कभी तो सोचिये , भारत बन चुका है ग्लोबल पावर- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी
>> Monday, November 8, 2010
सभी को नमस्कार करता है आपका राज
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि भारत एक उभरती हुई ताकत नहीं है बल्कि ग्लोबल पावर बन चुका है.ओबामा ने भारतीय संसद को संबोधित करते समय भारत के प्रति अपने प्रेम का खूब इजहार किया. अमेरिकी राष्..
हमारे देश में एक वक्त ऐसा भी आया था जब सम्पूर्ण भारत भीषण खाद्य समस्या से जूझ रहा था ! खाद्यान्न आयात करने के लिये हमें अन्य संपन्न देशों की मुखापेक्षा करनी पड़ती थी किन्तु फिर भी गरीबी की रेखा के नीचे रहने...
एक खिलाड़ी के खाते में महज दस रुपए ही आने हैं और इतने पैसों में ही खिलाड़ी के रहने के साथ खाने की व्यवस्था करनी है और उसे खेल में भी शामिल होना है। यह स्थिति बनी है खेल विभाग के उस बजट से जो बजट छत्तीसगगढ़...
गुरु और गोविन्द को एक समान समझिए, यह दोंनो एक ही हैं. ऐसा जानकर गुरु ने जो ग्यान उपदेश दिया है उसी के क्षेत्र में रहना चाहिए. जैसे ही गुरु का मिलन हो , दंड्वत बन्दगी करना चाहिए, परन्तु यदि ऐसा न...
मित्र बीना अवस्थी बस स्टाप के समीप स्थित पार्क में तुषार और उसके मित्र बैठे थे। अचानक बड़ी तेज आवाज हुई। वातावरण को दहलाने वाली। ....धड़ाम। उसके साथ ही कुछ चीखें और भगदड़। ‘क्या हुआ’ अचानक ताश खेलते...

इन दिनों सारा देश ओबामामय हो गया है। इधर हम चुनावमय हुए हैं इस कारण से ओबामा जी की खारितदारी पूरी तरह से नहीं कर पा रहे हैं। हम इस गौरव से वंचित रहे जा रहे हैं कि विश्व के एकमात्र सर्वशक्तिमान देश के शक्त...
एएमयू कैंपस में आज पेड़ों पर तमाम काले झंडे लगाए गए। यही नहीं आंदोलनकारी छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव में देरी को लेकर काली पट्टी बांध कर इंतजामिया के खिलाफ गुस्से का इजहार किया। आंदोलनकारी छात्रों की मांग है...
जब हम चुप दिखते है सबसे अधिक बोल रहे होते है मन ही मन । जब हम नहीं लिख रहे होते हैं हम सबसे अधिक सोच रहे होते हैं घटनाओं को । या कहो हम पचा रहे होते हैं अपने आक्रोश को और जब सो रहे होते हैं तो करते हैं...
हाथ का ऐसा हुनर कि अचंभित रह जाएंगे आप
मोहाली. *नाम राकेश कुमार और उम्र मात्र 19 साल, हाथ में हुनर ऐसा कि देखना वाला अचंभित रह जाए। बारीक और मोटे चावलों पर लिखने में माहिर राकेश कुमार गांव दांदुमाजरा, फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले हैं। च... अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

वोह नदिया नहीं थीं आंसू थे मेरे जिस पर दोस्त बनकर तुम कश्ती चला रहे हो मंजिल मिले तुम्हे यही चाहत थी मेरी इसलियें नदी कहीं सुख ना जाये बस आंसू बहाते रहे हें हम। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दीपावली बीत गई. सबने अपनी-अपनी हैसियतों के अनुसार त्यौहार मनाया.क्या गरी और क्या अमीर. दीवाली तो सबकी है. अब जीवन के कटु यथार्थ से रू-ब-रू होना है. जीवन अपनी गति से चलता है. मैं जीवन-दर्शन पर कुछ नहीं कहन...
तुम्हारा नाम नहीं ले सकता बस तुम्हारा बाकी सब नाम महज शब्द हैं मेरे लिए मगर रूप रस गंध और ध्वनि प्रकटती है बस इन्हीं शब्दों से जो तुम्हारा नाम है बाकी सब नाम महज यथार्थ है मेरे लिए महज क्षण, क्षणिक मगर भूत भ...
गर्भवस्था सम्बन्धी सामान्य जानकारी प्रत्येक स्त्री एवं पुरुष को होनी चाहिए इसलिए कोशिश की है एक सरल भाषा में इसे यहाँ प्रस्तुत करने की। गर्भधारण करना अर्थात गर्भ का , गर्भाशय में ठहरना , पलना, तथा आकार पान...
शिष्टता सभ्यता की आधारशिला है और अशिष्टता अनपढ़पन की सबसे बड़ी निशानी है . दूसरों के असम्मान और अपने अहंकार के संयोग से ऐसी ही मनुष्य में इस तरह के भाव उभरने लगते हैं की उससे शिष्ट मधुर विनीत और सज्जनोचित्...
चाहते नीव हो देश की सुदृढ और परिपक्व बने भविष्य देश का उज्जवल और कर्मठ . बताते अभिभावक खुद को देकर गलत संस्कार और प्यार निभाते हैं फ़र्ज़ ये, देकर देश को अविकसित बाढ़. जहाँ दंड दिया तनिक ...
योगीजन जानता ना कहना जिसका प्रभाव जिसकी कला का पार शारदा ना पाती है नार नारी ब्रह्मवादियों ने भी ना पाया तट रिद्धि-सिद्धि शक्तियां भी नित गुण गाती हैं शंकर समाधि में ढूँढते हैं जिसको श्रुतियां भी नेति...
हमारे देश के करीब करीब सभी प्रान्तों में रंगोली बनायी जाती है. बस इसे बनाने के तरीके और नाम अलग होते हैं..बंगाल में चावल को पीसकर उसके घोल से सुन्दर आकृतियाँ बनाए जाती हैं,जिनमे शंख, मछली, कलश आदि प्रमुख...
स्वराज्य करुण * विज्ञान और टेक्नालॉजी जहाँ हमारे जीवन को सहज-सरल और सुविधाजनक बनाने के सबसे बड़े...
कल फिर मिलेंगे
7 comments:
सुंदर चौपाल राम राम
अच्छी पोस्ट है...
बहुत बढ़िया चौपाल
बहुत सुन्दर चौपाल सजाई है।
सभी पोस्ट एक से बढ़कर एक हैं..... सुंदर चौपाल के लिए आभार
bahut badhiya chaupal.
सुंदर चौपाल,,,
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