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आज का विचार-अमेरिकन बाबू बेचे जात है -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Tuesday, November 9, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज
 
 
जी हाँ इश्क ने निकम्मा कर दिया वरना हम भी थे आदमी काम के चाहे यह एक कहावत हो चाहे यह ग़ालिब का शेर हो लेकिन जयपुर में एक इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारी के साथ कुछ ऐसे ही गुजरी हे , जयपुर के दीपक चोधरी को एक लडकी...
 
ब्लाग जगत में एक और खुले सांड यानी काड़ीबाज उस्तादजी का अवतरण हुआ है। वैसे इस नाम के तीन-तीन काड़ीबाजों के होने की जानकारी मिली है जो किसी के भी ब्लाग में जाकर कुछ भी टिप्पणी करने का काम कर रहे हैं। जिनके ...
 
आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार ....... प्रतियो्गिता के लिए आलेख आमंत्रित है---- समय सीमा कम है----शीघ्र लेख भेजें आज पर्यावरण की हानि होने से ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या से पूरी दुनिया को जुझना पड़ रहा...
 
पिछले लेख में ओबामा की भारत यात्रा के कुछ पहलुओं के बारे में मैंने विश्लेषण किया था, ये महत्वपूर्ण आलेख यहाँ पढ़ा जा सकता है - एक विश्लेषण - ओबामा की भारत यात्रा के परिपेक्ष्य में अब जबकि अंकल सेम ब...
 
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की तीन दिन की यात्रा का सारा मीडिया कवरेज देखकर लगता है कि ओबामा को भारत के बारे में कम मालूम है। ओबामा ने अपने भाषणों में सारा ध्यान व्यापारियों,सरकारी संस्थानो...
 
भूल करना मनुष्य का स्वभाव है, की गई भूल को स्वीकार करना एवं वैसी भूल फ़िर न करने का प्रयास न करना वीर एवं शूर होने का प्रतीक है.*** * * *२. **अंधा वह नहीं, जिसकी आंख नहीं है। अंधा वह है, जो...
 
कब आएगी गीत लिखने की वेला कह सकुगां कब मुक्त हो कर मुक्तक लेखनी को विराम लगा किसी ने जैसे नजर लगा दी व्याकुलता क्यों नहीं जो सृजन का आधार बनती वो लकड़ियाँ कहाँ हैं? जिन्हे सकेला था बुखारी के लिए अब के ठंड ...
 
अमरीका द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता की पैरवी करने के बाद अब चीन ने भी अपने दृष्टिकोण में परिवर्तन किया है .जबकि पडोसी देश पाकिस्तान में इससे खलबली गई मची हुई ह...
 
"मैं न तो पूर्व का व्यक्ति हूं न पश्चिम का। मेरा संबंध न किसी देश से है, न किसी राष्ट्र से और न किसी धर्म से। क्योंकि यदि आप किसी एक देश से जुड़े है तो फिर सबसे नहीं जुड़ सकते। यदि आप किसी एक धर्म से जुड़े हैं ...
 
और उसकी शक्ति जाती रही  बचपन में दादी-नानी की गोद में रात को एक कहानी सुनी थी कि किसी व्यक्ति को ईश्वर से यह वरदान मिला था कि उसके हाथ लगाते ही बीमारियां दूर हो जाती। उसने इस शक्ति का प्रयोग करना शुरु कर दिय...
 
वो प्रबल राष्ट्र वो सबल समाज जिनका अपना न कोई इतिहास जिनका है यह अटल विश्वास बिना शिकार जीवन बेकार देश बेकार दुनिया बेकार उस प्रचंड राष्ट्र के राष्ट्रपति न हो सकते हैं यात्री वो आये और लौट गये संग 'चौर-चीत'...
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 

10 comments:

ana November 9, 2010 at 8:03 PM  

links par jakar maze aa gaye

संगीता पुरी November 9, 2010 at 8:18 PM  

बढिया लिंक्स से सज्जित पोस्‍ट .. आभार !!

डॉ॰ मोनिका शर्मा November 9, 2010 at 10:06 PM  

सभी पोस्ट्स अच्छी हैं..... सुंदर चौपाल

संगीता स्वरुप ( गीत ) November 9, 2010 at 10:07 PM  

बहुत अच्छे लिंक्स से सजाई है चौपाल

CG स्वर November 9, 2010 at 10:50 PM  

आपकी चौपाल सचमुच बेहतरीन होती है।

वन्दना November 9, 2010 at 11:02 PM  

बहुत अच्छे लिंक्स के साथ सुन्दर चौपाल्।

जितेन्द्र ‘जौहर’ Jitendra Jauhar November 10, 2010 at 8:59 AM  

काफी रोचक-रोचक लिंक्स दिये हैं आपने...आपके चयन के लिए बधाई!

अशोक बजाज November 10, 2010 at 11:16 AM  

बहुत खूब .बहुत अच्छे लिंक्स .आभार !!!

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