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एक अच्छी खबर के बाद मिली बुरी खबर:- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Thursday, November 18, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज

हम तो सोच रहे थे कि उडऩ तश्तरी यानी समीर लाल जी के छत्तीसगढ़ आने की खबर आज की सबसे अच्छी खबर है। यह खबर अच्छी तो है, ही अपने छत्तीसगढ़ के ब्लागरों के साथ पूरे ब्लाग जगत के लिए। लेकिन अचानक इसी के साथ एक बुरी खबर यह भी है कि अपने बीएस पाबला जी की माता का कल निधन हो गया है। हमें कल ही ललित शर्मा जी ने बताया था कि पाबला जी की माता का स्वास्थ्य बहुत खराब है, यह दुखद समाचार हमें आज गिरीश बिल्लोरे की के ब्लाग से मालूम हुआ। हम भगवान से दुआ करते हैं कि उनकी मृत आत्मा को शांति दे और पाबला जी को हिम्मत दें। इस संकट की घड़ी में पूरा ब्लाग जगत उनके साथ है

उडऩ तश्तरी की टीम के छत्तीसगढ़ की जमीं पर कदम पडऩे से पहले ही अपने उडऩ तश्तरी यानी समीर लाल का पैगाम आ गया है कि उन्होंने वादा किया है तो छत्तीसगढ़ जल्द आएंगे। कल शाम को हम प्रेस में थे, कि मोबाइल की घंट...
 
प्रिय साथियों आजकल गोवा में हूं और 4 दिसम्‍बर को दिल्‍ली लौटना होगा और तभी ब्‍लॉगिंग के कार्यों में गति आएगी। तब तक आपको मानस के मोती की मेल इत्‍यादि यदा-कदा ही प्राप्‍त होंगी। मेरे पास अब तक बीसियों फोन आ...
 
लूट और दमन की संस्कृति के खिलाफ सृजन और संघर्ष को समर्पित जसम का बारहवां राष्ट्रीय सम्मेलन 13-14 नवंबर को दुर्ग (छत्तीसगढ़) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ...
 
नया जमाना ब्लॉग की वेब कंपनियां किस तरह रैंकिंग कर रही हैं और उसकी गति में किस तरह के बदलाव आ रहे हैं,इन सारी चीजों को जानने के लिए निम्नलिखित ठिकानों पर जा सकते हैं और पढ़ सकते हैं। इससे यह अंदाजा ल...
 
देश में इस समय सबसे ज्यादा चर्चित दूरसंचार घोटाले के कारण ही हर तरफ से रोज़ ही नए खुलासे हो रहे हैं. अभी तक यह समझा जा रहा था कि इस सारे मामले में कुछ कंपनियों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से ही अनियमितताएं...
 
तरूणाई में रेडियो श्रोता संघ से जुडे अरूण कुमार निगम जी एक मजेदार वाकया बतलाते हैं, हुआ यूं कि रेडियो फरमाईसी में विभिन्‍न स्‍थानों के श्रोताओं के नियमित नाम आने के चलते नियमित रेडियो श्रोताओं के बीच एक अं...
 
जिस इंसान की जैसी प्रवृति होती है उसका मन ध्यान सब उसी में रमा रहता है. वो स्वर्ग छोडकर भी नरक की इच्छा करता है. जैसा कि आप जानते हैं कि ताऊ ने सारी उम्र चोर उठाईगिरी, चोरी, डकैती की और उसका मन भी इन्ही सब...
 
आज लाए है आपके लिए ‘घर द्वार’ फिल्म का दूसरा गीत… छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर दूसरी छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘घर द्वार’ के निर्माता ‘स्व.विजय कुमार पाण्डेय’ के सुपुत्र और ‘घर द्वार कला ...
 
अक्सर एक व्यथा अक्सर एक गन्ध मेरे पास से गुज़र जाती है, अक्सर एक नदी मेरे सामने भर जाती है, अक्सर एक नाव आकर तट से टकराती है, अक्सर एक लीक दूर पार से बुलाती है । मैं जहाँ होता हूँ वहीं पर बैठ जाता हूँ, अक्...
 
आपको याद होगा कि पाकिस्तान की सेना और कश्मीरी उग्रवादियों ने मई और जुलाई 1999 के मध्य भारत और पाकिस्तान के बीच की नियंत्रण रेखा पार करके भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश की थी । पाकिस्तान ने ...
 
*मेरे बचपन के साथी हेम चंद्र पांडे की हत्या को सरकार सही ठहराने की कोशिश कर रही है। खुफिया एजेंसियों की तरफ से भाड़े पर लगाये गये पत्रकार अपने काम में जुटे हैं। इसलिए हेम की पत्नी बबीता के बयानों को ज्यादा...
 
स्काटिश लोगों की कंजूसी पर बहुत सारे चुटकुले प्रचलित हैं। उनमें से एक :- एक स्काटिश व्यक्ति जिसकी दाढी-मूंछ साफ थी बहुत दिनों बाद अमेरिका से जब अपने घर लौटा तो बड़ी मुश्किल से अपने बेतरतीब बढी हुई दाढियों व...
 
१-दुनिया की उम्रदराज बाघिन शंकरी की आज दोपहर मौत हो गई.वह काफी दिनों से बीमार थी.उसे मैनपुर के जंगल से लाया गया था. २-छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय का चुनाव  की घोसना कर दी गई है. २१ दिसंबर को मतदान और २४ दिसंबर...
 
आज एक ग़ज़ल * *खामोशी भी कह देती हैं सारी बातें* तनहाई में जिनको सुकून सा मिलता है, आईना भी उनको दुश्मन सा लगता है। किसको आखि़र हम अपनी फरियाद सुनाएं, हर चेहरा फरियादी जैसा ही दिखता है। दिल में उसके च...
 
मेज़ पर बिखरी पड़ी हमारी बातो को सहेज कर रख दिया था तुमने और चाहा था कि मैं कर दूँ सारे अल्फाजों को फिर से बेतरतीब गिरह खोल कर . अपने लबों की, पर बांच ली हैं मैंने सारी तहरीरें तेरी आँखों म...
 
(यूं तो पूरे देश में देवोत्थान एकादशी का पर्व मनाया जाता है लेकिन बिहार के मिथिला अंचल में इसे खास तरह से मनाया जाता है. आँगन में अरिह्पन (अल्पना- एक तरह की रंगोली) बनाया जाता है जिसमे औरतें घर की जरूरतो...
 
श्याम दोहा-दशक.. परम्पराओं में निहित ,सदा तार्किक अर्थ। गहराई से परखिये, तज़कर व्यर्थ कुतर्क। समसामयिक अर्थ में, परखें विधि प्राचीन। दोष जानिये बदलिए,रखिये सदा नवीन । वैज्ञानिक आधार पर, जन हितकारी कर्म। र...
 
 
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

5 comments:

राम त्यागी November 18, 2010 at 8:27 PM  

सच कहा आपने !

ब्लॉग लिंक बढ़िया लगे !

शिवम् मिश्रा November 18, 2010 at 9:55 PM  

बेहद दुखद समाचार मिल रहे है आजकल !
कुछ समझ नहीं आता कि यह क्या हो रहा है ....एक के बाद एक सब ऐसे ही समाचार मिल रहे है !!!!
पूज्या माता जी को हार्दिक भावभीनी श्रद्धाजलि !!
भगवान् से यही विनती है कि परिवार में सब को इस दारुण दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें !
ॐ शांति शांति शांति !!

वन्दना November 18, 2010 at 10:10 PM  

सुन्दर चौपाल्……………अच्छे लिंक्स्।

अशोक बजाज November 19, 2010 at 10:07 AM  

सुन्दर लिंक्स् !

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