गुस्सा करो या प्यार -न भूलेंगे हार, न भूलेंगे प्यार-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी
>> Friday, November 26, 2010
सभी को नमस्कार करता है आपका राज
विश्व कप क्रिकेट में खेलने वाली कनाडा क्रिकेट टीम छत्तीसगढ़ से खट्टी-मीठी यादें लेकर शुक्रवार को लौट गई। टीम यहां से मुंबई गई है जहां उसे कुछ अभ्यास मैच खेलने हैं। टीम के कप्तान जुबीन सबकरी के साथ कनाडा क...
मद्धम- मद्धम सुलगती आँच और सीली लकड़ियाँ चटकेंगी तो आवाज़ तो होगी ही लकड़ियों का आँच की तपिश से एकीकृत होना और अपना स्वरुप खो देना आँच की सार्थकता का प्रमाण बन जाना हाँ , आँच का होना जीवंत बनाता ...
है न विचित्र किन्तु सत्य कि हम सब जानते हैंकि गाली देना बुरीबात है लेकिन गाली है कि मुँह से निकल ही जाती है |हमारा अपनी जुबान पर नियंत्रण ही नहीं रहता |पहले भी ब्याह-बारातों में ज्योनार के समय गाली गई जाती...
*इस ब्लॉग में अब तक आप अन्य विषयों के अलावा पर्यावरण एवं नशामुक्ति से जुड़े तथ्यों का अवलोकन करते आ रहें है .आज हम ध्रूमपान से ध्रूमपान ना करने वालों पर कितना घातक असर हो रहा है इस पर आपका ध्यान आकृष्ट करें...
बाबूजी जब भी देखता हूँ आपकी तस्वीर ** अगले ही पल ** अपने दाहिने कंधे पर ** एक स्पर्श-सा महसूस होता है ** पीछे मुड़ता हूँ अचानक ** आंखों में कोई साया नहीं सुगबुगाता ** मगर आप ** तस्वीर से गायब हो जाते हैं ...
दोस्तों आज मुझे आपको देख कर शेख्सपीयर याद आया हे उसने कहा था तुम मुझ से नफरत करो या प्यार करो दोनों ही सुरत में तुम मुझे फेवर करोगे प्यार किया तो मुझे दिल में नफरत की तो मुझे दिमाग में रखोगे जो भी मुझे और मे...
महक जी, आपके बिना ब्लोग संसद में दिल नहिं लगता, कहाँ है आप? यदि व्यस्त भी है तो एक बार दर्शन दिजिये……… आपके बिना ब्लोग संसद की कार्यवाही ठंडी पडी है। सभी सदस्यों से अनुरोध सभी उनका पु्नरागमन आह्वान करे।...
मंत्र - तंत्र - यंत्र
नए कार्य के गणपति जी का ध्यान - * नया कार्य शुरू करने से पहले गणेश जी को लड्डू व दूब अर्पित करे | सफलता की मनोकामना के साथ सबसे पहले गणपति देव की आरती करें | ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से नए कार्य में...
अच्छा तो हम चलते हैं
नए कार्य के गणपति जी का ध्यान - * नया कार्य शुरू करने से पहले गणेश जी को लड्डू व दूब अर्पित करे | सफलता की मनोकामना के साथ सबसे पहले गणपति देव की आरती करें | ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से नए कार्य में...सुबह सुबह जब घरेलू काम वाली बाइयों के साथ उनकी छोटी-छोटी लडकियों को सर्दी से बचने के लिये बगल में हाथ दबाये अपनी माँओं के साथ काम पर जाता हुआ देखती हूँ तो मन में दर्द की लकीर सी खिंच जाती है ! जिन छोटे-छोट...
मैंने जब ब्लॉग लिखना शुरू किया था तो ये पता भी नहीं था की मेरे ब्लॉग की कभी चर्चा भी होगी.अभी तो ब्लॉग जगत की मुझे आदत भी नहीं पड़ी..काफी नयी ब्लॉगर हूँ.बस पांच पोस्ट अभी तक मेरे प्रकाशित हुए हैं.पोस्ट नही...
कल फिर मिलेंगे




6 comments:
अच्छे लिंक्स मिले, धन्यवाद
" न भूलेंगे हार , न भूलेंगे प्यार " से " प्रसिद्धि जब मिली " तक अच्छा सफ़र , धन्यवाद !
अच्छे लिंक्स ......धन्यवाद
उम्दा लिंक्स .अच्छी चौपाल
काफ़ी अच्छे लिंक्स लगाये हैं…………आभार्।
व्यस्तता की वजह से दो दिन तक ब्लॉग को अधिक समय नहीं दे पाई इसका खेद है ! आपने मेरी रचना को स्थान दिया ! आभारी हूं ! सुन्दर चौपाल सजाई है आपने ! धन्यवाद !
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