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"एक शहर जो हर शहर में बसता है" और बिहार, आपकी कसम हम बिहार में ताजमहल बना देंगे.....- ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Wednesday, July 14, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज

और सीधे खोलता है ब्लाग की पोस्टों का राज 
पीडी कहते हैं- "एक शहर जो हर शहर में बसता है" और बिहार
2003 में पहली बार घर से बाहर पाँव रखा और दिल्ली कि और निकल पड़ा.. मुनिरका में अपना आसरा बनाया.. हर शहर में एक ही शहर बसता है.. मैंने पाया कि हर शहर में एक ही जैसे मोहल्ले, विद्यार्थियों और बैचलर के रहने के ...
शादी से पहले.....* पतिः देर किस बात की है। पत्नीः क्या तुम चाहते हो मैं चली जाऊँ? पतिः नहीं, ऐसा तो मैं सोच भी नहीं सकता। पत्नीः क्या तुम मुझे प्यार करते हो? पतिः अवश्य! एक नहीं अनेकों बार!! पत्नीः...
अब महिलाएं बिशप भी बन सकेंगी। चर्च आफ इंग्लैंड ने यह फैसला सुनाया है। इस फैसले से ब्रिटेन के परंपरावादी खेमे में निराशा और नाराजगी का माहौल है। दुनिया भर की महिलाओँ के लिए यह सुकून की खबर है। सेवा के सारे ...
आज हमारा समाज विभिन्न जातियों में, वर्गों में बंटा हुआ है. समाज बना कैसे? जाती बनी कैसे? सभी जानते हैं. वर्ण व्यवस्था अभी की नहीं है, सदियों पुरानी है. चार आश्रम, चार वर्ण कौन नहीं जानता. वर्ण व्यवस्था क...
खो चुकी हूँ आज अपने आपका अपनत्व री सखि ! आज प्राणों में कसक है, ह्रदय में पीड़ा घनेरी, नयन वारिद उमड़ आये, भर निराशा की अँधेरी, धुल चुके अरमान सारे जल चुका है ममत्व री सखि ! खो चुकी हूँ आज अपने आपका अपनत्व ...
 
नवभारत टाइम्स के १४-७-२०१० के अंक पर भी नज़र डालें। शेफील्ड और वारविक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों नें जो दावा किया है वह कितना सच है ? लंदन । पहले अंडा आया या मुर्गी ? यह प्रश्न हजारों वर्षों से लोगों को 
वन विभाग का अमला भले ही यह बात मानने को तैयार नहीं होगा लेकिन हकीकत यही है कि छत्तीसगढ़ के जंगलों में जंगली भैंसों का दिखना कम हो गया है। वन विभाग की उदासीनता, अवैध शिकार और जंगलों की अवैध कटाई के कारण यह.....
कल एक ट्रक सड़क में धसा तो आज मुखर्जी नगर में एक स्कूली बस के पहिये जमीन में धस गए...जिसे करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद निकला गया... इन दोनों ही घटनाओं में कोई हताहत तो नहीं हुआ--- लेकिन ये हादसे विकास क...
'कितना कमजोर है गुब्बारा * *चाँद साँसों में फूल जाता है* *जरा सा आसमां क्या मिला* *अपनी औक...
(जनगणना से जात हटाओ) रविवार को उपवास और धरना देश भर में फैले अपने सभी साथियों से मैं अनुरोध करता हूं कि आप कृपया रविवार (18 जुलाई 2010) को अपने शहर या गांव में सार्वजनिक उपवास और धरने का आयोजन करें| य...
तू पागल है उसे ऐसा मै हर बार कहता हूँ मगर फिर भी न जाने क्यूँ मुझी से प्यार करता है मुझे देखे इसी हसरत से छत पे रोज आता है वहां आकर न जाने क्यूँ वो नजरें भी चुराता है वो ज़माने याद है मुझको वो नखरे याद...
11 जुलाई को ललित शर्मा जी ने एक पोस्‍ट लगायी थी , जिसमें एक चित्र दिखाकर पूछा था कि *हमने इस तारे की फ़ोटो ली, आप देख कर बताईए कि
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे 

5 comments:

pranav July 14, 2010 at 7:51 PM  

मस्त चौपाल सजायी है, बधाइर्

neha July 14, 2010 at 7:52 PM  

चर्चा अच्छी है

संगीता स्वरुप ( गीत ) July 14, 2010 at 9:03 PM  

बढ़िया चौपाल ...नए लिंक्स मिले...आभार

संगीता पुरी July 15, 2010 at 12:39 AM  

आपके चौपाल का भी जबाब नहीं !!

वन्दना July 15, 2010 at 5:35 AM  

आज की चौपाल भी बहुत सुन्दर है………………आभार्।

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