“अपनी आजादी”, क्या हम आजाद है ..?-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी
>> Sunday, August 15, 2010
सभी को नमस्कार करता है आपका राज
आज भी ब्लाग जगत में आजादी के ही चर्चें हैं.....
बन्दी है आजादी अपनी, छल के कारागारों में।* *मैला-पंक समाया है, निर्मल नदियों की धारों में।।* *नीचे से लेकर ऊपर तक, भ्रष्ट-आवरण चढ़ा हुआ,* *झूठे, बे-ईमानों से है, सत्य-आचरण डरा हुआ,*
शानू शुक्ला पूछते हैं- क्या हम आजाद है ..??
कल शाम में दूरदर्शन पर महामहिम राष्ट्रपति जी का देश के नाम सन्देश सुना ...अगर उसमे की एक दो बातो को छोड़ दिया जाये तो उनका पूरा का पूरा भाषण उसी प्रकार हवाई भाषण था जैसे की उनकी कुछ महीने पहले हुयी सुखोई ...
कल शाम में दूरदर्शन पर महामहिम राष्ट्रपति जी का देश के नाम सन्देश सुना ...अगर उसमे की एक दो बातो को छोड़ दिया जाये तो उनका पूरा का पूरा भाषण उसी प्रकार हवाई भाषण था जैसे की उनकी कुछ महीने पहले हुयी सुखोई ...
*राष्ट्रीयता अस्मिता और आजादी की वर्षगाँठ* हरीश प्रकाश गुप्त हम वर्ष प्रतिवर्ष आजादी की एक और वर्षगाँठ मनाते चले जाते है और फूले नहीं समाते हैं। रजत जयंती, स्वर्ण जयंती हम मना ही चुके हैं। आगे भी इसी...
आजादी की निराली अदा
६४ वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी देशवाशियों को बहुत बहुत शुभकामनायें !!* आजादी शब्द ही ऊर्जा के तारों को झंकृत कर देता है, इसलिए भले ही देश में आजादी के बाद हजारों कमियाँ हों, पर आज का ...
वन्दना कहती हैं- बस इतना वादा करती जाओ................
हर जन्म जब भी मिलीं मेरी ना हुयीं हर बार मिलकर भी ना मिलीं अब एक वादा करती जाओ अगले जन्म की आस को कुछ तो संबल देती जाओ मेरी चिर प्रतीक्षित प्यास को अपने वादे के अमृत से सींचती जाओ इस बुझते दिए की ट...
हर जन्म जब भी मिलीं मेरी ना हुयीं हर बार मिलकर भी ना मिलीं अब एक वादा करती जाओ अगले जन्म की आस को कुछ तो संबल देती जाओ मेरी चिर प्रतीक्षित प्यास को अपने वादे के अमृत से सींचती जाओ इस बुझते दिए की ट...

चिट्ठा संकलक चिट्ठाप्रहरी ने हिन्दी ब्लाँग जगत के लिए एक ऐसा विजेट तैयार किया है जो आपके ब्लाँग पर आने वाले पाठको का ध्यान रखेगा ,इस चिट्ठे के उपर नजर डालिये लिखा हुआ मिलेगा-"आपका चिट्ठाप्रहरी पर पुन: स्व...
जैसा कि आप सबको बताया ही था पिछली पोस्ट में कि एक नए सफ़र पर निकलने वाला हूं । और यकीन जानिए बस कुछ देर पहले ही लौटा हूं । इससे पहले कि कुछ और भी बताऊं इस सफ़र के बारे में ....चलिए आपको अपने नए चेहरे से मिलव...
स्वाधीनता दिवस पर विशेष रचना: गीत भारत माँ को नमन करें.... संजीव 'सलिल'
स्वाधीनता दिवस पर विशेष रचना: गीत भारत माँ को नमन करें.... संजीव 'सलिल' * * आओ, हम सब एक साथ मिल भारत माँ को नमन करें. ध्वजा तिरंगी मिल फहराएँ इस धरती को चमन करें..... * नेह नर्मदा अवगाहन कर...
सुपर बग* के बारे पढ़कर सिर्फ यही लगा कि विदेशी हमारी सफलता से जल रहे हैं। उन्हे बर्दाश्त नहीं हो रहा है कि आखिर कैसे भारत में मेडिकल सेवाएं बाकी देशों से सस्ती है। और तो और अच्...
संता - मेरे पडोसी का बच्चा गुम हो गया। बंता - तो तुमने क्या कहा? संता - मैनें कहा गूगल पे सर्च करो। मिल जाये तो डाऊनलोड कर लेना। -------------------------------------------------------------
अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे
कल फिर मिलेंगे
5 comments:
उम्दा चौपाल ..
बहुत ही सुन्दर चौपाल सजाई है।
स्वतंत्रता दिवस की बधाई।
बढ़िया चौपाल सजाई है जी. धन्यवाद.
पहली बार इस ब्लॉग पर आना हुआ.. उत्कृष्ट चर्चा.. बधाई स्वीकार करें
हैपी ब्लॉगिंग
सदा की तरह आज का भी अंक बहुत अच्छा लगा।
Post a Comment