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आज है रक्षा बंधन का त्यौहार-अमर रहे भाई-बहन का प्यार-ब्लाग चौपाल- राजकुमार ग्वालानी

>> Monday, August 23, 2010

सभी को नमस्कार करता है आपका राज

आज रक्षाबंधन है, हमें भी अपनी बहनों के घर भाटापारा जाना है, ऐसे में सोचा चलो आज सुबह-सुबह चौपाल सजा लेते हैं। वैसे अपने घर जाने से पहले एक पत्रकारवार्ता में भी जाना है। समय कम है चलिए देखे आज किस ब्लागर ने क्या लिखा है.... 
यूँ कलाइयाँ तो हैं कई, पर मानव मन, ढूंढता है वही, जो खो गया कहीं 
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यह एक और शनिवार की रात थी, हमेशा की तरह, राहुल देर रात को आया था. अपने दोस्तों उसे उसकी बस्ती के कोने पर छोड़ दिया! उसने मोबाइल में देखा, ३.३० बज रहे थे! राहुल ने दरवाजा खटखटाया. उसके पिता ने दरवाजा खोला!...
सावन में सैयां के लिए और भादों में भैय्या के लिए मेहंदी लगानी चाहिए...इससे प्यार बढ़ता है.  ऑफिस और घर की कवायद के बीच एक बहन कहाँ तक बची रह पाती है मालूम नहीं...वो भी तब जब तबीयत ऐसी ख़राब हो कि गाड़ी चलान...
इस रक्षा बंधन पर विशेष ! प्यारे रहीम, तुम्हारे खत का मजमून पढ़ कर दुःख तो मुझे भी होता है, समाज में अविश्वास और नफरत की जैसी आँधी आई है उसे देख दिल मेरा भी बहुत रोता है ! पर क्या करूँ मेरे दोस्त जब विश्...
छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार ओंकारदास मानिकपुरी ने इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचा दिया है। आमिर खान की हालिया रीलीज फिल्म पीपली लाइव में नत्था की भूमिका निभाने वाला यह कलाकार समूचे देश में ही नत्था के नाम...
कई दिन पूर्व एक खास कार्यक्रम के लिए दूसरे शहर में जाना हुआ , पर जाने के बाद ही कार्यक्रम के रद्द होने की सूचना मिली। वैसे सामान्‍य तौर पर टी वी देखने की मेरी आदत नहीं, कितने दिन पहले मैं टी वी के सामने बै...
अपना पता भूलती नहीं उसका पता मिलता नहीं नगरी नगरी , द्वारे द्वारे खोजती फिरूँ प्यारे को पर उसका ठिकाना मिलता नहीं कमली बन कर डोलूँ मन के वृन्दावन में खोजूँ सांझ सकारे प्रीतम प्यारे दर्शन को तरसे नैना...
इतिहास लेखन शुरू से ही एक अत्यंत ही विवादस्पद मुद्दा रहा है। प्राचीन भारत में भी इतिहास लेखन के अनेक सफल प्रयास हुए हैं और उसी समय से इस बात पर जोर दिया जाता रहा है कि इतिहास लेखन को वैज्ञानिक आधार दिया ज...
सहज साहित्य में शीर्षकहीन
 
हरदीप जीवन एक कला है । साहित्य उसी का सहज मार्ग है । सम्पूर्ण विश्व सुखी हो , यही सच्चे मानव का प्रयास होना चाहिए। रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' 
कोफ्त होती है, झल्लाहट और आक्रोश से मन भर जाता है, जब अपनी बिरादरी के लोगों को बार-बार बचकाना गलती करते देखता हूं। इसलिए नहीं कि ये गलती करते हैं, क्योंकि गलती किसी से हो सकती है। दुख तो इस बात का है कि आज...
  अच्छा तो हम चलते हैं
कल फिर मिलेंगे

11 comments:

Udan Tashtari August 23, 2010 at 6:46 PM  

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

राम त्यागी August 23, 2010 at 6:53 PM  

बहुत बहुत शुभकामनायें रक्षाबंधन की - बढ़िया चर्चा रही ग्वालानी जी !!

ali August 23, 2010 at 8:16 PM  

बढ़िया लिंक्स

ललित शर्मा-للت شرما August 23, 2010 at 9:15 PM  

राजकुमार भाई,श्रावणी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

भाटापारा से तो हमारा जन्मों जन्मों का नाता है।
अपनों के प्यारे संबंधों को हमें निभाना आता है।

संगीता पुरी August 23, 2010 at 9:21 PM  

सुंदर चर्चा .. रक्षाबंधन की बहुत बधाई और शुभकामनाएं !!

वन्दना August 23, 2010 at 11:48 PM  

बढिया लिंक्स्…………रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

अशोक बजाज August 24, 2010 at 12:01 AM  

रक्षाबन्धन के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवम् शुभकामनाएँ

संगीता स्वरुप ( गीत ) August 24, 2010 at 1:38 AM  

बढ़िया चौपाल . रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

Shah Nawaz August 24, 2010 at 2:46 AM  

बढ़िया ब्लाग चौपाल, रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

रंजीत/ Ranjit September 4, 2010 at 5:40 AM  

good work. I appreciate you.
ranjit

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