए मिठाई-सबको दीप पर्व की बधाई- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, November 4, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
दीप पर्व की अपने ब्लाग जगत में भी धूम मची है। हर ब्लाग में बस दीपावली की बातें हैं। हमने ऐसे सभी ब्लागों को चौपाल में शामिल करने की कोशिश की है। सभी ब्लागरों को ब्लाग चौपाल परिवार की तरफ से दीप पर्व की बहुत-बहुत बधाई....
आज है दीपों का पर्व दीवाली हर आंगन में दीप चले हर घर में हो खुशहाली सब मिलकर मनाए भाई चारे से दीवाली रहे न किसी की झोली खाली ऐसी हो सबकी दीवाली हिन्दु, मुस्लिम, सिख, ईसाई जब सब हैं हम भाई-भाई तो फिर का...
भारत देश और ज्योति उत्सव दीपावली की बातें तो सभी जानते हैं, इस पंचपर्व महोत्सव का इंतजार हर वर्ग, हर उम्र के भारतीय को वर्ष भर रहता है। किसी को पटाखों के कारण तो किसी को धनतेरस में मनपसंद खरीददारी करने के ...
आत्मदीपो भव! अप्प दीपो भव! अपने प्रकाश स्वयं बनो। अपनी रोशनी तुम्हें खुद तलाशनी होगी। Be your own torch bearer. *चाहे जैसे कहो, लब्बो लुआब ये कि करना खुद को ही है। * *तो **आज **दिया बन कितना जलने का प्र...
दीपावली पर्व पर ज्‍योतिकामनाएं उजाला विचारों का, सारे जहां में भरपूर फैलायें, करूं ऐसी कामनाएं । पसंद आयेंगे विचार, तो सराहेंगे नहीं आयेंगे तो, आप समझायेंगे पथ प्रदर्शक बनें आप, हम...
 चलो दीप एक ऐसा जलायें ह्रदय के सभी तम मिट जाएँ लौ से लौ ऐसी जगाएं दीप माला नयी बन जाए कुछ तुम्हारे कुछ मेरे ख्वाब साकार हो जाएँ तेरे मेरे की छाया से ह्रदय मुक्त हो जाएँ नवगीत लबों पर सज जायें आनंद ...
दिवाली फ़िर से आई – शुभकामनाएँ* *“आओ दीवाली मनाएँ प्यार से!”** *आज दीपावली के इस पावन अवसर पर मैं आपके सम्मुख चर्चा के लिए कुछ लिंक्स ले कर आई हूँ | यूं तो आप सभी मेरी तरह आज त्यौहार 
नमस्कार! मै पंकज मिश्रा आपके साथ.सबसे पहले आप सब मेरे तथा मेरे परिवार की तरफ़ से दीवाली की शुभकामनाये स्वीकार किजिये..और इस दीपवली पर कम से कम पटाखे जलाईये प्रदुषण बचाइये, यह तो मै कह दिया...
दीपावली की बधाई--खूब बांटे खील पताशे और मिठाई
आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार .. दीपावली शब्द ‘दीप’ एवं ‘अवली’ को जोडकर बनाया गया है। चूंकि अवली का अर्थ पंक्ति होता है , इसलिए दीपावली का अर्थ दीपो की पंक्ति होती है। माना जाता है कि दीपावली के दिन ...
मेरे सभी मित्रों एवं पाठकों को दीपोत्सव की बहुत बहुत शुभकामनाएं...! हम सभी भाग्यवान हैं...जो अंतरजाल जैसी सुविधा मिली है....दूर होते हुए भी आपस में निकटता बढ़ी है....कम से कम मन से तो बहुत पास हैं, हम सभी...
-रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'* *मैं वह दीपक नहीं , जो आँधियों में सिर झुका दे ।*** *मैं वह दीपक नहीं , जो खिलखिलाता घर जला दे ।* *मैं वह दीपक नहीं , जो दुखी से मुँह मोड़ लेता ।* *मैं वह दीपक नहीं , जो गाँ..
दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं"* उर उत्साह उमंग के संग जीतें जीवन की हर जंग काम क्रोध मद लोभ ईर्ष्या अरु बैर भाव का तिमिर हटे दुःख दारिद्र्य मिटे सबका संताप, ताप, सब पाप कटे दीपोत्सव की रोशनी घर घर ल...
इस दीवाली पर दीपों के बन्दनवार सजा दें हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें. सूनी गलियाँ सूनी सडकें सूने गलियारे हैं सूना जीवन सूनी मांगें कितने अंधियारे हैं आओ मिल इन अंधियारों को उजियारों का पता द...
ब्लॉग लिखने-पढऩे वाले सभी कलम धनिकों को शुभ दीपावली * फिर वे गुब्बारे चंद सांसों में फूलेंगे हर बार थोड़े ऊंचे जा औकात भूलेंगे जहां खत्म होगा उनकी हद का सफर वहीं तो मंजिल के ठिकाने हम छू लेंगे जब खो...
असत्य पर सत्य की विजय ... हर्षोल्लास और प्रकाश के पर्व दीपावली का पुनरागमन हुआ है ...मौसम सुहाना हो चला है… दशहरे से प्रारम्भ हो कर दीपावली तक गुलाबी ठण्ड का मौसम रूमानी हो जाता है …. सुबह की सिहलाती 
प्रिय मित्रों और पाठको, दीपावली - दीपों की श्रंखला से सजी, रोशनी से जगमग, प्रकाशमय महापर्व भारतीय संस्कृति का विश्व में ध्वजवाहक है, ये केवल एक पर्व नहीं, ये तो हमारी उर्जा को नवस्फूर्ति से संजोने व...
 संसार में भारत ही ऐसा देश है जहाँ पर वर्ष भर में अनगिनत त्यौहार मनाए जाते हैं जिनमें दीपावली सबसे बड़ा त्यौहार होता है। त्यौहार का अर्थ है खुशी मनाना। जब पेट भरा होता है और गाँ...
हैपी दीवाली" आज रूद्र जी बस यही बोल ते हुए पूरे घर में घूम रहे हैं . पापा तो बहुत व्यस्त हैं फिर भी नजर ना लगेईस साल भी दादी जी साथ ही हैं और इश्वर करे जब तक दादी जी हैं तब तक हर दीवाली वे रूद्र के साथ मन...
पावन पर्व दीवाली के शुभ अवसर पर हार्दिक ढेरो शुभकामनाये और बधाई ... घर घर में निराली सुख शांति देने वाली ज्योति जले ...
घर घर में निराली सुख शांति देने वाली ज्योति जले ज्ञान यज्ञ हम ऐसा रचायें पावन अखंड दीप जलाये नवयुग की उषा की लाली उषा की लाली फ़ैल जाये हों हम आचार परायण घर घर में प्रगटे दैवी गुण आधि व्याधि हर लेने वाली ...
आप सभी ब्लोगर मित्रों, पाठकों और शुभचिंतको से क्षमा चाहता हूँ कि पिछले १५ दिनों से चिकनगुनिया से गर्सित होने की वजह से इस तरफ जिन्दगी की जद्दोजहद जारी है, खैर,शायद इसी का नाम जिन्दगी है ! सहनशीलता का गुण ... 

आईये एक - एक दीप जलाएं , अंध तमस भगाएं । उजियारा फ़ैलाएं । **पूजा मुहूर्त - शाम 06 : 46 से रात्र...
Thursday, November 04, 2010 दीपोत्सव की हार्दिक मंगलकामनाएं... मेरे ब्लॉग्स के सभी चाहने वालों, तथा उनके परिजनों के लिए दीपावली का रोशनी से भरा यह पावन पर्व जीवन में ढेर सारी खुशियां और उजाले ...
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

10 comments:

ललित शर्मा November 4, 2010 at 9:10 PM  

दी्पावली शुभकामनाएं

Suman November 4, 2010 at 10:13 PM  

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई

CG स्वर November 4, 2010 at 11:25 PM  

सरी दीवाली तो आपके ब्‍लॉग पर आकर ही मन गई। बधाई आपको पर्व की, शुभकामनाएं आपको आगे आने वाली हर पोस्‍ट के लिये।

वन्दना November 5, 2010 at 12:28 AM  

सुन्दर और उम्दा लिंक्स्।
दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।

मनोज कुमार November 5, 2010 at 2:18 AM  

चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
सादर,
मनोज कुमार

मोहसिन November 5, 2010 at 3:20 AM  

दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं.

अशोक बजाज November 5, 2010 at 1:35 PM  

'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ' यानी कि असत्य की ओर नहीं सत्‍य की ओर, अंधकार नहीं प्रकाश की ओर, मृत्यु नहीं अमृतत्व की ओर बढ़ो ।

दीप-पर्व की आपको ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं ! आपका - अशोक बजाज रायपुर

सहज साहित्य November 21, 2010 at 2:35 AM  

आपका कार्य श्लाघ्य है ।

Post a Comment

About This Blog

Blog Archive

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP