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जेब खर्च के लिए ‘बाप’ बन रहे छात्र, क्यों मेरी आदत बिगाड़ना चाहती हो ?-ब्लाग चौपाल राजकुमार ग्वालानी

>> Saturday, July 10, 2010

 सभी को नमस्कार करता है आपका राज

आज रविवार है छुट्टी का दिन। सोचा था आज जरा देर तक सोते हैं, पर क्या करे एक फोन के कारण उठाना पड़ा। जब उठ ही गए तो सोचा यार चलो आज की चर्चा को कुछ लंबा किया जाए। ऐसे में हमने आज 21 चिट्ठों को ले लिया है। चलिए देखे कौन क्या कहता है-...... 
 
आज एक लेख पर मेरी नजर पड़ी समझ नहीं आया की आखिर समाज इतना आगे निकल चूका है या मैं ही कुछ पीछे चल रहा है हूँ,विज्ञान तो आगे बाधा ही है साथ ही साथ युवाओं की मानसिकता में भी काफी बदलाब आया है..जरा गौर फरमाइ...
 
रश्मि जी के ब्लॉग 'अपनी ,उनकी, सबकी बातें 'पर जावेद अख़्तर साहब की एक खूबसूरत नज़्म " वो कमरा " पढ़ी । मुझे याद आई कुछ कवितायें जो कवियों ने कमरों पर लिखी है । अज्ञेय की एक कविता भी याद आई ..." वहाँ विदेशों म...
 
स्त्री और पुरूष दोनों किस्म के लेखन में संरक्षक का बड़ा महत्व है। वर्जीनिया वुल्फ ने संरक्षक के सवाल पर विचार करते हुए लिखा है कि आम तौर पर स्त्री पुरूष दोनों ही अव्यावहारिक सलाह के आधार पर लिखते ...
 
 
मैने जब से ब्‍लॉग लिखना शुरू किया है , हर चर्चित मुद्दे पर , चाहे वो मौसम हो या राजनीति , खेल हो या कोई बीमारी , कुछ न कुछ भविष्‍यवाणियां करती आ रही हूं । आकलन में कितनी सत्‍यता होती है , वो तो हमारे पाठक ...
 
ओह!…श्श…शिट ट…ट…निकल गई”…. * *चींssssssचींssss…..धडाम….* “अरे!….तनेजा जी…गाड़ी काहे रोक दिए?..इत्ता मजा आ रहा था"… “उधर नहीं गुप्ता जी….इहाँ….साम...
 
सायकिल पर पूरे जोर से पैडल मार मार कर दोस्त के घर जा रहा था, किन्हीं ख्यालों में उन्मुक्त था मन और पैर पैडलों को गति दिए जा रहे थे और तभी एक गति अवरोधक आया, जोर से आगे वाली ब्रेक लगाई …हम कहाँ और साईक...
 
एक छोटी सी पोस्ट बहुत कुछ कह्ती हुई।दोस्तों की रोज़ाना की मह्फ़िल मे एक सवाल सामने आया फ़िश ज़मीन पर क्यों नही रह सकती?उसके जितने जवाब हो सकते थे सब सामने आये मगर सवाल पूछ्नए वाले का सिर सिर्फ़ और सिर्फ़ ना मे ह...
 
राजू रंजनकहते हैं- ..जैसे मुझे ही सम्मान मिला हो
आज ‘प्रभात खबर’ (पटना संस्करण) के मुख पृष्ठ पर हिन्दी के, और अव्वल तो बिहार के एक सुपरिचित-सुपठित कथाकार सुलभ जी की तस्वीर छपी है। तस्वीर यूके कथा सम्मान के अवसर की है। तस्वीर के नीचे लिखा है-
 
उपदेश या नसीहत देना बहुत आसान होता है। जरा सा कुछ अप्रिय घटा नहीं, कुछ उल्टा-सीधा हुआ नहीं कि बरसाती मेढकों की टर्राहट की तरह चारों ओर से नसीहतें बरसने लगती हैं। पचीस किलो का आदमी भी मोटे होने के गुर बताने...
 
By Dinesh Kumar Mishra Rampur Kanth, with only 90 families, was a small village located on the right bank of the Bagmati in Bairgania block of Sitamarhi district of Bihar in early1970s. In order to...
 
नवीन प्रकाश बता रहे हैं- मुफ्त छोटा ऑडियो सीडी रिपर
ऑडियो सीडी को अन्य ऑडियो फोर्मेट्स जैसे MP3, Ogg Vorbis, WMA में बदलने का का छोटा आसान और तेज औजार । इसमें आप ऑडियो सीडी को 16kbps से 256kbps तक की Mp3 फाइल के रूप में सुरक्षित कर सकते हैं । वैसे ये काम...
 
वीरेंद्र सेंगर की कलम से जाति, धर्म व खापों की संकीर्ण लक्ष्मण रेखाएं तोड़ने वाले युवा जोड़ों को इधर लगातार मौत के घाट उतारा जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में भी खापों का खौफ दस्तक दे चुका है। हाल के महीनो...
 
अमेरिका में रहते हुए थोड़ी तबियत खराब हो गयी, सोचा गया कि डॉक्‍टर को दिखा दिया जाए। भारत से चले थे तब इन्‍शोयरेन्‍स भी करा लिया था लेकिन अमेरिका आने के बाद पता लगा कि इस इन्‍श्‍योरेन्‍स का कोई मतलब नहीं, बे...
 
कविता : संजीव 'सलिल' * * जिसने कविता को स्वीकारा, कविता ने उसको उपकारा. शब्द्ब्रम्ह को नमन करे जो, उसका है हरदम पौ बारा.. हो राकेश दिनेश सलिल वह, प्रतिभा उसकी परखी जाती- होम करे पल-पल...
 
जब बिजली कम समय रहेगी तो आप अपने मोबाइल फोन को चार्ज नहीं कर पायेंगे। इससे भी आपको लाभ ही होने वाला है क्‍योंकि आजकल मोबाइल फोन पर काल दरें तो बहुत सस्‍ती कर दी गई हैं और सेम नेटवर्कों पर तो बिल्‍कुल फ्री,...
 
तुम
मित्रों, आज अपने विवाह की १०वी वर्षगांठ पर अपनी प्राण-प्रिया के लिए चंद पंक्तियाँ लिख रहा हूँ...मेरी हिंदी की डाक्टर साहिबा पत्नी को हो सकता है यें कविता काव्य-शास्त्रों के मापदंडों पर खरी न उतरती हुई
 
 
लिमटी खरे बता रहे हैं- भ्रष्‍टाचार का घालमपेल है राष्‍ट्रमण्‍डल खेल में
राष्ट्रमण्डल खेल बनाम भ्रष्टाचार का महाकुंभ* *कमर तोड मंहगाई फिर भी कामन वेल्थ के लिए खजाना उगल रहा धन* *13 दिनी आयोजन पर होंगे बीस हजार कारोड रूपए से अधिक खर्च* *(लिमटी खरे)* * आजादी के बासठ सालो... 
 
आज, 11 जुलाई को Zeal वालीं दिव्या श्रीवास्तव का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएं आने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें। अपने मोबाईल फोन पर SMS के द्वारा जनमदिनों...
 
आप इक बार ठोकर से छू लो हमें, * *हम कमल हैं चरण-रज से खिल जायेगें! * *प्यार की ऊर्मियाँ तो दिखाओ जरा, * *संग-ए-दिल मोम बन कर पिघल जायेंगे!!* * * *फूल और शूल दोनों करें जब नमन,* *खूब महकेगा तब जिन्दगी का चम...
 
 
(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे. बड़ी दो बेटियों की शादी हो गयी थी. बड़ा बेटा ...
 
महेन्द्र मिश्र बता रहे हैं- भारत देश को सांप और नागिनों का देश बताने वाले यूरोपीय देश भी अब खुद अंधविश्वास के शिकार .... अब फी भविष्यवाणी को लेकर आक्टोपस और तोता आमने - सामने ...
कभी *यूरोपीय देश* हमारे देश को सांप और नागिनों का देश कहकर खिल्लियाँ उड़ाया करते थे अब फीफा फुटबाल मैच में जीतने की भविष्यवाणी को लेकर खुद रूढ़ीवाद और अंधविश्वास के मायाजाल में उलझ गए है . *फीफा वर्ल्ड कप २...
 
 
 
 
 
 
 
 अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 
 
 
 
 
 
 
 
 

10 comments:

Udan Tashtari July 10, 2010 at 7:54 PM  

बहुत सही चर्चा!

rajesh patel July 10, 2010 at 7:54 PM  

चर्चा अच्छी है

neha July 10, 2010 at 7:56 PM  

बेहतरीन चर्चा

संगीता पुरी July 10, 2010 at 7:58 PM  

बढिया चर्चा .. आभार !!

शिवम् मिश्रा July 10, 2010 at 8:14 PM  

उम्दा चर्चा के लिए आभार !

राम त्यागी July 10, 2010 at 8:25 PM  

बहुत बढ़िया जनाब ....

वन्दना July 10, 2010 at 10:02 PM  

बढिया चर्चा .. आभार।

संगीता स्वरुप ( गीत ) July 10, 2010 at 11:37 PM  

बहुत अच्छे लिंक्स मिले...आभार

अनामिका की सदाये...... July 11, 2010 at 7:39 AM  

बढ़िया चौपाल सजी है जी.

आभार.

ajit gupta July 11, 2010 at 8:23 PM  

सार्थक चर्चा।

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