Powered by Blogger.

एड्स का खतरा छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी... लड़कियों को देखें तो लोफर-लफंगे और लड़कों को देखें तो समलैंगिक -ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी ,

>> Tuesday, July 6, 2010

आखिर वही हुआ, जिसका डर था. छत्तीसगढ़ी फिल्मों से जुड़े एक निर्माता को एड्स हो ही गया. इस निर्माता के घर वालों ने अपनी संतुष्टि के लिए कई और पैथोलोजी लैब में परीक्षण करवाया. अफ़सोस की बात ये रही की सभी जगह उ...
इन दिनों तो लड़कों को बहुत ही संकट की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इसके पीछे के कारणों को देखा तो उनका लड़का होना ही समझ में आया। किसी समय में महिलाएँ स्वयं को ‘अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो’ का सूत्रवाक...
 किसी को स्वाभाविक व्यवहार से अलग व्यवहार करते हुए देख हम अनायास ही कह देते हैं " क्यों नाटक कर रहे हो यार ? " अगले व्यक्ति ने कभी ज़िन्दगी में कोई नाटक नहीं किया होता है । उसे पता ही नहीं होता अभिनय क्या है...
आज ब्लॉग में टिप्पणी आना बंद है....भारत बंद के बाद ...ये कौन सा बंद शुरू हो गया ..... कुछ पल्ले नहीं पड रहा है .... ये बंद की बीमारी क्या यहाँ भी शुरू हो गई है ...... जब टिप्पणी नहीं आयेगी तो ख़ाक पोस्ट लिख...

राजतन्त्र  में टिप्पणी बंद-ब्लागर तंग
कल से न जाने ब्लागों को कौन सा रोग लग गया है जो टिप्पणी करने पर भी टिप्पणी नजर नहीं आ रही है। हमें वैसे भी समय नहीं मिलता है, कल समय मिला तो सोचा कुछ ब्लागों में टिप्पणी कर ली जाए लेकिन ये क्या जहां भी टिप...
 
गुरू का सम्मान हो और चेला उस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथी हो,चेले के लिये इससे बढिया बात और क्या हो सकती है।मगर कहते है ना हर किसी की तक़दीर मे गुरू को सम्मानित करना लिखा नही होता और शायद इस मामले मे मैं भी ...
होगा यूँ भी ज़िन्दगी में कि ये मेले न होंगे तेरी यादों की है रहमत, हम अकेले न होंगे मिलेगा वो मुकाम कभी तो इश्क वालों को ज़माने के हाथों में सिर तलाशते ढ़ेले न होंगे दिल टूटने का दिलकश फ़साना अपना इश्क...
फासीवादी राजनीति में जो संगठन विश्वास करते हैं उनके नेता आए दिन उन्मादी भाषा,भड़काऊ भाषा में बोलते और लिखते हैं। बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि आंदोलन के समय प्रवीण तोगड़िया-अशोक सिंघल की राष्ट्रीय जोड़...
यह पाकिस्तान का नया झूठ तो नहीं? पढ़ें बात-बेबात पर 
 
मनोज कुमार हताश न होना सफलता का मूल है और यही परम सुख है। उत्साह मनुष्य को कर्मो में प्रेरित करता है और उत्साह ही कर्म को सफल बनता है। हर व्यक्ति में प्रतिभा

राजधानी दिल्ली के पास तेजी से महानगर का रूप लेता हरियाणा का शहर गुड़गांव। उसके पास 15 की मी के करीब है सुंदर मनोहर सुल्तानपुर नेशनल पार्क। जहां वर्षों से देश-विदेश के पक्षी आ कर बसेरा बनाते रहे हैं। इसी पार...
श्री रामचरित मानस के पंचम सोपान "सुन्दर काण्ड" का यह दोहा:- "शरणागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पाँवर पापमय तिनहि बिलोकत हानि"॥ मेरे मन मे बार बार 
राजकुमार सोनी कहते हैं- बिगुल: मौत का पैगाम (भाग-2)
बिगुल: मौत का पैगाम (भाग-2) 
*गुजरात के पाटन में एक प्राइमरी ट्रेनिंग कोर्स (पीटीसी) शिक्षिका के साथ आठ महीनों तक दुष्कर्म की घटना प्रकाश में आई है। महिला ने अपने ही स्कूल के तीन शिक्षकों पर आठ महीने तक बलात्कार करने का आरोप लगाया है।...
अन्तर सोहिल कहते हैं- बात नहीं मानी और लात खाई पिछवाडे पे
 
एक बार एक शेर अपने घर में पहुंचा और बोला - शेरनी जल्दी तै रोटी घाल दे, भोत भूख लाग री सै। शेरनी नै रोटी घाल दी। शेर रोटी खान लाग्या। उतने में एक गादड शेर के घर के बाहर खडा हो कै चिल्लाया - ओये शेर के पिल्...
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 

12 comments:

rajesh patel July 6, 2010 at 8:28 PM  

आज की चर्चा भी जोरदार है

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर July 6, 2010 at 8:35 PM  

अच्छा लगा अपनी पोस्ट की चर्चा होते देखना. आपका आभार.
अन्य पोस्ट को भी बखूबी एक साथ देकर पढने का काम बहुत आसन कर दिया आपने.
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

शिवम् मिश्रा July 6, 2010 at 8:35 PM  

बेहद उम्दा चर्चा, आभार !

महेन्द्र मिश्र July 6, 2010 at 9:13 PM  

बहुत बढ़िया चर्चा , समयचक्र की पोस्ट को सम्मिलित करने के लिए धन्यवाद.
महेंद्र मिश्र
कभी कभी समयचक्र भी देखने का अवलोकन कर लिया करें...

संगीता स्वरुप ( गीत ) July 6, 2010 at 9:42 PM  

बढ़िया चर्चा....आभार इतने लिंक्स देने के लिए

shikha varshney July 7, 2010 at 2:02 AM  

अच्छे लिंक्स मिले ..बढ़िया चर्चा.

Sanjeet Tripathi July 7, 2010 at 12:03 PM  

badhiya charcha, shukriya aapka bhai sahab...

श्याम कोरी 'उदय' July 7, 2010 at 6:52 PM  

.... बहुत सुन्दर ... बेहद प्रसंशनीय "ब्लाग चौपाल" चल रही है ... बहुत बहुत बधाई के योग्य हैं ग्वालानी जी!!!!

राजकुमार सोनी July 7, 2010 at 7:37 PM  

बहुत ही शानदार चौपाल चल रही है आपकी. कभी हमको भी बुला लिया करो.. हम भी हुक्के का दो चार गुड़गुड़ा लगा लेंगे.

राजकुमार ग्वालानी July 7, 2010 at 8:09 PM  

सोनी जी जब चाहे आ सकते हैं स्वागत है आपका

राजकुमार ग्वालानी July 7, 2010 at 8:10 PM  

ब्लाग चौपाल की सराहने वाले सभी मित्रों का तहे दिल से धन्यवाद

मनोज कुमार July 8, 2010 at 10:23 AM  

बहुत अच्छी चर्चा।

Post a Comment

About This Blog

Blog Archive

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP